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संसदीय प्रश्न: छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों का विकास

प्रविष्टि तिथि: 11 MAR 2026 4:51PM by PIB Delhi

केन्द्रीय बजट 2025–26 में घोषित परमाणु ऊर्जा मिशन के अंतर्गत स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) के शोध, डिजाइन, विकास और तैनाती के लिए ₹20,000 करोड़ का कुल बजटीय प्रावधान किया गया है। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) ने एसएमआर के डिजाइन और विकास कार्य शुरू किए हैं, जो इस प्रकार हैं:

i. 220 मेगावाट विद्युत भारत स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (बीएसएमआर-200)

ii. 55 मेगावाट विद्युत (MWe) स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर-5), तथा

iii. हाइड्रोजन उत्पादन के लिए 5 मेगावाट तापीय (MWth) तक का उच्च तापमान गैस-शीतित रिएक्टर विकसित किया जा रहा है। इन स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टरों (एसएमआर) की प्रमुख इकाइयों को प्रौद्योगिकी प्रदर्शन के लिए परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के जगहों पर स्थापित किया जाएगा। एसएमआर की स्थापना के लिए बीएआरसी द्वारा आवंटित निधि के संभावित उपयोग का अनुमानित विवरण नीचे दिया गया है:

रिएक्टर

लागत व्यय

(करोड़ रुपये)

 

 

बीएसएमआर-200 का विकास और निर्माण

5960

एसएमआर -55(2 इकाइयां) का विकास और निर्माण

7000

उच्च तापमान गैस-शीतल रिएक्टर(एचटीजीसीआर) का डिज़ाइन और निर्माण

320

 

नए रिएक्टरों के लिए डिज़ाइन, इंजीनियरिंग और विकास कार्य

800

रिएक्टर परिसर के लिए सिविल और सामान्य बुनियादी ढांचा का विकास

452

 

इन एसएमआर की प्रगति इस प्रकार है:

  1. बीएसएमआर-200: इस परियोजना के लिए परमाणु ऊर्जा आयोग से सिद्धांततः स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव को परमाणु ऊर्जा आयोग द्वारा मंजूरी दे दी गई है, ताकि इसे मंत्रिमंडल समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।
  • ii. एसएमआर-55: इस परियोजना के लिए सिद्धांततः स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।
  1. एचटीजीसीआर:इस परियोजना के लिए सिद्धांततः स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कर लिया गया है। परियोजना स्थल के लिए स्थान-निर्धारण सहमति भी प्राप्त हो चुकी है तथा पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त करने हेतु पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से संदर्भ की शर्तें भी प्राप्त हो गई हैं।

इन स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टरों (एसएमआर) की प्रमुख इकाइयों का निर्माण परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) द्वारा उसके मौजूदा स्थलों पर किया जाएगा। अब तक इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से एसएमआर के विस्तृत इंजीनियरिंग कार्य के लिए संपर्क किया गया है।

महाराष्ट्र के तारापुर परमाणु ऊर्जा केन्द्र स्थल को बीएसएमआर-200 और एसएमआर-55 की प्रमुख इकाइयों के लिए चिन्हित किया गया है, जबकि उच्च तापमान गैस-शीतित रिएक्टर (एचटीजीसीआर) के लिए आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम स्थित बीएआरसी स्थल की पहचान की गई है।

वर्तमान में परमाणु ऊर्जा विभाग को इस संबंध में कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है।

भारत स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (बीएसएमआर) का डिजाइन और विकास भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) और न्‍यूक्लियर पॉवर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। बीएसएमआर के निर्माण के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्राप्त होने के बाद लगभग 60 से 72 महीने का अनुमानित समय लगेगा।

यह जानकारी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष मंत्रालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बुधवार को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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पीके/केसी/पीकेपी


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