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भारतीय रेल ₹836 करोड़ की कल्याण–मुरबाड नई रेल लाइन परियोजना को आगे बढ़ा रहा है; भूमि अधिग्रहण अंतिम चरण में : श्री अश्विनी वैष्णव


मुंबई क्षेत्र में ट्रेनों के संचालन क्षमता विस्तार के लिए व्यापक कार्य जारी; 12 स्टेशनों पर अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, पिट लाइन, सिक लाइन और स्टेबलिंग लाइन जोड़ी जा रही हैं

मुंबई शहरी परिवहन परियोजना (एम यू टी पी) के अंतर्गत 238 नए डोर-फिटेड उपनगरीय रेक स्वीकृत; 15-कोच वाले ईएमयू संचालन के लिए 34 स्टेशनों के प्लेटफॉर्म का विस्तार

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना के गुजरात खंड में आधारभूत सिविल कार्य—जैसे बुनियाद, पियर और गर्डर कार्य—का अधिकांश भाग पूरा; 12 में से 8 स्टेशनों पर नींव का कार्य पूर्ण

भारतीय रेल में संचालित 128 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल में 9 महाराष्ट्र में; देशभर में 288 टर्मिनलों के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई

प्रविष्टि तिथि: 11 MAR 2026 6:38PM by PIB Delhi

भारतीय रेल में नेटवर्क विस्तार का कार्य व्यापक स्तर पर किया जा रहा है, जिसमें महाराष्ट्र राज्य में स्थित रेल नेटवर्क भी शामिल है। पिछले दस वर्षों में बजट आवंटन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। महाराष्ट्र राज्य में पूर्णतः या आंशिक रूप से आने वाली अवसंरचना परियोजनाओं तथा सुरक्षा संबंधी कार्यों के लिए बजट आवंटन निम्नलिखित है:

 

अवधि

व्यय

2009-14

₹1,171 करोड़ प्रति वर्ष

2025-26

₹23,778 करोड़ (20 गुना अधिक)

 

836 करोड़ रुपये की लागत वाली कल्याण–मुरबाड (28 किमी) नई रेल लाइन परियोजना को स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना में 50% लागत महाराष्ट्र सरकार जबकि 50% भारतीय रेल उठाएगी। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए इसे विशेष रेलवे परियोजना घोषित किया गया है। इस परियोजना के लिए कुल 214 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। भूमि अधिग्रहण के प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिए गए हैं और वर्तमान में यह प्रक्रिया विभिन्न चरणों में जारी है।

मुंबई क्षेत्र में ट्रेनों के संचालन की क्षमता में वृद्धि हो रही है:

वर्तमान समय में मुंबई क्षेत्र में प्रतिदिन मुंबई से से चलने वाली लगभग 120 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें तथा लगभग 3200 उपनगरीय ट्रेनें संचालित और प्रबंधित की जाती हैं। मुंबई क्षेत्र के विभिन्न स्टेशनों पर ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ाने के लिए निम्नलिखित कार्य विभिन्न स्टेशनों पर या पूर्ण हो चुके हैं, या प्रगति पर हैं:

 

क्रम संख्या

स्थान

विवरण

1

बांद्रा टर्मिनस

3 पिट लाइन पूर्ण हो चुकी हैं

2

मुंबई सेंट्रल

24 अल एच बी कोच के लिए प्लेटफॉर्म बढ़ाना

3

जोगेश्वरी

2 और प्लेटफॉर्म

4

दादर

1 और प्लेटफॉर्म

5

वासी रोड

6 प्लेटफॉर्म, 3 पिट लाइन और 5 स्टेबलिंग लाइन

6

पनवेल-कलमबोली

5 प्लेटफॉर्म, 4 पिट लाइन और 2 सिक लाइन

7

कल्याण

6 प्लेटफॉर्म और 4 पिट लाइन

8

अल टी टी

4 प्लेटफॉर्म और 2 पिट लाइन

9

परेल

6 प्लेटफॉर्म, 5 पिट लाइन, 6 स्टेबलिंग लाइन

10

विरार

25 स्टेबलिंग लाइन

11

दहानु रोड

11 स्टेबलिंग लाइन

12

मीरा रोड

25 स्टेबलिंग लाइन

 

प्लेटफॉर्म लंबाई विस्तार:


उपरोक्त कार्यों के अतिरिक्त, 15-कोच वाली ईएमयू ट्रेनों का संचालन शुरू करने के लिए 34 स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म विस्तार का कार्य भी शुरू किया गया है।

क्षमता वृद्धि हेतु नई परियोजनाएँ:

मुंबई उपनगरीय क्षेत्र में रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से मुंबई शहरी परिवहन परियोजना (एम यू टी पी)-II की लागत ₹8,087 करोड़ है, एम यू टी पी -III की लागत ₹10,947 करोड़ है तथा एम यू टी पी -IIIए  की लागत ₹33,690 करोड़ है, जिसे स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं के अंतर्गत मुंबई उपनगरीय क्षेत्र में निम्नलिखित कार्य शामिल हैं:

 

क्रम संख्या

परियोजना का नाम

लागत

(करोड़ रुपये में)

1

सी एस एम टी -कुर्ला 5वीं और 6ठी लाइन (एम यू टी पी -II) (17.5 किमी)

891

2

मुंबई सेंट्रल-बोरीवली 6ठी लाइन (एम यू टी पी -II) (30 किमी)

919

3

गोरेगांव-बोरीवली से हार्बर लाइन का एक्सटेंशन (एम यू टी पी -IIIA) (7 किमी)

826

4

बोरीवली-विरार 5वीं और 6ठी लाइन (एम यू टी पी -IIIA) (26 किमी)

2,184

5

विरार-दहानू रोड 3rd और 4थी लाइन (एम यू टी पी -III) (64 किमी)

3,587

6

पनवेल-कर्जत सबअर्बन कॉरिडोर (एम यू टी पी -III) (29.6 किमी)

2,782

7

ऐरोली-कलवा (एलिवेटेड) सबअर्बन कॉरिडोर लिंक

476

8

(एम यू टी पी -III) (3.3 किमी)

1,759

9

कल्याण-आसनगांव 4थी लाइन (एम यू टी पी -IIIए) (32 किमी)

1,510

10

कल्याण-बदलापुर 3 और 4थी लाइन (एम यू टी पी -IIIA) (14 किमी)

793

11

कल्याण-कसारा तीसरी लाइन (67 किमी)

176

12

नायगांव-जुईचंद्र डबल कॉर्ड लाइन (6 किमी)

338

13

निलाजे-कोपर डबल कॉर्ड लाइन (5 किमी)

866

 

नई पीढ़ी की आधुनिक ट्रेनें:

यात्रियों को ले जाने की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से एमयूटीपी-III और एमयूटीपी-IIIके अंतर्गत प्रत्येक 12 डिब्बों वाले दरवाजों से युक्त 238 रेक स्वीकृत किए गए हैं। इनकी कुल लागत ₹19,293 करोड़ है। इन रेकों की खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

बुलेट ट्रेन परियोजना:

मुंबई–अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (एम ए एच एस आर) परियोजना (508 किमी) वर्तमान में निर्माणाधीन एकमात्र हाई स्पीड रेल परियोजना है। यह परियोजना गुजरात, महाराष्ट्र राज्यों तथा दादरा और नगर हवेली केंद्र शासित प्रदेश से होकर गुजरने वाली है। इस परियोजना के अंतर्गत मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती में कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं।

एमएएचएसआर परियोजना के लिए आवश्यक कुल 1389.5 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है। सभी वैधानिक स्वीकृतियाँ प्राप्त कर ली गई हैं और कुल 1651 उपयोगिताओं (यूटिलिटीज़) को स्थानांतरित किया जा चुका है। महाराष्ट्र राज्य में भूमि अधिग्रहण में हुई देरी के कारण वर्ष 2021 तक परियोजना की प्रगति प्रभावित रही। वर्ष 2022 से महाराष्ट्र में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आई।

अब तक प्रमुख कार्यों की प्रगति इस प्रकार है:

गुजरात (352 किमी):

 

कार्य

प्रगति

बुनियाद

352 किमी

खंभों का निर्माण

352 किमी

गर्डर की ढलाई का कार्य

342 किमी

गर्डर स्थापना का कार्य

331 किमी

ट्रैक बेड का निर्माण कार्य

152 किमी

ओवरहेड विद्युत लाइन के मस्तों की स्थापना का कार्य

121 किमी

 

महाराष्ट्र (156 किमी):

 

कार्य

Progress

बुनियाद

84 किमी

खंभों का निर्माण

75 किमी

गर्डर की ढलाई का कार्य

12 किमी

गर्डर स्थापना का कार्य

5 किमी

 

कुल 12 स्टेशनों में से 8 स्टेशनों (वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, आनंद, वडोदरा, अहमदाबाद और साबरमती) पर नींव का कार्य पूरा हो चुका है। महाराष्ट्र खंड में 3 स्टेशनों (ठाणे, विरार और बोइसर) पर नींव का कार्य प्रगति पर है, जबकि बीकेसी स्टेशन पर खुदाई का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और बेस स्लैब की ढलाई शुरू कर दी गई है।

अब तक 17 नदी पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है। गुजरात में 4 प्रमुख नदी पुलों (नर्मदा, माही, तापी और साबरमती) पर कार्य उन्नत चरण में है, जबकि महाराष्ट्र में 4 नदी पुलों पर कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त डिपो (ठाणे, सूरत और साबरमती) के निर्माण का कार्य भी तेज़ी से चल रहा है।

बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) में सिविल निर्माण कार्य संतोषजनक प्रगति के साथ आगे बढ़ रहा है। खुदाई का कार्य लगभग 91 प्रतिशत पूरा हो चुका है और कंक्रीट का कार्य विभिन्न चरणों में जारी है। लेवल-4 पर बेसमेंट स्लैब का कार्य 100 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। अंडर-सी टनल (लगभग 21 किमी) के निर्माण का कार्य भी शुरू हो चुका है। इसमें से महाराष्ट्र में घनसोली और शिलफाटा के बीच 4.8 किमी टनल का निर्माण पूरा कर लिया गया है।

यात्रियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने बुलेट ट्रेन स्टेशनों को मुंबई की मौजूदा उपनगरीय रेलवे नेटवर्क तथा आगामी मेट्रो लाइनों के साथ मल्टी-मॉडल एकीकरण के माध्यम से जोड़ने की योजना बनाई है। इसके अंतर्गत बीकेसी स्टेशन पर सुविधाजनक पैदल मार्ग के जरिए मेट्रो लाइन–2बी और मेट्रो लाइन–3 से यात्री संपर्क सुनिश्चित किया जाएगा।

बुलेट ट्रेन परियोजना अत्यंत जटिल और अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित परियोजना है। परियोजना की सटीक समय-सीमा का आकलन सभी संबंधित कार्यों—जैसे सिविल संरचनाएँ, ट्रैक, विद्युत व्यवस्था, सिग्नलिंग एवं दूरसंचार प्रणाली तथा ट्रेनसेट की आपूर्ति—के पूर्ण होने के बाद ही उचित रूप से किया जा सकेगा।

गति शक्ति मल्टी-मोडल कार्गो टर्मिनल:

रेल माल ढुलाई टर्मिनलों पर कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए भारतीय रेलवे ने दो-स्तरीय रणनीति अपनाई है। इसके अंतर्गत गति शक्ति मल्टी-मोडल कार्गो टर्मिनल (जी सी टी) नीति के तहत आधुनिक रेल माल ढुलाई टर्मिनलों के विकास को प्रोत्साहित किया जा रहा है तथा रेलवे के स्वामित्व वाले गुड्स शेड्स के अवसंरचना ढांचे का विस्तार और उन्नयन किया जा रहा है। 5 मार्च 2026 तक, भारतीय रेल में 128 जीसीटी चालू किए जा चुके हैं और 288 जीसीटी के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई है। महाराष्ट्र में 9 जीसीटी (मुकुटबन, पाटस, दिनगांव, न्यू पंधर पवनी, कलमेश्वर (के एस डब्ल्यू आर), सिंदी (एस एन आई), नर्दाना, मूरसा और न्यू मकरधोकड़ा) चालू किए जा चुके हैं, जबकि 22 जीसीटी के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

समर्पित माल गलियारा (Dedicated Freight Corridor):

पश्चिमी समर्पित माल गलियारा (पश्चिमी डी एफ सी) महाराष्ट्र से भी होकर गुजरता है। इस परियोजना के मार्ग का लगभग 178 किलोमीटर भाग महाराष्ट्र में है, जो पश्चिमी डीएफसी की कुल लंबाई का लगभग 12 प्रतिशत है। महाराष्ट्र में न्यू घोलवड से न्यू वैतरणा तक 76 किलोमीटर खंड का कार्य पहले ही पूरा हो गया है और संचालित किया जा चुका है। शेष कार्यों को भी शुरू कर दिया गया है। पश्चिमी डीएफसी को जेएनपीटी (जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट) से जोड़ने से बंदरगाह से दिल्ली–एनसीआर तक माल और कंटेनर यातायात को संभालने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

पिछले तीन वर्षों 2022–23, 2023–24, 2024–25 तथा वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान महाराष्ट्र राज्य में पूर्णतः या आंशिक रूप से आने वाली कुल 8,615 किलोमीटर लंबाई की 98 सर्वेक्षण परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इनमें 29 नई लाइन, 2 गेज परिवर्तन और 67 दोहरीकरण (डबलिंग) से संबंधित सर्वेक्षण शामिल हैं।

यह जानकारी लोकसभा में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर में आज केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने प्रदान की।

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पीके/केसी/डीटी


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