सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्‍वयन मंत्रालय
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राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने अप्रैल 2026 से "कार्यशील सहकारी समितियों पर त्वरित सर्वेक्षण" आयोजित करने की योजना बनाई

प्रविष्टि तिथि: 16 MAR 2026 3:05PM by PIB Delhi

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने सहकारिता मंत्रालय के अनुरोध पर अप्रैल 2026 से कार्यात्मक सहकारी समितियों पर त्वरित सर्वेक्षण आयोजित करने की योजना बनाई है। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य अखिल भारतीय स्तर पर प्रमुख सहकारी क्षेत्रों के सकल मूल्य वर्धित (जीवीए)/उत्पादन के सकल मूल्य (जीवीओ) और रोजगार का अनुमान लगाना है। सर्वेक्षण के लिए नमूना ढांचा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस (एनसीडी) पर आधारित है और इसमें कृषि, डेयरी, मत्स्य पालन, आवास, ऋण, हथकरघा, श्रम और बहुउद्देशीय क्षेत्रों सहित 30 क्षेत्रों में प्राथमिक सहकारी समितियां और उनके संघ शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, इसमें बहुराज्यीय सहकारी समितियां और जिला/राज्य/राष्ट्रीय स्तर के सहकारी संघ भी शामिल होंगे। इस सर्वेक्षण में, चयनित सहकारी समितियों से व्यय, प्राप्तियां, कर, सब्सिडी, वितरण व्यय और मूल्यह्रास तथा रोजगार और श्रम लागत से संबंधित जानकारी दो संदर्भ वर्षों: वित्तीय वर्ष 2020-21 और वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए एकत्र की जाएगी। हालांकि, शहरी सहकारी बैंकों, जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों और राज्य सहकारी बैंकों से केवल रोजगार संबंधी जानकारी ही एकत्रित की जाएगी। इस सर्वेक्षण के माध्यम से प्राप्त सकल मूल्य वर्धित (जीवीए)/सकल मूल्य उत्पादन (जीवीओ) और प्रमुख सहकारी क्षेत्रों में रोजगार संबंधी अनुमान सहकारी क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण में उपयोगी होंगे।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), योजना राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और संस्कृति राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने आज राज्यसभा में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/एसकेजे/एचबी


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