गृह मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन

प्रविष्टि तिथि: 11 MAR 2026 4:26PM by PIB Delhi

पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) अपने प्रकाशन “Data on Police Organizations” में साइबर अपराध पुलिस थानों से संबंधित सांख्यिकीय आँकड़ों का संकलन और प्रकाशन करता है। BPR&D द्वारा प्रकाशित आँकड़ों के अनुसार, 01.01.2024 की स्थिति में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के अनुसार साइबर अपराध पुलिस थानों का विवरण परिशिष्ट-I में दिया गया है। राज्य/केंद्र शासित प्रदेश आवश्यकता के अनुसार पुलिस थानों की स्थापना करते हैं।

भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची के अनुसार ‘पुलिस’ और ‘लोक व्यवस्था’ राज्य विषय हैं। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों (LEAs) के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी सहित अपराधों की रोकथाम, पता लगाना, जांच, शिकायत दर्ज करना, धन की वसूली, पीड़ित सहायता प्रणाली, अभियोजन तथा साइबर अपराध पुलिस थानों की स्थापना और उन्हें सुदृढ़ करना मुख्य रूप से राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की जिम्मेदारी है। केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत परामर्श और वित्तीय सहायता के माध्यम से उनकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की क्षमता निर्माण के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की पहलों का पूरक समर्थन करती है।

केंद्र सरकार ने समय-समय पर राज्यों को सलाह दी है कि वे इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर’ (I4C) की तर्ज पर स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर’ (S4C) स्थापित करें, ताकि I4C के साथ साइबर अपराध संबंधी खतरे की जानकारी का निर्बाध आदान-प्रदान हो सके।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) अपने प्रकाशन “Crime in India” में अपराधों से संबंधित सांख्यिकीय आँकड़ों का संकलन और प्रकाशन करता है। नवीनतम प्रकाशित रिपोर्ट वर्ष 2023 की है। NCRB द्वारा प्रकाशित आँकड़ों के अनुसार, 2021 से 2023 की अवधि के दौरान संचार उपकरणों को माध्यम/लक्ष्य बनाकर किए गए साइबर अपराधों के अंतर्गत दर्ज मामलों, आरोपपत्र दाखिल मामलों, दोषसिद्ध मामलों, गिरफ्तार व्यक्तियों, आरोपपत्रित व्यक्तियों और दोषसिद्ध व्यक्तियों का राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार विवरण परिशिष्ट-II में दिया गया है।

साइबर अपराधों से व्यापक और समन्वित तरीके से निपटने की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं, जिनमें अन्य बातों के साथ-साथ निम्नलिखित शामिल हैं—

  1. गृह मंत्रालय ने देश में सभी प्रकार के साइबर अपराधों से समन्वित और व्यापक तरीके से निपटने के लिए एक संबद्ध कार्यालय के रूप में इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर’ (I4C) की स्थापना की है।

  • II. नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल’ (NCRP) (https://cybercrime.gov.in) को I4C के एक भाग के रूप में शुरू किया गया है, ताकि जनता सभी प्रकार के साइबर अपराधों की घटनाओं की रिपोर्ट कर सके, विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराधों पर ध्यान केंद्रित करते हुए। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज साइबर अपराध की घटनाओं को एफआईआर में परिवर्तित करना तथा उसके बाद की कार्रवाई जैसे आरोपपत्र दाखिल करना, गिरफ्तारी और शिकायतों का निपटारा संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा कानून के प्रावधानों के अनुसार किया जाता है।

  1. I4C के अंतर्गत सिटिजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम’ (CFCFRMS) वर्ष 2021 में शुरू किया गया, ताकि वित्तीय धोखाधड़ी की तत्काल रिपोर्टिंग हो सके और ठगों द्वारा धन की निकासी को रोका जा सके। I4C द्वारा संचालित CFCFRMS के अनुसार 31.01.2026 तक 24.65 लाख से अधिक शिकायतों में ₹8,690 करोड़ से अधिक की राशि बचाई गई है। ऑनलाइन साइबर शिकायत दर्ज कराने में सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर ‘1930’ भी संचालित किया गया है।

  • IV. I4C में एक अत्याधुनिक साइबर फ्रॉड मिटीगेशन सेंटर (CFMC) स्थापित किया गया है, जहाँ प्रमुख बैंकों, वित्तीय मध्यस्थों, पेमेंट एग्रीगेटर्स, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं, आईटी मध्यस्थों और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधि एक साथ काम कर रहे हैं, ताकि साइबर अपराध से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई और निर्बाध सहयोग सुनिश्चित किया जा सके।

  1. 31.01.2026 तक पुलिस प्राधिकरणों द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार भारत सरकार ने 12.94 लाख से अधिक सिम कार्ड और 3.03 लाख IMEI को ब्लॉक किया है।

  • VI. बैंकों और NCRP के CFCFRMS मॉड्यूल के बीच एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (API) एकीकरण लागू किया गया है। इससे वास्तविक समय में संचार और सूचना का आदान-प्रदान, डेटा अद्यतन तथा लियन मार्किंग जैसी कार्रवाई संभव हो पाती है। यह सक्रिय व्यवस्था वित्तीय प्रणाली से धन के स्थानांतरण या निकासी की संभावना को कम करने में मदद करती है। यह एकीकरण I4C और विभिन्न बैंकों/वित्तीय संस्थानों के बीच संदिग्ध डेटा के सुरक्षित और कुशल आदान-प्रदान को भी मजबूत करता है।

  1. संचार साथी (Sanchar Saathi) और NCRP के बीच भी API एकीकरण लागू किया गया है, ताकि NCRP पर रिपोर्ट किए गए संदिग्ध पहचानकर्ताओं को दूरसंचार विभाग (DoT) के साथ साझा किया जा सके और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा वास्तविक समय में कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। यह API NCRP पर रिपोर्ट किए गए संदिग्ध मोबाइल नंबरों को DoT के साथ साझा करने और उस पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करता है।

  2. I4C, गृह मंत्रालय द्वारा नियमित रूप से स्टेट कनेक्ट’, थाना कनेक्ट’ और सहकर्मी शिक्षण सत्र आयोजित किए जाते हैं, ताकि सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान हो सके और क्षमता निर्माण को बढ़ावा मिले।

  • IX. अत्याधुनिक नेशनल-डिजिटल इन्वेस्टिगेशन सपोर्ट सेंटर (पूर्व में नेशनल साइबर फोरेंसिक लैबोरेटरी (इन्वेस्टिगेशन) {NCFL(I)}) की स्थापना I4C के अंतर्गत नई दिल्ली में (18.02.2019 को) और असम में (29.08.2025 को) की गई है, ताकि राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस के जांच अधिकारियों को प्रारंभिक चरण में साइबर फोरेंसिक सहायता प्रदान की जा सके। 31.01.2026 तक नेशनल-डिजिटल इन्वेस्टिगेशन सपोर्ट सेंटर, नई दिल्ली ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को साइबर अपराध से संबंधित 13,417 से अधिक मामलों में सेवाएँ प्रदान की हैं।

  1. ‘CyTrain’ पोर्टल नामक एक विशाल ओपन ऑनलाइन कोर्स (MOOC) प्लेटफॉर्म I4C के अंतर्गत विकसित किया गया है, ताकि पुलिस अधिकारियों और न्यायिक अधिकारियों को साइबर अपराध जांच, फोरेंसिक, अभियोजन आदि के महत्वपूर्ण पहलुओं पर ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के माध्यम से क्षमता निर्माण में सहायता मिल सके। 31.01.2026 तक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 1,51,081 से अधिक पुलिस/न्यायिक अधिकारी इस पोर्टल पर पंजीकृत हैं और 1,42,025 से अधिक प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके हैं।

  • XI. साइबर अपराधियों की पहचान संबंधी सस्पेक्ट रजिस्ट्री को 10.09.2024 को I4C द्वारा बैंकों/वित्तीय संस्थानों के सहयोग से शुरू किया गया। 31.01.2026 तक बैंकों से 23.05 लाख से अधिक संदिग्ध पहचानकर्ता डेटा प्राप्त हुए हैं और 27.37 लाख लेयर-1 म्यूल खातों की जानकारी सहभागी संस्थाओं के साथ साझा की गई है, जिससे ₹9518.91 करोड़ के लेनदेन को अस्वीकार किया गया।

  1. I4C के अंतर्गत मेवात, जामताड़ा, अहमदाबाद, हैदराबाद, चंडीगढ़, विशाखापत्तनम और गुवाहाटी के लिए सात संयुक्त साइबर समन्वय टीमें (JCCTs) गठित की गई हैं। ये टीमें साइबर अपराध हॉटस्पॉट और बहु-अधिकार क्षेत्र वाले क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल करके देश भर में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाई गई हैं।

  2. समन्वय’ प्लेटफॉर्म को एक प्रबंधन सूचना प्रणाली (MIS), डेटा भंडार और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए साइबर अपराध डेटा साझाकरण और विश्लेषण मंच के रूप में संचालित किया गया है। यह विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में साइबर अपराध शिकायतों में शामिल अपराधों और अपराधियों के बीच विश्लेषण आधारित अंतर-राज्यीय संबंधों की जानकारी प्रदान करता है। प्रतिबिंब’ मॉड्यूल अपराधियों और अपराध से जुड़े बुनियादी ढांचे के स्थानों को मानचित्र पर दर्शाता है, जिससे संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दृश्यता मिलती है। यह मॉड्यूल कानून प्रवर्तन एजेंसियों को I4C और अन्य विशेषज्ञों से तकनीकी-कानूनी सहायता प्राप्त करने में भी मदद करता है। इसके परिणामस्वरूप 21,857 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और 1,49,636 से अधिक साइबर जांच सहायता अनुरोध प्राप्त हुए हैं।

  3. केंद्र सरकार ने 2 जनवरी 2026 को एक व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। यह नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) और सिटिजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (CFCFRMS) के माध्यम से शिकायतों के निपटारे के लिए एक समान और पीड़ित-केंद्रित ढांचा प्रदान करती है। NCRP-CFCFRMS के लिए यह SOP एक समर्पित समन्वय तंत्र को रेखांकित करती है, जिससे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ सहयोग को और मजबूत किया जा सके, क्योंकि उनकी पुलिस एजेंसियाँ इस प्रणाली की प्रमुख हितधारक हैं।

अनुलग्नक-1

साइबर अपराध पुलिस स्टेशनों का राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार विवरण

क्रम संख्या

राज्य/केंद्र शासित प्रदेश

साइबर अपराध पुलिस थानों की संख्या

1

आंध्र प्रदेश

3

2

अरुणाचल प्रदेश

1

3

असम

0

4

बिहार

44

5

छत्तीसगढ़

6

6

गोवा

1

7

गुजरात

39

8

हरियाणा

29

9

हिमाचल प्रदेश

4

10

झारखंड

7

11

कर्नाटक

2

12

केरल

20

13

मध्य प्रदेश

1

14

महाराष्ट्र

47

15

मणिपुर

1

16

मेघालय

1

17

मिजोरम

1

18

नागालैंड

1

19

ओडिशा

15

20

पंजाब

2

21

राजस्थान

34

22

सिक्किम

0

23

तमिलनाडु

54

24

तेलंगाना

13

25

त्रिपुरा

0

26

उत्तर प्रदेश

75

27

उत्तराखंड

2

28

पश्चिम बंगाल

36

29

A & N आइलैंड्स

1

30

चंडीगढ़

1

31

दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव

0

32

दिल्ली

15

33

जम्मू और कश्मीर

2

34

लद्दाख

0

35

लक्षद्वीप

0

36

पुडुचेरी

1

 

कुल

459

स्रोत: BPR&D प्रकाशन “पुलिस संगठनों पर डेटा” (01.01.2024 तक)

अनुलग्नक-II

2021-2023 के दौरान साइबर अपराधों के तहत राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के अनुसार दर्ज मामले (CR), चार्जशीट किए गए मामले (CCS), दोषी पाए गए मामले (CON), गिरफ्तार किए गए लोग (PAR), चार्जशीट किए गए लोग (PCS) और दोषी पाए गए लोग (PCV)

क्र. सं.

राज्य/केंद्र शासित प्रदेश

2021

2022

2023

CR

CCS

CONN

PAR

PCS

PCVV

CR

CCS

CON

PAR

PCS

PCV

CR

CCS

CONN

PAR

PCS

PCV

1

आंध्र प्रदेश

1875

374

8

363

515

8

2341

394

8

538

719

13

2341

513

2

485

722

2

2

अरुणाचल प्रदेश

47

3

0

5

3

0

14

5

0

5

5

0

24

1

0

2

1

0

3

असम

4846

579

2

6096

931

2

1733

634

6

2078

776

7

909

521

2

903

659

2

4

बिहार

1413

424

2

980

520

2

1621

901

2

1435

1009

2

4450

2052

2

2634

2570

9

5

छत्तीसगढ़

352

200

0

260

245

0

439

331

37

393

384

38

473

389

5

616

549

8

6

गोवा

36

18

0

42

22

0

90

15

0

41

23

0

86

18

0

106

25

0

7

गुजरात

1536

715

0

1395

1394

0

1417

789

0

1327

1317

0

1995

945

4

2081

2055

4

8

हरियाणा

622

326

3

647

601

4

681

386

6

935

656

9

751

547

14

1246

1132

21

9

हिमाचल प्रदेश

70

63

1

68

77

1

77

43

1

30

48

1

127

33

2

17

39

2

10

झारखंड

953

400

25

1414

1215

45

967

419

6

1053

925

6

1079

551

114

1157

1176

121

11

कर्नाटक

8136

5801

10

615

5967

12

12556

3368

12

679

3557

13

21889

2767

44

1107

3480

49

12

केरल

626

287

2

447

345

2

773

441

7

550

537

7

3295

386

6

462

480

6

13

मध्य प्रदेश

589

487

50

803

802

119

826

471

59

664

723

78

685

445

82

493

555

105

14

महाराष्ट्र

5562

1428

23

2475

1914

60

8249

1410

15

2582

2000

18

8103

1914

10

3248

2640

13

15

मणिपुर

67

2

0

31

2

0

18

0

0

12

0

0

3

0

0

3

0

0

16

मेघालय

107

6

0

2

8

0

75

4

0

6

6

0

64

3

0

0

3

0

17

मिजोरम

30

20

3

31

21

3

1

0

0

0

0

0

31

13

0

28

16

0

18

नागालैंड

8

0

0

1

0

0

4

1

0

3

1

0

2

1

0

1

1

0

19

ओडिशा

2037

313

0

363

412

0

1983

283

3

379

433

3

2348

295

5

487

574

18

20

पंजाब

551

188

4

416

247

4

697

143

3

489

195

3

511

197

5

498

242

8

21

राजस्थान

1504

502

23

861

864

40

1833

677

28

884

870

32

2435

763

44

1112

1117

48

22

सिक्किम

0

0

0

0

0

0

26

0

0

0

0

0

12

2

0

4

2

0

23

तमिलनाडु

1076

147

6

612

198

8

2082

245

5

916

382

8

4121

290

27

1190

459

32

24

तेलंगाना

10303

1361

19

1478

2179

21

15297

2393

60

2442

3967

78

18236

2439

22

1011

4969

26

25

त्रिपुरा

24

10

0

8

10

0

30

9

0

3

12

0

36

16

1

16

17

1

26

उत्तर प्रदेश

8829

4407

292

6887

6006

387

10117

4737

838

7122

6571

1068

10794

4582

443

6537

6960

556

27

उत्तराखंड

718

158

0

207

266

0

559

121

0

155

181

0

494

239

22

225

297

26

28

पश्चिम बंगाल

513

307

17

246

336

17

401

432

11

355

493

11

309

296

0

160

413

0

 

कुल राज्य

52430

18526

490

26753

25100

735

64907

18652

1107

25076

25790

1395

85603

20218

856

25829

31153

1057

29

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

8

3

0

12

4

0

28

7

1

9

7

1

47

24

0

8

26

0

30

चंडीगढ़

15

6

0

9

7

0

27

8

2

17

9

3

23

10

1

19

20

1

31

दमन और दीव

5

2

0

4

4

0

5

5

0

4

6

0

6

5

0

8

5

0

32

दिल्ली

356

157

1

494

336

1

685

192

6

589

345

6

407

197

26

310

272

42

33

जम्मू और कश्मीर

154

49

0

102

60

0

173

53

1

76

79

1

185

63

3

104

92

4

34

लद्दाख

5

0

0

0

0

0

3

0

0

0

0

0

1

0

0

0

0

0

35

लक्षद्वीप

1

1

0

0

1

0

1

0

1

0

0

1

1

0

0

0

0

0

36

पुडुचेरी

0

0

0

0

0

0

64

8

0

28

25

0

147

9

0

31

16

0

 

कुल केंद्र शासित प्रदेश

544

218

1

621

412

1

986

273

11

723

471

12

817

308

30

480

431

47

 

कुल (पूरा भारत)

52974

18744

491

27374

25512

736

65893

18925

1118

25799

26261

1407

86420

20526

886

26309

31584

1104

सोर्स: क्राइम इन इंडिया

यह बात गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री बंदी संजय कुमार ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कही।

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पीके/केसी/वीएस/डीए


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