जनजातीय कार्य मंत्रालय
आदि कर्मयोगी अभियान का कार्यान्वयन
प्रविष्टि तिथि:
12 MAR 2026 4:25PM by PIB Delhi
केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने लोकसभा को सूचित किया कि आदि कर्मयोगी अभियान (आका) के तहत, एक संरचित क्रमिक क्षमता-निर्माण मॉडल के माध्यम से जमीनी स्तर के जनजातीय नेतृत्व को संगठित करने और प्रशिक्षित करने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। फरवरी 2026 तक, इस पहल के तहत 30 राज्यों/संघ राज्यक्षेत्रों के लगभग 550 जिलों के 1 लाख गांवों में लगभग 20 लाख आदि कर्मयोगियों को संगठित किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत 210 से अधिक राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर (एसएमटी), 2,200 से अधिक जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर (डीएमटी) और 11,000 से अधिक ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनर (बीएमटी) सहित प्रशिक्षित कर्मचारियों का एक दल (कैडर) तैयार किया गया है। सामुदायिक स्तर पर, जनजातीय क्षेत्रों में सहभागी योजना, सेवा प्रदायगी जागरूकता और सामुदायिक लामबंदी की सहायता करने के लिए 6,79,309 आदि साथियों और 4,03,306 आदि सहयोगियों को पोर्टल पर पंजीकृत किया गया है। नीचे दी गई तालिका विशेष रूप से क्योंझर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र, कांकेर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के तहत कांकेर, कोंडागांव, बालोद और धमतरी जिलों और महाराष्ट्र के पालघर जिले के संबंध में पोर्टल पर पंजीकृत आदि कर्मयोगियों, आदि सहयोगियों और आदि साथियों का विवरण प्रस्तुत करती है:
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क्र.सं.
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जिले का नाम
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राज्य का नाम
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पंजीकृत आदि सहयोगियों की संख्या
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पंजीकृत आदि साथियों की संख्या
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1
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क्योंझर
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ओडिशा
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2592
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3633
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2
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बालोद
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छत्तीसगढ़
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309
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2328
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3
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धमतरी
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छत्तीसगढ़
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1692
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135
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4
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कोंडागांव
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छत्तीसगढ़
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1605
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4584
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5
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कांकेर
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छत्तीसगढ़
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पोर्टल पर पंजीकृत नहीं हैं
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1340
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6
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पालघर
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महाराष्ट्र
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4899
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5247
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अंतिम छोर तक शासन व्यवस्था और सेवा पहुंच को मजबूत करने के लिए, मंत्रालय ने जनजातीय बहुल जिलों में लगभग 56,422 आदि सेवा केंद्रों (एएसके) की स्थापना को सुगम बनाया है। ये केंद्र शिकायतों के निवारण, सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता और स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित सेवाओं के अभिसरण (समन्वय) के लिए सामुदायिक सुविधा केंद्रों के रूप में कार्य करते हैं। इन केंद्रों के माध्यम से, जनजातीय समुदायों को विभिन्न केंद्रीय और राज्य योजनाओं के तहत मिलने वाले हकों (लाभों) तक पहुंच प्राप्त करने के लिए सहायता मिलती है, साथ ही सामुदायिक स्तर पर निगरानी और सहभागी शासन को सक्षम बनाया जाता है।
इस अभियान के अंतर्गत क्षमता निर्माण का कार्य एक संरचित प्रशिक्षण संरचना के माध्यम से किया गया है, जिसमें क्षेत्रीय प्रक्रिया प्रयोगशालाएं (7 बैच), राज्य प्रक्रिया प्रयोगशालाएं (75 बैच), जिला प्रक्रिया प्रयोगशालाएं (446 बैच) और 1,580 से अधिक ब्लॉक प्रक्रिया प्रयोगशालाएं शामिल हैं, साथ ही 68,000 से अधिक गांवों में ग्राम कार्यशालाएं आयोजित की गई हैं। इन प्रशिक्षण मॉड्यूलों का उद्देश्य सहभागी ग्राम नियोजन, सेवा प्रदायगी अभिसरण (समन्वय), शिकायत निवारण तंत्र और ग्राम सभा आधारित निर्णय लेने की प्रक्रिया को सुदृढ़ करना है। परिणामस्वरूप, 54,324 ग्राम कार्यपुस्तिकाएँ और 62,187 ग्राम कार्य योजनाएँ (वीएपी) डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड की गई हैं, जो जनजातीय विकास संबंधी उपायों के लिए बेहतर सामुदायिक भागीदारी और योजना निर्माण को दर्शाती हैं।
मंत्रालय स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, वन और पंचायती राज जैसे संबंधित मंत्रालयों के साथ समन्वय को बढ़ावा दे रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रशिक्षित आदि कर्मयोगी कैडर जनजातीय क्षेत्रों में सरकारी कार्यक्रमों के प्रभावी कार्यान्वयन में सहयोग प्रदान करें। इन प्रयासों से जनजातीय जिलों में सहभागी शासन को और अधिक गहरा (सुदृढ़) करने और अंतिम छोर तक सेवा प्रदायगी को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
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पीके/केसी/डीवी/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2239350)
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