महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत, आंगनवाड़ी केन्‍द्रों पर बुनियादी ढांचा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न कदम उठाए गए


जनजातीय आबादी के लक्षित विकास के लिए, पीएम जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत आंगनवाड़ी केन्‍द्रों (एडब्‍ल्‍यूसी) के निर्माण के लिए कई अन्य पहलें की गई

सभी गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और किशोरियों तक 'टेक-होम राशन' (टीएचआर) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए, 'पोषण ट्रैकर' में 'नॉमिनी मॉड्यूल' की शुरुआत की गई

प्रविष्टि तिथि: 13 MAR 2026 4:12PM by PIB Delhi

मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत, आंगनवाड़ी केन्‍द्रों (एडब्‍ल्‍यूसी) में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। 15वें वित्त आयोग के चक्र के दौरान, मनरेगा के साथ तालमेल बिठाते हुए 50,000 आंगनवाड़ी केन्‍द्रों का निर्माण किया जा रहा है (हर साल 10,000 केन्‍द्र)। इसमें मनरेगा के तहत 8.00 लाख रुपये, 15वें वित्त आयोग (एफसी) (या किसी अन्य बिना शर्त वाले फंड) के तहत 2.00 लाख रुपये, और एमडब्‍ल्‍यूसीडी द्वारा प्रति केन्‍द्र 2.00 लाख रुपये दिए जाते हैं; यह राशि केन्‍द्र और राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के बीच तय लागत-बंटवारे के अनुपात में साझा की जाती है।

इसके अलावा, राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों को यह भी सलाह दी गई है कि वे आंगनवाड़ी केन्‍द्रों की इमारतों के निर्माण के लिए विभिन्न योजनाओं, जैसे कि सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीलैड), ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास कोष (आरआईडीएफ), पंचायती राज संस्थाओं के लिए वित्त आयोग के अनुदान, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के बहु-क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम (एमएसडीपी) आदि से फंड लेना जारी रखें।

आदिवासी आबादी के लक्षित विकास के लिए पीएम जनमन और 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' के तहत, तथा उत्तरी सीमावर्ती क्षेत्रों पर केन्‍द्रित 'वीवीपी (वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम) - चरण I' के अंतर्गत, आंगनवाड़ी केन्‍द्रों (एडब्‍ल्‍यूसी) के निर्माण के लिए कई अन्य पहलें की गई हैं।

इसके अलावा, आंगनवाड़ी केन्‍द्रों पर बुनियादी ढांचा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मंत्रालय द्वारा कई कदम उठाए गए हैं; इनमें अन्य बातों के साथ-साथ, आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में पीने के पानी की सुविधाओं और शौचालयों के लिए मिलने वाली धनराशि को क्रमशः 10,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये और 12,000 रुपये से बढ़ाकर 36,000 रुपये करना शामिल है।

'मिशन पोषण 2.0' के तहत, 15वें वित्त आयोग के चक्र में, सरकारी भवनों में स्थित दो लाख आंगनवाड़ी केन्‍द्रों (प्रति वर्ष 40,000 की दर से) को बेहतर पोषण प्रदान करने और 'प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा' (ईसीसीई) के लिए 'सक्षम आंगनवाड़ी' के रूप में सुदृढ़ किया जा रहा है। पारंपरिक आंगनवाड़ी केन्‍द्रों की तुलना में सक्षम आंगनवाड़ियों को बेहतर बुनियादी ढांचा प्रदान किया जाता है, जिसमें एलईडी स्क्रीन, जल-छनन प्रणाली, 'पोषण वाटिका', र्ईसीसीई सामग्री और 'बिल्डिंग एज़ लर्निंग एड' (बीएएलए) पेंटिंग्स शामिल हैं।

शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के साथ मिलकर, ईसीसीई और बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान (एफएलएन) सेवाओं को मज़बूत करने के लिए, सरकारी प्राथमिक स्कूलों के परिसर में ही आंगनवाड़ी केन्‍द्रों (एडब्‍ल्‍यूसी) को स्थापित करने के संबंध में दिशानिर्देश 3 सितम्‍बर, 2025 को संयुक्त रूप से जारी किए गए हैं। जिन स्थानों पर भौतिक रूप से एक ही परिसर में स्थापित करना संभव नहीं है, वहाँ आंगनवाड़ी केन्‍द्रों को निकटतम प्राथमिक स्कूल के साथ जोड़ा जाएगा।

ख. मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 एक केन्‍द्र प्रायोजित योजना है। इस योजना का कार्यान्वयन राज्य सरकारों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों के दायरे में आता है। कार्यरत आंगनवाड़ी केन्‍द्रों का राज्य और केन्‍द्र शासित प्रदेश-वार विवरण, साथ ही उनमें नामांकित लाभार्थियों की संख्या, इस लिंक पर उपलब्ध है: https://www.poshantracker.in/statistics

() आँगनवाड़ी केन्‍द्रों (एडब्‍ल्‍यूसी), आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों की निर्धारित संकेतकों पर निगरानी और ट्रैकिंग की सुविधा के लिए पोषण ट्रैकर एप्लिकेशन को एक महत्वपूर्ण शासन उपकरण के रूप में लागू किया गया है। बच्चों में स्टंटिंग (नाटापन), वेस्टिंग (दुबलापन) और कम वजन की व्यापकता की गतिशील पहचान के लिए पोषण ट्रैकर की तकनीक का लाभ उठाया जा रहा है। इसने आँगनवाड़ी सेवाओं जैसे—केन्‍द्रों का खुलना, बच्चों की दैनिक उपस्थिति, ईसीसीई गतिविधियाँ, बच्चों की वृद्धि निगरानी, गर्म पका हुआ भोजन और टेक होम राशन का प्रावधान आदि के लिए वास्तविक समय के करीब डेटा संग्रह की सुविधा प्रदान की है।

सेवा वितरण की अंतिम छोर तक ट्रैकिंग के लिए, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने टेक-होम राशन के वितरण के लिए चेहरा पहचान प्रणाली विकसित की है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लाभ केवल पोषण ट्रैकर में पंजीकृत लक्षित लाभार्थी को ही उनकी पहचान स्थापित होने के बाद दिया जाए।

'सक्षम आँगनवाड़ी और मिशन पोषण 2.0' के तहत सभी गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और किशोरियों को टेक-होम राशन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पोषण ट्रैकर में 'नॉमिनी मॉड्यूल' शुरू किया गया है। यदि किसी कारणवश पंजीकृत लाभार्थी (गर्भवती महिला, स्तनपान कराने वाली माता और किशोरी) एफआरएस के माध्यम से अपना टीएचआर प्राप्त करने के लिए आँगनवाड़ी केन्‍द्र जाने में असमर्थ है, तो वह अपनी ओर से टीएचआर प्राप्त करने के लिए एक नामांकित व्यक्ति को नामित कर सकती है। नामांकित व्यक्ति को केवल एक बार ई-केवाईसी करानी होगी। लेकिन लाभार्थी की ओर से टीएचआर प्राप्त करने के लिए हर बार चेहरा मिलान किया जाएगा। नॉमिनी जोड़ने के बाद भी, यदि नॉमिनी ने राशन प्राप्त नहीं किया है, तो लाभार्थी स्वयं आँगनवाड़ी केंद्र पर जाकर टीएचआर प्राप्त कर सकती है।

यह जानकारी महिला एवं बाल विकास केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में दी।

****

पीके/केसी/केपी/एसएस 


(रिलीज़ आईडी: 2239901) आगंतुक पटल : 89
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu