अणु ऊर्जा विभाग
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संसदीय प्रश्न : परमाणु ऊर्जा उत्पादन

प्रविष्टि तिथि: 11 MAR 2026 4:53PM by PIB Delhi

2008 में अंतरराष्ट्रीय सहयोग समझौतों के संपन्न होने से अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के सुरक्षा उपायों के तहत रिएक्टरों के लिए ईंधन का आयात संभव हो सका। आयातित ईंधन का उपयोग करने वाले रिएक्टरों द्वारा वर्षवार उत्पादन का विवरण परिशिष्ट में दिया गया है।


2008-09 से 2024-25 तक भारत में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के सुरक्षा उपायों के तहत रिएक्टरों के लिए यूरेनियम अयस्क सांद्रण, प्राकृतिक यूओ2 पैलेट्स और समृद्ध यूओ2 पैलेट्स के रूप में कुल 18842.60 मीट्रिक टन यूरेनियम का आयात किया गया।


फिलहाल एक व्यवहार्य परियोजना प्रस्ताव पर पहुंचने के लिए अमेरिकी प्रौद्योगिकी भागीदारों के साथ बातचीत चल रही है। परियोजना प्रस्ताव को अंतिम रूप दिए जाने और सरकार द्वारा इसकी मंजूरी मिलने के बाद परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।


सरकार ने 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा क्षमता तक पहुंचने के लिए एक रोडमैप तैयार किया है। इसके अनुसार वर्तमान में 8.78 गीगावॉट (आरएपीएस-1 को छोड़कर) की परमाणु ऊर्जा क्षमता, वर्तमान में कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में चल रही परियोजनाओं के क्रमिक रूप से पूरा होने के आधार पर 2031-32 तक लगभग 22 गीगावॉट तक पहुंचने की उम्मीद है। एनपीसीआईएल द्वारा 2032 के बाद 32 गीगावॉट की अतिरिक्त परमाणु ऊर्जा क्षमता स्थापित करने की परिकल्पना की गई है, जिसमें स्वदेशी प्रेशराइज्ड हेवी वॉटर रिएक्टर (पीएचडब्ल्यूआर) और लाइट वॉटर रिएक्टर (एलडब्ल्यूआर) शामिल होंगे। साथ ही विदेशी सहयोग से 2047 तक कुल क्षमता लगभग 54 गीगावॉट तक पहुंच जाएगी। शेष 46 गीगावॉट की क्षमता अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (केंद्र और राज्य), राज्य सरकारों, निजी क्षेत्र और विभिन्न व्यावसायिक मॉडलों में संयुक्त उद्यमों द्वारा स्थापित किए जाने की उम्मीद है, जिसमें विभिन्न प्रौद्योगिकियों के रिएक्टर शामिल होंगे।


भारत में बदलाव के लिए परमाणु ऊर्जा के सतत उपयोग और विकास (शांति) विधेयक, 2025 को विधि और न्याय मंत्रालय द्वारा 21 दिसंबर 2025 को एक एकल सुसंगत कानून के रूप में अधिनियमित और अधिसूचित किया गया। इसमें लाइसेंस और सुरक्षा प्राधिकरण के तहत परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के लिए अनुसंधान और नवाचार करने हेतु निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए सक्षम प्रावधान शामिल हैं।


यह जानकारी केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बुधवार को लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।

 

परिशिष्ट

 

वर्ष

आयातित ईंधन का उपयोग करके उत्पादन (मिलियन यूनिट)

2009-10

3704

2010-11

11130

2011-12

15637

2012-13

13900

2013-14

16219

2014-15

18697

2015-16

17469

2016-17

19247

2017-18

22134

2018-19

20597

2019-20

29003

2020-21

26685

2021-22

29929

2022-23

27640

2023-24

30763

2024-25

39180

2025-26 (जनवरी 2026 तक)

33815

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पीके/केसी/आरकेजे


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