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इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में जनता की व्यापक भागीदारी देखी गई, जिसमें लगभग 6 लाख लोग शामिल हुए


इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट घोषणापत्र को 92 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन

13 प्रमुख मॉडल प्रदाताओं द्वारा 'नई दिल्ली फ्रंटियर एआई इम्पैक्ट कमिटमेंट्स' पर हस्ताक्षर

एआई मूल्‍य श्रृंखला में निवेश की घोषणाएं, जिसमें अनुमानित निवेश 250 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक होने की उम्मीद

प्रविष्टि तिथि: 11 MAR 2026 3:59PM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की कल्‍पना के अनुरूप, सरकार प्रौद्योगिकी के विकास और इसके उपयोग तक सभी की पहुंच कर रही है। इसका मुख्‍य केन्‍द्र बिन्‍दु वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने और अंततः विभिन्न क्षेत्रों में जीवन को बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करने पर है।

इंडिया - एआई इम्पैक्ट समिट 2026

भारत ने 16–21 फरवरी 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में 'इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026' की मेजबानी की। यह पहली बार था जब वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन श्रृंखला का आयोजन ग्लोबल साउथ में हुआ। यह बदलाव अधिक समावेशी वैश्विक एआई संवाद की दिशा में एक बड़े कदम का संकेत देता है।

इस शिखर सम्मेलन में 100 से अधिक देशों की भागीदारी देखी गई, जिनमें 22 राष्ट्राध्यक्ष या शासनाध्यक्ष और लगभग 10 अंतर्राष्ट्रीय संगठन शामिल थे। प्रतिभागी देशों ने एशिया, यूरोप, अफ्रीका, अमेरिका और ओशिनिया के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व किया। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों और बहुपक्षीय विकास बैंकों जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने भी इसमें सक्रिय रूप से भाग लिया।

शिखर सम्मेलन में जनता की व्यापक भागीदारी देखी गई, जिसमें लगभग 6 लाख लोग व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए और लाइव वर्चुअल स्ट्रीमिंग के माध्यम से 9 लाख से अधिक संचयी व्यूज प्राप्त हुए।

यह शिखर सम्मेलन एक ऐतिहासिक वैश्विक समागम के रूप में संपन्न हुआ, जिसने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नवाचार, शासन, साझेदारी और समावेशी विकास के एक वैश्विक केन्‍द्र के रूप में स्थापित किया।

पाँच दिनों तक चलने वाले इस भव्य आयोजन ने, जो किसी भी विकासशील राष्ट्र द्वारा आयोजित अपनी तरह का सबसे बड़ा कार्यक्रम है, "सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय" के विषय के तहत सरकारों, उद्योगों, शिक्षा जगत, नागरिक समाज और स्टार्टअप के नेताओं को एक साथ लाया।

शिखर सम्मेलन के दौरान घोषित की गई प्रमुख पहलों और परिणामों में शामिल हैं:

  • इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट घोषणापत्र को 92 देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने समर्थन दिया। इस घोषणापत्र में शिखर सम्मेलन के दौरान सात विषयगत कार्य समूहों द्वारा किए गए कार्यों को आधिकारिक रूप से स्वीकार किया गया है।
  • नई दिल्ली फ्रंटियर एआई इम्पैक्ट कमिटमेंट्स क्षेत्र के 13 प्रमुख मॉडल प्रदाताओं द्वारा इन प्रतिबद्धताओं पर हस्ताक्षर किए गए।
  • 7 कार्य समूहों के माध्यम से 12 महत्वपूर्ण परिणाम प्राप्त हुए, जिनमें से प्रत्येक को 20 से अधिक देशों का व्यक्तिगत समर्थन मिला। [यह पिछले शिखर सम्मेलनों की तुलना में काफी अधिक है]।
    • 30 से अधिक देशों की 80 से अधिक 'इम्पैक्ट स्टोरीज' (प्रभाव गाथाओं) के साथ ग्लोबल एआई इम्पैक्ट कॉमन्स का शुभारंभ।
    • अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के साथ साझेदारी में इक्विटेबल एआई ट्रांजिशन प्लेबुक का विमोचन।
    • लचीले, अभिनव और कुशल एआई के लिए स्वैच्छिक मार्गदर्शक सिद्धांतों पर हस्ताक्षर जिन्‍हें 20 से अधिक देशों ने अपना समर्थन दिया।
    • एआई युग में रीस्किलिंग के लिए स्वैच्छिक मार्गदर्शक सिद्धांतों पर हस्‍ताक्षर जिसे 24 देशों ने अपना समर्थन दिया।
    • 25 देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के समर्थन से एआई तक सभी की पहुंच हेतु चार्टर को अपनाया गया।
    • लचीले एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए प्लेबुक का विमोचन।
    • एआई गवर्नेंस पर मार्गदर्शन नोट जारी जिसे 22 देशों ने समर्थन दिया।
    • औपचारिक शुरूआत से पहले 23 भागीदार देशों के साथ ट्रस्टेड एआई कॉमन्स की घोषणा की गई।
    • एआई के माध्यम से समावेश को बढ़ावा देने के लिए गठबंधन की घोषणा जिसे 21 देशों और यूनिसेफ ने समर्थन दिया।
    • 20 भागीदार देशों के साथ विज्ञान संस्थानों के लिए एआई नेटवर्क की शुरुआत की गई।
    • फ्रांस और यूनेस्को के साथ साझेदारी में रेजिलिएंट एआई चैलेंज की शुरूआत की गई।
  • एआई उत्तरदायित्व अभियान वैश्विक रिकॉर्ड: भारत ने 24 घंटों के भीतर "एआई उत्तरदायित्व अभियान के लिए प्राप्त सर्वाधिक प्रतिज्ञाओं" के लिए सफलतापूर्वक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया, जिसमें 2.5 लाख से अधिक प्रमाणित प्रतिज्ञाएँ प्राप्त हुईं।
  • छह वैश्विक केसबुक्स : उच्च-प्रभाव वाले एआई परिनियोजन का दस्तावेजीकरण करने वाली छह वैश्विक केसबुक्स जारी की गईं, जिनमें निम्नलिखित विषय शामिल हैं:
    • स्‍वास्‍थ्‍य में एआई (डब्‍ल्‍यूएचओ के साथ)
    • ऊर्जा में एआई (आईईए के साथ)
    • लैंगिक सशक्तिकरण में एआई (यूएन महिलाओं के साथ मिलकर तैयार)।
    • कृषि में एआई (महाराष्ट्र सरकार द्वारा विश्व बैंक की सहायता से तैयार)।
    • शिक्षा में एआई (सीएसएफ और एकस्टेप फाउंडेशन के साथ मिलकर तैयार)।
    • सुगम्यता में एआई : (एलीम्‍को, आईआईआईटी-बैंगलोर और चेंजइंक फाउंडेशन के साथ मिलकर तैयार)।

एआई इम्पैक्ट स्टार्टअप बुक भी इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) द्वारा लॉन्च की गई, जो भारत के एआई और डीप-टेक स्टार्टअप इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत करती है।

शिखर सम्मेलन में एआई वैल्यू चेन में निवेश प्रतिबद्धताओं की भी घोषणाएं देखी गईं, जिसमें बुनियादी ढांचे, फाउंडेशन मॉडल, हार्डवेयर और एप्लिकेशन के क्षेत्रों में 250 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के अपेक्षित निवेश का अनुमान है।

प्रमुख भारतीय कंपनियों ने सामूहिक रूप से एआई बुनियादी ढांचे और डिजिटल इकोसिस्टम में 100 बिलियन डॉलर से अधिक निवेश करने की योजना की घोषणा की, साथ ही 'एआई-रेडी' डेटा केंद्रों के विस्तार के लिए रणनीतिक साझेदारी भी की।

  • इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के इतर, इण्डिया एआई मिशन और बिजनेस स्वीडन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने तथा भारत और स्वीडन के बीच व्यापार एवं निवेश जुड़ाव को बढ़ावा देने के लिए एक आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए।

यह जानकारी आज लोकसभा में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव द्वारा प्रदान की गई।

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पीके/जेके/केपी/एसएस


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