कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
कौशल एवं उद्यमिता योजनाओं के अंतर्गत स्वरोज़गार उपक्रम
प्रविष्टि तिथि:
11 MAR 2026 4:15PM by PIB Delhi
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय, अपने स्वायत्त संस्थानों - राष्ट्रीय उद्यमिता और लघु व्यवसाय विकास संस्थान (एन आई ए एस बी यू डी), नोएडा और भारतीय उद्यमिता संस्थान (आई आई ई), गुवाहाटी के माध्यम से उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ई डी पी) और उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम (ई एस डी पी) को कार्यान्वित करता है। उद्यम आरंभ करने वालों को आरंभ से अंत तक सहयोग प्रदान करने वाले ये संस्थान न केवल उद्यमशीलता और प्रबंधकीय कौशल प्रदान करने हेतु तैयार किए गए हैं, बल्कि मार्गदर्शन, हैंडहोल्डिंग और इनक्यूबेशन सुविधाओं तक पहुँच के माध्यम से मजबूत प्रशिक्षण के बाद समर्थन भी प्रदान करते हैं। प्रशिक्षण के बाद छह महीने की अवधि के लिए हर पखवाड़े टेली-कॉलिंग, वीडियो कॉल और प्रत्यक्ष बैठकों के माध्यम से नियमित बातचीत आयोजित की जाती है। जानकारी यह है कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों में कम से कम 30 प्रतिशत ने अपने उद्यमशीलता उपक्रमों को सफलतापूर्वक आरंभ कर दिया है। उद्यमिता सहयोग कार्यक्रम - प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पी एम के वी वाई 4.0), पी एम विश्वकर्मा, प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पी एम जनमन), धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान (डी ए जे जी यू ए), और पी एम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जैसी योजनाओं के साथ भी जुड़े हुए हैं।
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार की अलग-अलग योजनाओं - जैसे प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पी एम एम वाई), स्टैंड-अप इंडिया, फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स (एफ एफ एस), स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम (एस आई एस एफ एस) और क्रेडिट गारंटी स्कीम फॉर स्टार्टअप्स (सी जी एस एस) आदि के अंतर्गत फाइनेंशियल क्रेडिट तक पहुंच की सुविधा भी देता है। मार्केट लिंकेज को गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जी ई एम) और ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओ एन डी सी) जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के ज़रिए सपोर्ट किया जाता है। स्टार्टअप इंडिया का एम ए ए आर जी (मेंटरशिप, एडवाइजरी, असिस्टेंस, रेजिलिएंस एंड ग्रोथ) पोर्टल अलग-अलग क्षेत्र, कार्य, स्तर, भौगोलिक और बैकग्राउंड वाले स्टार्टअप्स के लिए मेंटरशिप की सुविधा देने वाला वन स्टॉप प्लेटफॉर्म है।
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने नीति आयोग के महिला उद्यमिता मंच के सहयोग से फरवरी 2025 में “स्वावलंबिनी – महिला उद्यमिता कार्यक्रम” शुरू किया। यह कार्यक्रम उत्तर–पूर्वी राज्यों असम, मेघालय और मिजोरम के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और तेलंगाना में प्रारंभ किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं के बीच उद्यमिता की सोच और मानसिकता को विकसित करना है। इसके अंतर्गत उद्यमिता जागरूकता प्रशिक्षण और उद्यमिता विकास कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रमों से लेकर उद्यमिता विकास कार्यक्रमों तक पहुँचने वाली एक चरणबद्ध और सुव्यवस्थित प्रक्रिया के माध्यम से लाभार्थियों को प्रारंभिक मार्गदर्शन तथा विस्तृत क्षमता निर्माण के लिए सहयोग प्रदान किया जाता है। यह प्रक्रिया स्वरोज़गार आधारित उद्यमों की स्थिरता को मजबूत करती है, साथ ही इससे उद्यमों के विफल होने की संभावना कम हो जाती है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समाप्ति के बाद भी संभावित और वर्तमान उद्यमियों को सहयोग प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (एन आई ई एस बी यू डी) और भारतीय उद्यमिता संस्थान (आई आई ई) ने ढांचागत मार्गदर्शन और सहयोग की व्यवस्था विकसित की है। इससे उद्यमों की प्रभावी स्थापना और उनकी दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने में सहायता मिलती है।
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय, उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए कई पहलें करता है, जो स्थिर आय सृजन को भी समर्थन प्रदान करती हैं। इनमें वित्त तक पहुँच और बाज़ार से जुड़ाव सुनिश्चित करने जैसे प्रयास शामिल हैं। मार्गदर्शन और सहयोग के अंतर्गत व्यवसाय की अवधारणा तैयार करने और उसकी व्यवहार्यता की पुष्टि करने, परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने, उपयुक्त उद्यम गतिविधि का चयन करने, बैंक संबंधी प्रक्रियाओं में सहायता प्रदान करने, वित्तीय और विपणन संबंध स्थापित करने तथा आवश्यक नियामकीय अनुपालन पूरा करने में सहयोग दिया जाता है। इसके अतिरिक्त, संस्थान प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागियों को अपने उत्पादों और सेवाओं को प्रदर्शित करने के लिए व्यापार प्रदर्शनियों और मेलों में भाग लेने का अवसर भी प्रदान करता है। इससे उनकी पहचान बढ़ती है और उद्यमों के लिए स्थायी बाज़ार संबंध मजबूत होते हैं।
यह जानकारी आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयंत चौधरी द्वारा दी गई।
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पीके/केसी/डीटी/ डीए
(रिलीज़ आईडी: 2238573)
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