जनजातीय कार्य मंत्रालय
वन अधिकार अधिनियम के तहत दावे
प्रविष्टि तिथि:
12 MAR 2026 4:23PM by PIB Delhi
केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने लोकसभा को सूचित किया कि 'अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006' (संक्षेप में, एफआरए) के प्रावधानों और उसके तहत बनाए गए नियमों के अनुसार, राज्य सरकारें/संघ राज्यक्षेत्र अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के कार्यान्वयन के लिए उत्तरदायी हैं और इन प्रावधानों को 20 राज्यों और 1 संघ राज्यक्षेत्र में लागू किया जा रहा है। जनजातीय कार्य मंत्रालय (एमओटीए) राज्यों/संघ राज्यक्षेत्र द्वारा प्रस्तुत मासिक प्रगति रिपोर्ट (एमपीआर) की निगरानी करता है। राज्यों/संघ राज्यक्षेत्र द्वारा प्रदान की गई सूचना के अनुसार, पिछले पांच वर्षों के दौरान, अर्थात़् 01.01.2021 से 01.01.2026 तक, एफआरए के तहत कुल 5,45,802 अधिकार पत्र वितरित किए गए हैं। पिछले पांच वर्षों के दौरान एफआरए के तहत वितरित अधिकार पत्रों का वर्ष-वार ब्यौरा नीचे दिया गया हैः
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रिपोर्टिंग अवधि
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एफआरए के तहत वितरित अधिकार पत्रों की संख्या
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01.01.2021 से 01.01.2022 तक
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79466
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01.01.2022 से 01.01.2023 तक
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183804
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01.01.2023 से 01.01.2024 तक
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88126
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01.01.2024 से 01.01.2025 तक
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146153
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01.01.2025 से 01.01.2026 तक
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48253
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कुल
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545802
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राज्यों/संघ राज्यक्षेत्र द्वारा प्रदान की गई सूचना के अनुसार, पिछले तीन वर्षों के दौरान, अर्थात 01.01.2023 से 01.01.2026 तक, एफआरए के तहत कुल 69,19,108.23 एकड़ वन भूमि वितरित की गई थी।
जनजातीय कार्य मंत्रालय, राज्यों/संघ राज्यक्षेत्र द्वारा प्रस्तुत मासिक प्रगति रिपोर्ट (एमपीआर) को संकलित करता है। माह-वार एमपीआर (मासिक प्रगति रिपोर्टें) जनजातीय कार्य मंत्रालय की वेबसाइट https://tribal.nic.in/FRA.aspx पर उपलब्ध हैं।
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पीके/केसी/डीवी/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2239348)
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