पर्यटन मंत्रालय
राष्ट्रीय सेवा गुणवत्ता मानकों की स्थापना
प्रविष्टि तिथि:
12 MAR 2026 4:43PM by PIB Delhi
पर्यटकों को मानकीकृत सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए, पर्यटन मंत्रालय अपने दिशानिर्देशों के अनुसार महाराष्ट्र राज्य सहित पूरे देश में यात्रा एवं आतिथ्य उद्योग में अग्रणी पर्यटन सेवा प्रदाताओं की विभिन्न श्रेणियों को मान्यता देता है।
पर्यटन मंत्रालय अपने ‘‘सेवा प्रदाताओं के लिए क्षमता निर्माण (सीबीएसपी)’’ कार्यक्रम के तहत देशभर में महिला एवं पुरुष प्रशिक्षुओं, स्थानीय समुदायों, आदिवासी क्षेत्रों आदि के कौशल विकास, उन्नत कौशल विकास और पुनः कौशल विकास के लिए आतिथ्य एवं पर्यटन से संबंधित अल्पकालिक प्रशिक्षण प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम आयोजित करता है, जिसमें भाषा आधारित मार्गदर्शक कार्यक्रम भी शामिल है। पर्यटन मंत्रालय ने 2025 में भारतीय गुणवत्ता परिषद के माध्यम से सीबीएसपी योजना का तृतीय-पक्ष मूल्यांकन कराया है। मूल्यांकन से पुष्टि होती है कि सीबीएसपी योजना ने वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक विभिन्न क्षेत्रों में 1.68 लाख से अधिक व्यक्तियों को प्रशिक्षण देकर और 36,000 से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करके भारत के पर्यटन और आतिथ्य कार्यबल को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत किया है।
पर्यटन मंत्रालय ने एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सहयोग से भारत भर में एडवेंचर टूरिज्म क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक और मानकीकृत ढांचा स्थापित करने के उद्देश्य से मॉडल एडवेंचर सेफ्टी गाइडलाइन तैयार की हैं। इन दिशा-निर्देशों को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सुरक्षा प्रोटोकॉल अपनाने और उन्हें तैयार करने/अद्यतन करने के लिए भेजा गया है। सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से अनुरोध किया गया है कि वे साहसिक गतिविधियों से संबंधित सभी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखें और सभी संचालकों द्वारा सुरक्षा नियमों और लाइसेंसिंग मानदंडों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
पर्यटन मंत्रालय, अपनी जारी केंद्रीय क्षेत्र योजनाओं जैसे ‘स्वदेश दर्शन (एसडी)’, ‘स्वदेश दर्शन 2.0 (एसडी 2.0)’, 'चुनौती आधारित गंतव्य विकास (सीबीडीडी)’ (स्वदेश दर्शन 2.0 योजना की एक उप-योजना), ‘तीर्थयात्रा पुनरुद्धार और आध्यात्मिक, विरासत संवर्धन अभियान (प्रशाद)’, ‘पर्यटन अवसंरचना विकास के लिए केंद्रीय एजेंसियों को सहायता (एसीए)’ के माध्यम से, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों/केंद्रीय एजेंसियों के साथ परामर्श करके पर्यटन संबंधी अवसंरचना के विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करके उनके प्रयासों को पूरक बनाता है। उपर्युक्त योजनाओं के तहत स्वीकृत परियोजनाओं का कार्यान्वयन, जिसमें उनका संचालन और रखरखाव भी शामिल है, संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों और केंद्रीय एजेंसियों के अधीन है। उपर्युक्त योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाएं लागू नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार ऑडिट के अधीन हैं। साथ ही, पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का तृतीय-पक्ष मूल्यांकन नियमित अंतराल पर किया जाता है।
यह जानकारी केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/एसएस/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2239258)
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