सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय
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एनएसआईसी ने आंध्र प्रदेश में एमएसएमई और उद्यमियों को बहुत लाभ पहुंचाने वाली कई योजनाएं लागू कीं

आंध्र प्रदेश के 1446 अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति उद्यमियों ने एनएसआईसी की ओर से कार्यान्वित राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति केंद्र (एनएसएसएच) योजना का लाभ उठाया

 एनएसआईसी ने आंध्र प्रदेश में एमएसएमई को वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए कच्चे माल की आपूर्ति हेतु कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए

प्रविष्टि तिथि: 12 MAR 2026 4:56PM by PIB Delhi

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय के अधीन एक सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम, राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लिमिटेड (एनएसआईसी), आंध्र प्रदेश के कोनासीमा जिले सहित पूरे देश में लघु एवं मध्यम उद्यमों के संवर्धन एवं विकास के लिए कई योजनाओं के माध्यम से एकीकृत मदद प्रदान करता है। इन योजनाओं में अन्य विषयों के साथ, कच्चा माल सहायता, कच्चा माल वितरण, मार्केटिंग में मदद, क्रेडिट की सुविधा, आईसीटी डिजिटल सेवाएं, कौशल विकास और उद्यमिता में प्रगति आदि शामिल हैं। विजयवाड़ा और विशाखापट्टनम स्थित एनएसआईसी की शाखा कार्यालय कोनासीमा जिले के एमएसएमई की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।

बीते तीन वर्ष और मौजूदा वर्ष के दौरान आंध्र प्रदेश में एनएसआईसी की कई योजनाओं के अंतर्गत सहायता प्राप्त और लाभान्वित होने वाले लघु एवं मध्यम उद्यमों/ उद्यमियों की संख्या निम्नलिखित है:

 

वर्ष

एक जगह पर पंजीकरण योजना

वैश्विक एमएसएमई मार्ट - बी2बी

कच्चा माल सहायता योजना

कच्चा माल वितरण योजना

बैंक सहयोग योजना

बिल डिस्काउंटिंग योजना

2022-23

186

72

83

4

2

-

2023-24

159

102

81

6

2

1

2024-25

144

96

82

2

2

1

2025-26

(28 फरवरी, 2026 तक)

117

191

78

6

7

1

 

आंध्र प्रदेश राज्य में बीते तीन वर्ष और मौजूदा वर्ष के दौरान एनएसआईसी की पहलों के तहत योजनावार मंजूर की गई राशि का विवरण इस प्रकार है:

(लाख रुपये में)

वर्ष

कच्चा माल सहायता योजना

कच्चा माल वितरण योजना

बैंक सहयोग योजना

बिल डिस्काउंटिंग योजना

2022-23

26143.34

364

38.75

-

2023-24

22334.37

435.73

330

400

2024-25

23159.96

477.86

51

283.13

2025-26

(28 फरवरी, 2026 तक)

28244.08

363.98

416

627.15

 

आंध्र प्रदेश के हैदराबाद स्थित एनएसआईसी तकनीकी सेवा केंद्र की ओर से बीते तीन वर्ष और वर्तमान वर्ष (28 फरवरी 2026 तक) के दौरान संचालित उद्यमिता और कौशल विकास कार्यक्रमों का विवरण निम्नलिखित है:

 

वर्ष

कार्यक्रमों की संख्या

अभ्यर्थियों की संख्या

2022-23

1

20

2023-24

1

100

2024-25

2

479

2025-26

(28 फरवरी, 2026 तक)

9

1161

 

एनएसआईसी भारत सरकार की राष्ट्रीय एससी-एसटी हब (एनएसएसएच) योजना को लागू करता है, जिसका उद्देश्य अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के बीच उद्यमिता को प्रोत्साहन देना और लघु एवं लघु उद्यमों (एमएसई) के लिए सार्वजनिक खरीद नीति के अंतर्गत अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के स्वामित्व वाले सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों से अनिवार्य 4% खरीद की पूर्ति को सुगम बनाना है। कई पहलें, जैसे संयंत्र एवं मशीनरी एवं उपकरण की खरीद के लिए संस्थागत वित्त पर विशेष क्रेडिट-लिंक्ड पूंजी सब्सिडी के माध्यम से 25 लाख रुपये तक की सब्सिडी; कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रम; विशेष बाजार सहायता योजना के माध्यम से बाजार संपर्क स्थापित करना; और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए परीक्षण शुल्क, निर्यात संवर्धन परिषदों की सदस्यता शुल्क और सरकार की ओर से सहयोग की गई ई-कॉमर्स पोर्टलों की सदस्यता शुल्क की प्रतिपूर्ति आदि, की गई हैं। बीते तीन वर्ष और मौजूदा वर्ष के दौरान आंध्र प्रदेश राज्य के 1446 अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों ने इस योजना का लाभ उठाया है।

एनएसआईसी ने आंध्र प्रदेश में एमएसएमई को वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए कच्चे माल की आपूर्ति के लिए स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसएआईएल), राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल), बीआईटीएआरए प्राइवेट लिमिटेड, श्री सीमेंट और श्री कन्या स्टील कॉरपोरेशन के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

एनएसआईसी ने आंध्र प्रदेश, विशेष रूप से कोनासीमा जिले में अपनी सेवाओं की पहुंच और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें अन्य विषयों के साथ निम्नलिखित शामिल हैं:

  1. एमएसआईसी योजनाओं के बारे में एमएसएमई को सूचित करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम, टीम पहल कार्यशालाएं, अभियान और सेमिनार आयोजित करना।
  2. एमएसएमई की वित्तीय कठिनाइयों को दूर करने के लिए क्रेडिट और कच्चे माल की मदद प्रदान करना।
  3. साझेदार संस्थानों के माध्यम से उद्यमिता विकास और कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना।
  4. सार्वजनिक खरीद में अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय एससी-एसटी केंद्र (एनएसएसएच) योजना का कार्यान्वयन।
  5. व्यापार मेलों, प्रदर्शनियों आदि के माध्यम से बाजार संपर्क को सरल बनाना।
  6. सहायता सेवाओं के प्रभावी वितरण के लिए राज्य एजेंसियों और जिला प्राधिकरणों के साथ सहयोग करना।

 

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने आज लोकसभा में लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/एमएम

 


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