सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय
सरकार ग्रामीण और अर्ध-शहरी लघु एवं मध्यम उद्यमों को सुदृढ़ करने के लिए कई पहल कर रही है
प्रविष्टि तिथि:
12 MAR 2026 4:53PM by PIB Delhi
देश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के इकोसिस्टम को प्रोत्साहन देने और मजबूत करने के लिए सरकार ने नीति स्तर पर निम्नलिखित उपाय किए हैं, जिनमें ग्रामीण और अर्ध-शहरी एमएसएमई भी शामिल हैं:
- सूक्ष्म एवं लघु उद्यम मंत्रालय ने सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) को दिए गए लोन के लिए क्रेडिट गारंटी प्रदान करने के लिए क्रेडिट गारंटी निधि ट्रस्ट के जरिए एमएसई के लिए क्रेडिट गारंटी योजना (सीजीएस) लागू की है। इस योजना के अंतर्गत गारंटी कवरेज की अधिकतम सीमा 10 करोड़ रुपये है।
- आत्मनिर्भर भारत (एसआरआई) कोष की स्थापना एमएसएमई में इक्विटी फंडिंग के तौर पर 50,000 करोड़ रुपये का निवेश करने के लिए की गई है, जिसमें भारत सरकार की ओर से 10,000 करोड़ रुपये और निजी इक्विटी/ वेंचर कैपिटल फंड की ओर से 40,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रावधान है। बजट 2026-27 में सूक्ष्म उद्यमों को सहयोग जारी रखने और जोखिम पूंजी तक उनकी पहुंच बनाए रखने के लिए 2021 में स्थापित आत्मनिर्भर भारत कोष को बढ़ाने के लिए 2000 करोड़ रुपये की मदद की भी घोषणा की गई है।
- कोविड-19 महामारी के कारण पैदा हुई समस्याओं से प्रभावित पात्र लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और व्यावसायिक उद्यमों को उनके कार्यान्वयन संबंधी देनदारियों को पूरा करने में मदद करने के लिए आत्मनिर्भर भारत पैकेज के अंतर्गत मई 2020 में आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) शुरू की गई थी। यह योजना 31.03.2023 तक रही। वित्तीय सेवाएं विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, ईसीएलजीएस के अंतर्गत, शुरुआत से लेकर 31.03.2023 तक, एमएसएमई को कुल 1.13 करोड़ गारंटी प्रदान की गई हैं, जिनका मूल्य 2.42 लाख करोड़ रुपये है।
- सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (एमएसएमईडी) अधिनियम, 2006 के अध्याय V की धारा 15-23 के अंतर्गत एमएसएमई को 45 दिन के भीतर भुगतान करना अनिवार्य है। एमएसएमईडी अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अंतर्गत, एमएसएमई के विलंबित भुगतानों के मामलों से निपटने के लिए राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों में सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषदों (एमएसईएफसी) की स्थापना की गई है। वस्तुओं और सेवाओं के खरीदारों के विपरीत एमएसएमई की ओर से लंबित भुगतान मामलों को दर्ज करने और उनकी निगरानी के लिए, सरकार ने 30.10.2017 को समाधान पोर्टल का शुभारंभ किया। पोर्टल पर दर्ज किए गए मामलों को एमएसएमई विक्रेता और खरीदार के बीच विवाद के समाधान के लिए संबंधित एमएसईएफसी को भेजा जाता है।
- प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (पीएसएल) के उद्देश्य से खुदरा और थोक व्यापारियों को भी 2 जुलाई, 2021 से एमएसएमई श्रेणी में शामिल किया गया है। अनौपचारिक सूक्ष्म उद्यमों (आईएमई) को औपचारिक वित्तीय ढांचे में लाने और उन्हें पीएसएल लाभ प्राप्त करने में सक्षम बनाने के लिए, उद्यम असिस्ट प्लेटफॉर्म 11 जनवरी, 2023 को शुरू किया गया था। सरकार ने एमएसएमई वर्गीकरण में ऊपर की ओर हस्तांतरण के मामलों में तीन साल की अवधि के लिए गैर-कर लाभों को भी बढ़ाया है।
- डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को एक उपयोगिता के तौर पर, मांग पर शासन और सेवाओं, नागरिकों और एमएसएमई के डिजिटल सशक्तिकरण पर सेवाएं प्रदान करता है। एमएसएमई कई प्लेटफार्मों के जरिए डिजिटल भुगतान भी करते हैं। देश भर में एमएसएमई के डिजिटलीकरण में सहायता के लिए उपरोक्त प्रौद्योगिकियों के एकीकरण को बेहतर बनाने और बढ़ाने के उद्देश्य से, एमएसएमई मंत्रालय हितधारकों के सहयोग से कई पहलें चलाता है, जिनमें उद्यम पोर्टल, एमएसएमई चैंपियंस पोर्टल, सरकारी ई-मार्केटप्लेस, व्यापार प्राप्य छूट प्रणाली (टीआरईडीएस), एमएसएमई व्यापार सक्षमता और विपणन योजना, एमएसएमई संबंध, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) पोर्टल, खादी और ग्राम उद्योग आयोग ऑनलाइन, पीएम विश्वकर्मा पोर्टल और ऑनलाइन विवाद समाधान पोर्टल शामिल हैं।
- पीएमईजीपी गैर-कृषि क्षेत्र में नए सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के लिए 35% तक मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान करता है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग के लिए परियोजना लागत 50 लाख रुपये और सेवा उद्यमों के लिए 20 लाख रुपये है।
- प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना 17.09.2023 को शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य हाथों और औजारों से काम करने वाले 18 पारंपरिक व्यवसायों के कारीगरों और शिल्पकारों को पूरी मदद प्रदान करना है। इस योजना में 8% तक की ब्याज सब्सिडी के साथ 3 लाख रुपये तक के लोन का प्रावधान शामिल है।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने आज लोकसभा में लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।
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पीके/केसी/एमएम
(रिलीज़ आईडी: 2239357)
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