कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
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पीएम-सेतु के अंतर्गत हब-एंड-स्पोक मॉडल

प्रविष्टि तिथि: 11 MAR 2026 4:16PM by PIB Delhi

उन्नत आईटीआई के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार परिवर्तन (प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई- पी एम सेतु) योजना के अंतर्गत आईटीआई के चयन की प्रक्रिया संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों द्वारा उद्योगों के परामर्श से पूर्ण की जाती है। इसका उद्देश्य जिन कौशल आवश्यकताओं की मांग बढ़ रही है उनके अनुरूप और स्थानीय औद्योगिक संभावनाओं के अनुरूप प्रशिक्षण व्यवस्था को विकसित करना है। इसी के अनुसार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उद्योग साझेदारों के सहयोग से आईटीआई के उन्नयन के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने होते हैं। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने इस योजना के लिए एक राष्ट्रीय संचालन समिति (एन एस सी) का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता मंत्रालय के सचिव करते हैं। यह समिति योजना के लिए समग्र दृष्टि प्रदान करने, व्यापक नीतिगत दिशा तय करने, संचालन संबंधी दिशानिर्देशों को अंतिम रूप देने, योजना की निगरानी करने तथा आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठाने का कार्य करती है। अब तक 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपने-अपने स्तर पर राज्य संचालन समिति (एस एस सी) का गठन किया है। इन समितियों की अध्यक्षता संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य सचिव करते हैं। यह समितियाँ राज्य स्तर पर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मार्गदर्शन और निगरानी का कार्य करती हैं। इसके अतिरिक्त, 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने उद्योगों से रुचि आमंत्रित करने के लिए प्रस्ताव जारी किए हैं। स्पेशल पर्पज वहिकल (एस पी वी) का गठन करने के लिए उद्योग भागीदार का चयन करना होगा और उद्योग को अनुरोध प्रस्ताव के प्रत्युत्तर में एक रणनीतिक निवेश योजना प्रस्तुत करनी होती है।

उन्नत आईटीआई के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार परिवर्तन (PM-SETU) योजना के अंतर्गत उद्योगों के नेतृत्व में गठित स्पेशल पर्पज वहिकल (एस पी वी) आईटीआई के उन्नयन की प्रक्रिया का नेतृत्व करेंगे। इन एसपीवी को स्थानीय उद्योगों की आवश्यकताओं तथा योजना के दिशानिर्देशों के अनुरूप पाठ्यक्रम के संशोधन, प्रशिक्षण मॉडल, आधारभूत संरचना के उन्नयन और उद्योग में व्यावहारिक अनुभव (इंडस्ट्री एक्सपोज़र) से संबंधित आवश्यक हस्तक्षेप प्रस्तावित करने का अधिकार होगा। प्रशिक्षण महानिदेशालय (डी जी टी) ने क्राफ्ट्समैन ट्रेनिंग स्कीम (सी टी एस) के अंतर्गत नई पीढ़ी के 31 पाठ्यक्रम प्रारंभ किए हैं। इन नए पाठ्यक्रमों की सूची परिशिष्ट-I में दी गई है।

उन्नत आईटीआई के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार परिवर्तन (PM-SETU) योजना के अंतर्गत उद्योगों की भागीदारी उद्योग-नेतृत्व वाले स्पेशल पर्पज वहिकल (एस पी वी) के माध्यम से सुनिश्चित की गई है। इस व्यवस्था में सूत्रधार की भूमिका में होंगे साझेदार उद्योग, जिनके पास प्रबंधन में बहुमत नियंत्रण होता है और वह राज्य सरकार के साथ मिलकर चयनित आईटीआई के उन्नयन का कार्य करता है। इस संस्थागत व्यवस्था के माध्यम से उद्योग भागीदारों से अपेक्षा की जाती है कि वे उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप नई पीढ़ी के पाठ्यक्रम शुरू करें और उद्योग से संबंधित प्रशिक्षण की व्यवस्था करें। इसमें प्रशिक्षणार्थियों को उत्पादन वातावरण तथा उद्योग के कार्यस्थलों का प्रत्यक्ष अनुभव (इंडस्ट्री एक्सपोज़र) भी प्रदान किया जाएगा, जिससे उनकी रोजगार क्षमता को सुदृढ़ किया जा सके और उन्हें उभरते हुए क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान किया जा सके। उन्नत किए गए आईटीआई का उद्देश्य रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए मार्ग प्रशस्त करना भी है, जिसमें डिजिटल और क्रिएटिव अर्थव्यवस्था के उभरते क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

अनुलग्नक - I

आई टी आई संस्थानों में संचालित नई पीढ़ी के पाठ्यक्रम

क्रम संख्या

पाठ्यक्रम का नाम

1

एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (3डी  प्रिंटिंग) टेक्नीशियन

2

एयरोनॉटिकल स्ट्रक्चर और इक्विपमेंट फिटर

3

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोग्रामिंग असिस्टेंट

4

एडवांस सी एन सी मशीनिंग टेक्नीशियन

5

कंप्यूटर एडेड मैन्युफैक्चरिंग (सी एम) प्रोग्रामर

6

साइबर सिक्योरिटी असिस्टेंट

7

डेटा एनोटेशन असिस्टेंट

8

ड्रोन पायलट (जूनियर)

9

ड्रोन टेक्नीशियन

10

इंजीनियरिंग डिज़ाइन टेक्नीशियन (एडवांस्ड टूल का इस्तेमाल करने वाला कारीगर)

11

फाइबर टू होम टेक्नीशियन

12

जियो इंफॉर्मेटिक्स असिस्टेंट

13

ग्रीन हाइड्रोजन प्रोडक्शन टेक्नीशियन

14

इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आई आई टी) टेक्नीशियन

15

इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग

16

इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी

17

इंटरनेट ऑफ थिंग्स टेक्नीशियन (स्मार्ट एग्रीकल्चर)

18

इंटरनेट ऑफ थिंग्स टेक्नीशियन (स्मार्ट सिटी)

19

इंटरनेट ऑफ थिंग्स टेक्नीशियन (स्मार्ट हेल्थकेयर)

20

मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस कंट्रोल और ऑटोमेशन

21

मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल

22

मल्टीमीडिया, एनिमेशन और स्पेशल इफेक्ट्स

23

सेमीकंडक्टर टेक्नीशियन

24

स्मॉल हाइड्रो पावर प्लांट टेक्नीशियन

25

स्मार्टफोन टेक्नीशियन कम ऐप टेस्टर

26

सॉफ्टवेयर टेस्टिंग असिस्टेंट

27

सोलर टेक्नीशियन (इलेक्ट्रिकल)

28

टेक्नीशियन मेक्ट्रोनिक्स

29

वर्चुअल एनालिसिस और डिज़ाइनर - एफ एम (फाइनाइट एलिमेंट मेथड) (बेसिक डिज़ाइनर और वर्चुअल वेरिफायर)

30

विंड प्लांट टेक्नीशियन

31

5 जी नेटवर्क टेक्नीशियन

 

यह जानकारी कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री- स्वतंत्र प्रभार श्री जयंत चौधरी ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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पीके  / केसी / डीटी/ डीए


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