सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्‍वयन मंत्रालय
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सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के आधार वर्ष को 2011-12 से संशोधित करके 2022-23 करने की प्रक्रिया में है

प्रविष्टि तिथि: 16 MAR 2026 3:07PM by PIB Delhi

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आधार वर्ष को 2011-12 से संशोधित करके 2022-23 करने की प्रक्रिया में है। इस प्रक्रिया में कार्यप्रणाली, मदों की सूची, मदों के भार, डेटा स्रोतों और कारखानों की सूची की समीक्षा और अद्यतन करना शामिल है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि औद्योगिक उत्पादन सूचकांक देश में औद्योगिक विकास को सटीक रूप से दर्शाए। औद्योगिक भारों को संशोधित करने और श्रृंखला-आधारित दृष्टिकोण अपनाने का प्रस्ताव उन निरंतर प्रयासों का हिस्सा है जो यह सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे हैं कि सूचकांक उभरते क्षेत्रों, औद्योगिक संरचना में परिवर्तनों को पर्याप्त रूप से दर्शाए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत सांख्यिकीय कार्यप्रणालियों के अनुरूप हो।

मंत्रालय ने अखिल भारतीय औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (टीएसी-आईआईपी) के आधार वर्ष संशोधन के लिए एक तकनीकी सलाहकार समिति का गठन किया है, जो सांख्यिकीय जटिलताओं और कार्यप्रणाली में सुधार, जिसमें श्रृंखला-आधारित दृष्टिकोण भी शामिल है, पर सलाह देने और उनका समाधान करने के लिए है।

नई कार्यप्रणाली के साथ संशोधित औद्योगिक उत्पादन सूचकांक श्रृंखला को मई 2026 में जारी करने की योजना है।

मंत्रालय के अन्य राष्ट्रीय आर्थिक संकेतकों, जैसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आधार वर्ष संशोधन का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है और नए समय श्रृंखला डेटा क्रमशः 12 फरवरी, 2026 और 27 फरवरी, 2026 को जारी किए गए हैं

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), योजना मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और संस्कृति मंत्रालय के राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने आज राज्यसभा में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/एचएन/एसके


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