पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुवाहाटी में एलिवेटेड पोर्ट कॉरिडोर का उद्घाटन किया और असम में 526 करोड़ रुपये के निवेश से कई जलमार्ग परियोजनाओं का शुभारंभ किया
“असम आज हमारे पूर्वोत्तर, अष्टलक्ष्मी के नए भविष्य का आदर्श बन रहा है; यहाँ की प्रगति पूरे पूर्वोत्तर को नई गति प्रदान कर रही है”: प्रधानमंत्री मोदी
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल प्रधानमंत्री मोदी के साथ डिब्रूगढ़ के बोगीबील में 188 करोड़ रूपये के क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र (आरसीओई) के भूमि पूजन में शामिल हुए
ब्रह्मपुत्र (एनडब्यूक -2) पर बिश्वनाथ घाट और नेमाती में क्रूज टर्मिनलों के लिए 158 करोड़ रूपये की परियोजना
पांडू पत्तन पर 180 करोड़ रूपये के एलिवेटेड कॉरिडोर ने नदी और सड़क के बीच अंतिम मील की दूरी को समाप्तय कर दिया है, जिससे पूर्वोत्तर के लॉजिस्टिक विकास को तीव्र गति मिली है
प्रविष्टि तिथि:
13 MAR 2026 9:32PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुवाहाटी के पांडू पत्तन को राष्ट्रीय राजमार्ग-27 से जोड़ने वाले अत्याधुनिक एलिवेटेड रोड कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया। साथ ही, उन्होंने बिश्वनाथ घाट पर क्रूज टर्मिनल की नींव रखी और डिब्रूगढ़ के बोगीबील स्थित क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र (आरसीओई) और नेमाती स्थित क्रूज टर्मिनल का भूमि पूजन किया। इन चार परियोजनाओं में ब्रह्मपुत्र नदी (एनडब्ल्यू-2) पर अंतर्देशीय जलमार्गों के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए कुल 526 करोड़ रूपये का निवेश किया गया है। इन परियोजनाओं का कार्यान्वयन पत्तन पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय (एमओपीएसडब्ल्यू) के अधीन भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) द्वारा किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि प्रसिद्ध नेमाती घाट और विश्वनाथ घाट पर आधुनिक क्रूज टर्मिनल बनाने का काम आज से शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देते हुए कहा कि यह केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं है, बल्कि यह असम में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देने वाला कदम है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने पर्यटन को केवल दर्शनीय स्थलों तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसे रोजगार और विकास के एक बड़े अवसर के रूप में देखा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इसी परिकल्पना के साथ ब्रह्मपुत्र नदी पर जल पर्यटन की संभावनाओं का विस्तार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने बताया कि क्रूज टर्मिनल बनने के बाद ब्रह्मपुत्र पर क्रूज संचालन और भी आगे बढ़ेगा और भारत और दुनिया भर के पर्यटकों के लिए असम पहुंचना और भी आसान हो जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि क्रूज पर्यटन के बढ़ने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, कारीगरों और हस्तशिल्प श्रमिकों को नए बाजार मिलेंगे और छोटे दुकानदारों, नाविकों और होटल एवं परिवहन से जुड़े लोगों की आय में भी वृद्धि होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा, "असम में पर्यटन अब केवल यात्रा और दर्शनीय स्थलों को देखने तक सीमित नहीं रह गया है, यह स्थानीय विकास और सार्वजनिक समृद्धि का एक नया इंजन बन रहा है।"
यह कार्यक्रम गुवाहाटी के ज्योति-बिष्णु सभागार में असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा और केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामय उपस्थिति में आयोजित किया गया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने यात्री और माल परिवहन के लिए पर्यावरण के अनुकूल और किफायती साधन के रूप में अंतर्देशीय जलमार्गों की अपार क्षमता को लगातार स्वीकार किया है। उनके नेतृत्व में, पूर्वोत्तर राज्यों में टर्मिनलों, जेट्टी और जलमार्ग से जुड़े बुनियादी ढांचे के माध्यम से संपर्क और विकास का एक नया चरण आकार ले रहा है, जो आजीविका को बदल रहा है और भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी की प्रतिबद्धताओं को और मजबूत कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि असम आज भारत के पूर्वोत्तर, अष्टलक्ष्मी क्षेत्र के नए भविष्य के रूप में उभर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि असम की प्रगति पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र को नई गति प्रदान कर रही है। प्रत्येक युवा और परिवार से आग्रह करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हमें मिलकर एक विकसित असम के लिए काम करना होगा ताकि असम देश में एक आदर्श राज्य के रूप में उभर सके।"
प्रधानमंत्री ने नवरात्रि की पूर्व संध्या पर मां कामाख्या की पवित्र भूमि पर उपस्थित होने के सौभाग्य के लिए आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "नवरात्रि प्रारंभ होने से ठीक पहले मां कामाख्या की इस पवित्र भूमि पर आपके दर्शन का सौभाग्य प्राप्त करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।"
सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि जिन परियोजनाओं का उद्घाटन और आरंभ किया गया है, वे प्रधानमंत्री मोदी के विकसित और समन्वित पूर्वोत्तर के दृष्टिकोण की प्रत्यक्ष अभिव्यक्ति हैं। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी जी ने वह कर दिखाया है जो दशकों के शासन में संभव नहीं हो सका - उन्होंने पूर्वोत्तर को संभावनाओं के क्षेत्र से प्रगति के क्षेत्र में बदल दिया है। ब्रह्मपुत्र अब केवल एक नदी नहीं रह गई है। उनके नेतृत्व में, यह लाखों लोगों के लिए अवसरों का राजमार्ग बन रही है। उनके कुशल नेतृत्व में, अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन के सबसे किफायती और पर्यावरण के अनुकूल साधन बन रहे हैं। इन्हें मजबूत करने से भारत के लॉजिस्टिक क्षेत्र के परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त हुआ है और विकास के नए अवसर खुल रहे हैं।"
पांडू पत्तन परिसर को एनएच-27 से जोड़ने वाला यह एलिवेटेड रोड कॉरिडोर, जो 180 करोड़ रुपये के निवेश से बन रहा है, एनडब्ल्यू-2 के प्रमुख नदी टर्मिनलों में से एक और राष्ट्रीय राजमार्ग तंत्र के बीच अंतिम मील तक संपर्क की महत्वपूर्ण कमी को पूरा करता है। गुवाहाटी के शहरी भीड़भाड़ से बचने के लिए डिज़ाइन किया गया यह कॉरिडोर पांडू पत्तन तक निर्बाध दोतरफा पहुंच सुनिश्चित करता है, जिससे परिचालन लचीलापन और पत्तन तक संपर्क में सुधार होता है और लॉजिस्टिक लागत में काफी कमी आती है।
बिश्वनाथ घाट पर क्रूज टर्मिनल, जिसकी नींव शुक्रवार को रखी गई, ब्रह्मपुत्र (एनडब्ल्यू-2) नदी के किनारे आधुनिक क्रूज अवसंरचना के निर्माण के समन्वित प्रयास का हिस्सा है। यह टर्मिनल यात्रियों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाएगा, नदी क्रूज संचालन को बढ़ावा देगा और पर्यटन, आतिथ्य एवं हस्तशिल्प के क्षेत्र में स्थानीय समुदायों के लिए नए आर्थिक अवसर पैदा करेगा।
डिब्रूगढ़ के बोगीबील में स्थित क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र (आरसीओई), जिसका भूमि पूजन किया गया, 188 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित किया जा रहा है। पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह का यह पहला समुद्री कौशल विकास केंद्र है, जो प्रतिवर्ष 5,000 से अधिक छात्रों को पोत संचालन, अंतर्देशीय जलमार्ग और समुद्री लॉजिस्टिक में प्रशिक्षण प्रदान करेगा। इसमें चालक दल और प्रशिक्षु कार्यक्रमों के लिए अनुसंधान और विकास अवसंरचना भी होगी, जिससे भारत के बढ़ते अंतर्देशीय जलमार्ग क्षेत्र की आवश्यकता के अनुरूप कुशल मानव संसाधन का निर्माण होगा।
शुक्रवार को भूमि पूजन के साथ शुरू किया गया नेमाती क्रूज टर्मिनल, एनडब्ल्यू-2 के साथ क्रूज पर्यटन और संगठित यात्री आवागमन को मजबूत करेगा, जिससे ब्रह्मपुत्र कॉरिडोर के पर्यटकों और समुदायों के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार होगा। बिश्वनाथ घाट और नेमाती में स्थित इन दो क्रूज टर्मिनल परियोजनाओं में कुल 158 करोड़ रूपये का निवेश किया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हजारों करोड़ रुपये की ये परियोजनाएं असम के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही हैं और राज्य की समृद्धि को बढ़ावा दे रही हैं।” प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले एक दशक में मौजूदा सरकार ने आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अभूतपूर्व पहल की है।
“ब्रह्मपुत्र नदी हमेशा से पूर्वोत्तर की जीवनरेखा रही है, लेकिन हमने विकास के इंजन के रूप में इसकी पूरी क्षमता का उपयोग कभी नहीं किया। हमारे ऊर्जावान प्रधानमंत्री मोदी जी ने इसे बदल दिया है। जलमार्ग लागत के लिहाज से फायदेमंद होते हैं, जिससे पूर्वोत्तर के किसानों, व्यापारियों और निर्माताओं को सीधा लाभ मिलता है। क्षेत्र में पुनर्जीवित जलमार्ग प्रणाली इस आर्थिक जीवनरेखा को इसके सबसे महत्वपूर्ण मोड़ पर मजबूत करती है। बिश्वनाथ घाट और नेमाती में बनने वाले आगामी क्रूज टर्मिनल नदी के किनारे बसे हजारों परिवारों के लिए आजीविका के नए मंच के रूप में काम करेंगे। बोगीबील स्थित क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र (आरसीओई) कुशल मानव संसाधन का निर्माण करके इस विकास को निरंतर बनाए रखता है, ताकि अगली पीढ़ी को भी लाभ मिल सके। हमारे हजारों युवा अब उभरते और फलते-फूलते समुद्री उद्योग का हिस्सा बनने के लिए खुद को तैयार कर सकेंगे। मोदी जी की एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत, ब्रह्मपुत्र नदी असम को दक्षिणपूर्व एशिया से जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बन रही है - एक ऐसे परिवहन माध्यम से जो पर्यावरण के अनुकूल, समावेशी और टिकाऊ है,” सर्बानंद सोनोवाल।
ये चारों परियोजनाएं राष्ट्रीय जलमार्ग-2 के साथ व्यापार, पर्यटन, कौशल विकास, रोजगार सृजन को बढ़ावा देने, लॉजिस्टिक लागत को कम करने और क्षेत्रीय और वैश्विक संपर्क को सुगम बनाने के लिए बनाई गई हैं, जो असम और व्यापक पूर्वोत्तर के लिए ब्रह्मपुत्र को एक परिवर्तनकारी लॉजिस्टिक और पर्यटन कॉरिडोर के रूप में विकसित करने के भारत सरकार के व्यापक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाती है।




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पीके/केसी/पीपी/आर
(रिलीज़ आईडी: 2240122)
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