कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) की प्रगति
प्रविष्टि तिथि:
11 MAR 2026 4:11PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) का उद्देश्य देशभर में प्रशिक्षुओं के प्रशिक्षण को बढ़ावा देना है। अगस्त 2016 में शुरू की गई यह योजना वर्तमान में वित्त वर्ष 2022-23 से अपने दूसरे चरण यानी एनएपीएस-2 के तहत कार्यान्वित की जा रही है। एनएपीएस-2 के तहत सरकार प्रशिक्षुओं को देय न्यूनतम निर्धारित वजीफे के 25% तक सीमित आंशिक वजीफा सहायता प्रदान करती है, जो प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रति प्रशिक्षु प्रति माह अधिकतम 1,500 रुपये के अधीन है। छात्रवृत्ति सहायता राशि सीधे प्रशिक्षुओं के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) व्यवस्था के माध्यम से वितरित की जाती है। यह योजना प्रशिक्षुता अधिनियम, 1961 और उसके तहत बनाए गए नियमों द्वारा संचालित है। पिछले पांच वित्तीय वर्षों के दौरान इस योजना के तहत वर्षवार प्रशिक्षुओं की संख्या इस प्रकार है :
तालिका-1
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वित्तीय वर्ष
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प्रशिक्षुओं की नियुक्ति
(लाखों में)
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(1)
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(2)
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2020-21
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3.08
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2021-22
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5.90
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2022-23
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7.39
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2023-24
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9.32
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2024-25
|
9.85
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अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान (एजेएनआईएफएम) की ओर से किए गए एनएपीएस-2.0 के तृतीय-पक्ष मूल्यांकन के अनुसार सर्वेक्षण में शामिल लगभग 72% प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षुता प्रशिक्षण पूरा होने के बाद पूर्णकालिक रोजगार के प्रस्ताव प्राप्त होने की सूचना है। इससे पता चलता है कि प्रशिक्षुता प्रशिक्षण के बाद प्रशिक्षण से रोजगार में परिवर्तन की सुविधा प्रदान करता है। मूल्यांकन से यह भी पता चलता है कि कार्यबल की आवश्यकताओं और व्यावसायिक परिस्थितियों के आधार पर उद्योग जगत द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठानों और क्षेत्रों में भविष्य की कार्यबल आवश्यकताओं के लिए एक माध्यम के रूप में प्रशिक्षुता का उपयोग तेजी से किया जा रहा है।
सरकार एनएपीएस के तहत महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा दे रही है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले कुछ वर्षों में उनकी भागीदारी में धीरे-धीरे वृद्धि हुई है। मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार, महिला प्रशिक्षुओं की संख्या वित्त वर्ष 2020-21 में लगभग 0.56 लाख से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 2.25 लाख हो गई है, जो प्रशिक्षुता प्रशिक्षण में लैंगिक समावेश में सुधार को दर्शाता है। पिछले पांच वित्तीय वर्षों के दौरान इस योजना के तहत नियोजित महिला प्रशिक्षुओं की संख्या निम्नलिखित है :
तालिका-2
|
वित्तीय वर्ष
|
नियोजित महिला प्रशिक्षुओं की संख्या
(लाखों में
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(1)
|
(2)
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2020-21
|
0.56
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2021-22
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1.24
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2022-23
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1.49
|
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2023-24
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1.97
|
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2024-25
|
2.25
|
यह जानकारी कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयंत चौधरी ने आज राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।
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पीके/केसी/आरकेजे
(रिलीज़ आईडी: 2238700)
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