जनजातीय कार्य मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

असम में जनजातीय कल्याण योजनाएं

प्रविष्टि तिथि: 12 MAR 2026 4:34PM by PIB Delhi

केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने लोकसभा को सूचित किया कि सरकार, असम राज्य सहित देश में अनुसूचित जनजातियों और जनजातीय बहुलता (आबादी) वाले क्षेत्रों के विकास के लिए एक कार्यनीति के रूप में अनुसूचित जनजातियों के लिए विकास कार्य योजना (डीएपीएसटी) का कार्यान्वयन कर रही है। जनजातीय कार्य मंत्रालय के अलावा डीएपीएसटी के अंतर्गत, 41 मंत्रालयों / विभागों द्वारा अनुसूचित जनजातियों और गैर-अनुसूचित जनजातियों की आबादी के बीच विकासात्मक अंतर को पाटने के लिए और शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, सड़क, आवास, विद्युतीकरण, रोजगार सृजन, कौशल विकास आदि से संबंधित विभिन्न जनजातीय विकास परियोजनाओं के लिए प्रत्येक वर्ष अपने कुल योजना बजट का कुछ प्रतिशत आवंटित किया जा रहा है। अनुसूचित जनजातियों के कल्याण के लिए योजनाओं के साथ-साथ बाध्य मंत्रालयों/विभागों द्वारा आवंटित निधियों के ब्यौरे केंद्रीय बजट के व्यय प्रोफाइल विवरण 10ख (https://www.indiabudget.gov.in/budget2025-26/doc/eb/stat10b.pdf) में दर्शाए गए हैं।

राज्य सरकारों को भी राज्य में अजजा आबादी (जनगणना 2011) के अनुपात में कुल योजना आवंटन के संबंध में टीएसपी निधियों को निर्धारित करना चाहिए। राज्यों / संघ राज्यक्षेत्रों द्वारा अपने स्वयं की निधियों से टीएसपी के लिए आवंटन और व्यय का विवरण https://statetsp.tribal.gov.in पर उपलब्ध है।

मंत्रालय ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीएजेजीयूए) के माध्यम से डीएपीएसटी के अंतर्गत विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के पास उपलब्ध निधियों के अभिसरण द्वारा अनुसूचित जनजातियों के विकास हेतु पहल की है। माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 2 अक्टूबर, 2024 को प्रारंभ किए गए इस अभियान में 17 लाइन मंत्रालयों द्वारा कार्यान्वित 25 उपाय शामिल हैं और इसका उद्देश्य पाँच वर्षों की अवधि में 30 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के 549 जिलों और 2,911 ब्लॉकों में स्थित 63,843 गाँवों में अवसंरचनात्मक अंतर को संतृप्त करना तथा छात्रावास, आंगनवाड़ी सुविधाओं और मोबाइल चिकित्सा इकाइयों आदि जैसी सामाजिक बुनियादी ढांचे स्थापित करना है, जिससे पाँच करोड़ से अधिक जनजातीय जनसंख्या को लाभ होगा। इस अभियान का कुल बजटीय परिव्यय ₹79,156 करोड़ (केंद्रीय हिस्सा: ₹56,333 करोड़ और राज्य हिस्सा: ₹22,823 करोड़) है।

धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने, समन्वय और निगरानी सुनिश्चित करने के लिए राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर कमेटियां (समितियां) बनाई गई हैं। राज्य स्तर पर, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय शीर्ष समिति (एसएलएसी) गठित की गई है। ज़िला स्तर पर, जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक ज़िला-स्तरीय समिति और ब्लॉक स्तर पर, अलग-अलग विभागों के अधिकारियों वाली ब्लॉक-स्तरीय कार्यान्वयन टीमें (बीएलआईटी) बनाई गई हैं ताकि उपायों को ज़मीनी स्तर पर लागू करने में सुविधा हो।

जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा डीएपीएसटी निधियों की निगरानी के लिए वेब पतेः https://stcmis.gov.in के साथ एक ऑनलाइन निगरानी प्रणाली स्थापित की गई है। यह ढांचा सीधे सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) से डेटा एकत्रित करता है और एमओटीए को डीएपीएसटी के तहत विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के आवंटन की तुलना में (सापेक्ष) वास्तविक समय व्यय को देखने में सक्षम बनाता है।

इसके अलावा, पीएम गति शक्ति पोर्टल पर इंटरैक्टिव डैशबोर्ड विभिन्न मंत्रालयों से वास्तविक समय (रियल-टाइम) डेटा का उपयोग करके मंत्रालय-वार और उपाय (इंटरवेंशन)-वार प्रगति की निगरानी करते हैं, जिससे लक्षित योजना बनाने और अंतरों का विश्लेषण करने में मदद मिलती है। जनजातीय संबंधी योजनाओं को सुचारू रूप से क्रियान्वित करने और उनकी रिपोर्टिंग के लिए संबंधित मंत्रालयों और विभागों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाते हैं। जनजातीय कार्य मंत्रालय निधि के उपयोग की समीक्षा करने और दिशानिर्देशों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए बाध्य मंत्रालयों और विभागों के साथ नियमित समन्वय और निरंतर जुड़ाव बनाए रखता है।

इसके आधार पर, मंत्रालयों / विभागों द्वारा योजना / कार्यक्रम-वार आवंटन केंद्रीय बजट के विवरण 10ख में उपलब्ध है जो अनुसूचित जनजातियों के कल्याण के लिए मंत्रालय-वार आवंटन दिखाने वाला एक समर्पित विवरण है। इसी तरह, केंद्रीय बजट के विवरण 10खखख डीएजेजीयूए योजनाओं के लिए आवंटन दिखाने वाले समर्पित विवरण हैं।

उचित जवाबदेही और निगरानी के लिए तथा यह सुनिश्चित करने के लिए कि उनका किसी अन्य योजना में विचलन (विपथन) न हो, डीएपीएसटी के अंतर्गत आबंटित निधियों को सभी बाध्य मंत्रालयों/विभागों द्वारा उनकी ‘अनुदानों की विस्तृत मांगों’ में कार्यात्मक मुख्य शीर्ष/उप-मुख्य शीर्ष के नीचे लघु शीर्ष ‘796’ के अंतर्गत दर्शाया जाता है।

पूरे भारत में डीएजेजीयूए के सभी संबंधित मंत्रालयों/विभागों के संबंध में उपलब्धियां निम्नानुसार हैं (21.01.2026 तक):

 

क्र.सं.

मंत्रालय

गतिविधि

मिशन लक्ष्य (2024-2028)

मार्च 2026 तक का लक्ष्य

प्रगति

 

1

ग्रामीण विकास मंत्रालय (एमओआरडी)

पीएमएवाई-जी-आवास

20 लाख

6 लाख

पूर्ण हुए मकान: 7,00,800

 

पीएमजीएसवाई-सड़क

25,000 किमी सड़क

7500 गाँव

कुल स्वीकृत 710 सड़कें (2,411.25 किमी):

जम्मू और कश्मीर - 62 सड़कें (296.301 किमी)

छत्तीसगढ़ - 532 सड़कें (1,824.08 किमी)

राजस्थान - 116 सड़कें (290.875 किमी)

 

2

जल शक्ति मंत्रालय

जल जीवन मिशन (जेजेएम)

सभी गांवों को संतृप्त किया जाएगा

1,500 गाँव

संतृप्त गाँव: 27,362

 

 

3

विद्युत मंत्रालय

नवस्वरूपित वितरण क्षेत्र योजना – आरडीएसएस

2.35 लाख आवास

70,000 आवासों को विद्युतीकृत किया जाएगा

विद्युतीकृत: 65,249 (आवास और सार्वजनिक संस्थान)

 

 

4

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय

नई सौर ऊर्जा योजना- पीएम सूर्या घर योजना

2000 संस्थानों में सोलर रूफटॉप का प्रावधान

 

स्वीकृत: 4,099 आवास

(100 मणिपुर में और 3,999 अरुणाचल प्रदेश में)

 

5

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सचल चिकित्सा इकाइयां

1,000 एमएमयू

100 एमएमयू

154 एमएमयू संचालित

 

6

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय

आंगनवाड़ी केंद्र- पोषण 2.0 (आईसीडीएस)

2000 नए आंगनवाड़ी केन्द्र

400 नये

445 आंगनवाड़ी संचालित

 

7

स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय

समग्र शिक्षा अभियान (एसएसए)

1,000 छात्रावास

300 छात्रावास

311 छात्रावासों का शिलान्यास किया गया।

 

8

संचार मंत्रालय

सार्वभौमिक सेवा दायित्व निधि (यूएसओएफ)

5,252 गाँव

1500 गाँव

कवर किए गए गाँव: 3,513

 

9

पर्यटन मंत्रालय

उत्तरदायी पर्यटन (स्वदेश दर्शन)

1000

गृह-प्रवास (होम स्टे)

100

गृह-प्रवास (होम स्टे)

आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख, मध्य प्रदेश, मिजोरम में 17.7 करोड़ रुपये की आने वाली गृह-प्रवास (होम स्टे) परियोजना।

 

10

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (पीएम-आरकेवीवाई)

एफआरए पट्टाधारकों को सतत (टिकाऊ) कृषि सहायता (~ 2 लाख)

60000 लाभार्थी

1.73 लाख पट्टा धारक संभावित लाभार्थी के रूप में पहचाने गए हैं।

 

11

मत्स्य पालन विभाग

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई)

जनजातीय मछुआरों को सहायता: 10,000 आईएफआर और 1000 सीएफआर

3000 लाभार्थी

2025-26 में प्रगति रिपोर्ट नहीं की गई

2024-25 में सूचित किए गए लाभार्थी - 882 लाभार्थी

 

पशुपालन और डेयरी विभाग

राष्ट्रीय पशुधन मिशन

8500 आईएफआर धारकों को पशुधन प्रबंधन सहायता

2550 लाभार्थी

विभाग ने 2025-26 में 6 राज्यों को 8 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

 

12

 

कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय

जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) योजना

(i)जनजातीय जिलों में 30 कौशल केंद्र

(ii) 1000 वीडीवीके और जनजातीय समूहों का प्रशिक्षण

9 कौशल केंद्र और 300 वीडीवीके के लिए प्रशिक्षण

देश भर में 30 कौशल विकास केंद्र का उद्घाटन किया गया है, जिनमें 2944 लाभार्थियों का नामांकन हुआ।

 

 

प्रशिक्षण शुरू होना अभी शेष है।

 

13

आयुष मंत्रालय

पोषण वाटिकाएँ - राष्ट्रीय आयुष मिशन

 

700 पोषण वाटिकाएँ

ईएमआरएस में पोषण वाटिका कार्यान्वयनाधीन है

 

14

पंचायती राज मंत्रालय

राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए)

एफआरए से संबंधित सभी ग्राम सभाओं, उप-मंडलों और जिलों में एफआरए जागरूकता कार्यक्रम

 

कुल प्रशिक्षित किये गए अजजा प्रतिभागी– 46,19,662

 

15

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय

एलपीजी - उज्ज्वला योजना

25 लाख एलपीजी कनेक्शन

7.5 लाख परिवार

मुख्य योजना की मंज़ूरी लंबित है

 

 

डीएजेजीयूए के तहत जनजातीय कार्य मंत्रालय की पहल

उपाय का नाम

अनुमोदित परियोजनाएँ

अनुमोदित निधि (करोड़ में)

निर्मुक्त की गई निधि (करोड़ में)

आश्रम स्कूल

5,876

3,506.43

587.81

टीएमएमसी

78

77.70

41.707

एफआरए प्रकोष्ठ

433

63.19

40.07

सीएफआर प्रबंधन योजनाएँ

620

98.60

84.20

सीओसी

13

48.66

37.13

एससीडी जागरूकता+आशा मानदेय+टीओटी निधि

 

17.77

4.092

 

धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान

2025-26 के दौरान जारी किए गए निधियों का विवरण (करोड़ रुपये में) 21.01.2026 तक

क्र.सं.

राज्य

निर्मुक्त

1

आंध्र प्रदेश

41.15

2

अरुणाचल प्रदेश

11.24

3

असम

11.86

4

बिहार

6.82

5

गुजरात

87.92

6

हिमाचल प्रदेश

0.47

7

जम्मू और कश्मीर

39.21

8.

कर्नाटक

28.77

9.

केरल

7.79

10.

मध्य प्रदेश

67.98

11.

महाराष्ट्र

134.33

12.

मणिपुर

9.35

13.

नागालैंड

4.84

14.

ओडिशा

12.54

15.

राजस्थान

83.74

16.

सिक्किम

5.85

17.

तमिलनाडु

2.31

18.

त्रिपुरा

2.30

19.

उत्तर प्रदेश

4.44

20.

पश्चिम बंगाल

0.15

21.

छत्तीसगढ़

18.66

22

झारखंड

22.43

23.

उत्तराखंड

1.46

24.

तेलंगाना

43.19

कुल

648.80

*****

पीके/केसी/डीवी/डीए


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