कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय
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दालों में आत्मनिर्भरता के मिशन की वस्तु स्थिति

प्रविष्टि तिथि: 13 MAR 2026 6:36PM by PIB Delhi

दालों की खरीद पर हुई प्रगति की समय-समय पर केंद्रीय नोडल एजेंसियों (सीएनए) जैसे कि राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (एनएएफईडी) और भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ मर्यादित (एनसीसीएफ) के साथ समीक्षा की जाती है। किसानों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने और दाल उत्पादन में आत्मनिर्भरता लाने के लिए, सीएनए पंजीकृत किसानों से उनकी पेशकश के अनुसार तुअर, उड़द और मसूर की खरीद करते हैं। रबी 2026-27 की खरीद अवधि के दौरान, भारत सरकार ने एनएएफईडी और एनसीसीएफ के जरिए पहले ही 1.5 लाख दाल किसानों को पंजीकृत कर लिया है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1 अक्टूबर, 2025 को "दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन" नामक एक केंद्र प्रायोजित योजना को मंजूरी दी है, जिसके लिए 2025-26 से 2030-31 तक छः वर्ष की अवधि के लिए 11,440 करोड़ रुपये का वित्तीय परिव्यय निर्धारित किया गया है। इस मिशन का उद्देश्य दलहन उत्पादन को बढ़ाना है, जिसमें विशेष रूप से तुअर, उड़द और मसूर पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसके साथ ही, किसानों के लिए जलवायु-प्रतिरोधी बीजों के उत्पादन और उपलब्धता को बढ़ावा देना, दलहन की खेती के अंतर्गत क्षेत्र को बढ़ाना और फसल कटाई के बाद भंडारण और प्रबंधन प्रौद्योगिकियों को प्रोत्साहन देना, साथ ही प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) के अंतर्गत मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) मानदंडों के अनुसार अगले चार वर्ष के लिए एनएएफईडी और एनसीसीएफ की ओर से तुअर, उड़द और मसूर की खरीद के लिए मदद प्रदान करना भी इस मिशन का उद्देश्य है। फसल कटाई के बाद के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए, नई दलहन का प्रसंस्करण और पैकेजिंग इकाइयों के निर्माण के लिए परियोजना लागत के 33% या अधिकतम 25 लाख रुपये (जो भी कम हो) तक की वित्तीय मदद प्रदान की जाती है। 2025-26 से 2030-31 की अवधि में 1000 प्रसंस्करण इकाइयों को स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (पीएमकेएसवाई) के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण एवं संरक्षण क्षमता सृजन एवं विस्तार (सीईएफपीपीसी) के लिए 23 दलहन प्रसंस्करण इकाइयों को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 18 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। ऊपर दी गई परियोजनाओं की कुल लागत 315.88 करोड़ रुपये है, जिसमें 4.44 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष की प्रसंस्करण क्षमता निर्माण करने के लिए 74.39 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता/ सब्सिडी को मंजूरी दी गई है।

कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/एमएम


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