युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय
युवा विकास पर राष्ट्रीय सेवा योजना का प्रभाव
प्रविष्टि तिथि:
16 MAR 2026 4:43PM by PIB Delhi
सरकार राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के माध्यम से युवाओं के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहन देने और देश की विविधता का अभिमूल्यन विकसित करने के लिए विभिन्न पहल करती है। इनमें शामिल हैं:
-
सामुदायिक सेवा और सामाजिक सहभागिता : एनएसएस स्वयंसेवक स्वास्थ्य और स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण, साक्षरता अभियान, आपदा प्रबंधन और ग्रामीण विकास जैसी गतिविधियों में भाग लेते हैं, जो सामाजिक दायित्व, नेतृत्व और सहानुभूति को विकसित करने में सहायता करते हैं।
-
विशेष शिविर कार्यक्रम : एनएसएस गोद लिए गए गांवों और शहरी समुदायों में सात दिवसीय विशेष शिविरों का आयोजन करता है, जहां स्वयंसेवक गहन सामुदायिक विकास गतिविधियों में संलग्न होते हैं और जमीनी स्तर की वास्तविकताओं से परिचित होते हैं।
-
पूर्वोत्तर क्षेत्र में, उत्तर पूर्वी राज्यों के विभिन्न राज्यों से एनएसएस स्वयंसेवकों को एक साथ लाने के लिए प्रतिवर्ष उत्तर पूर्व एनएसएस महोत्सव का आयोजन किया जाता है। यह महोत्सव सांस्कृतिक आदान-प्रदान, युवाओं के बीच मेलजोल और सामुदायिक सेवा में सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करता है, जिससे युवाओं के बीच राष्ट्रीय एकता और आपसी समझ की भावना मजबूत होती है।
-
राष्ट्रीय एकता और युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम : राष्ट्रीय एकता शिविर (एनआईसी), उत्तर पूर्वी युवा महोत्सव जैसे कार्यक्रम विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वयंसेवकों को एक साथ लाते हैं, जिससे आपसी समझ, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा मिलता है।
-
कौशल विकास और क्षमता निर्माण : एनएसएस विद्यार्थी स्वयंसेवकों के जीवन कौशल, संचार क्षमताओं और नागरिक जागरूकता को बढ़ाने के लिए अभिविन्यास कार्यक्रम, नेतृत्व प्रशिक्षण, व्यक्तित्व विकास सत्र और कार्यशालाओं का आयोजन करता है।
-
राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दिवसों का पालन : एनएसएस इकाइयाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, स्वच्छ भारत अभियान, फिट इंडिया मूवमेंट और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस जैसे कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेती हैं , जिससे विद्यार्थियों को सामाजिक मुद्दों को समझने और राष्ट्र निर्माण गतिविधियों में भाग लेने में सहायता मिलती है।
इन पहलों के माध्यम से, एनएसएस का उद्देश्य स्वैच्छिक सामुदायिक सेवा के माध्यम से विद्यार्थियोंग के व्यक्तित्व और चरित्र का विकास करना और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना है।
सरकार के पास राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के कार्यान्वयन और प्रभाव की निगरानी और मूल्यांकन के लिए व्यवस्था मौजूद हैं। इनमें निम्नलिखित शामिल हैं:आवधिक रिपोर्टिंग प्रणाली: एनएसएस इकाइयां अपने-अपने कार्यक्रम अधिकारियों के माध्यम से राज्य एनएसएस प्रकोष्ठों और क्षेत्रीय निदेशालयों को नियमित गतिविधि रिपोर्ट प्रस्तुत करती हैं, जो कार्यक्रमों की प्रगति और परिणामों की समीक्षा करते हैं।
-
क्षेत्रीय निदेशालयों द्वारा निगरानी: एनएसएस के क्षेत्रीय निदेशालय एनएसएस गतिविधियों के कार्यान्वयन और प्रभाव का आकलन करने के लिए विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और राज्य एनएसएस प्रकोष्ठों के साथ क्षेत्र भ्रमण, निरीक्षण और समीक्षा बैठकें आयोजित करते हैं।
-
कार्यक्रम समीक्षा एवं मूल्यांकन: मंत्रालय समय-समय पर समीक्षा बैठकें, मूल्यांकन अध्ययन और विश्वविद्यालयों एवं विशेषज्ञों सहित हितधारकों के साथ परामर्श आयोजित करता है ताकि राष्ट्रीय सामाजिक सेवा कार्यक्रम (एनएसएस) कार्यक्रमों के प्रभाव का आकलन किया जा सके।
-
सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का दस्तावेजीकरण: एनएसएस इकाइयों द्वारा की गई सफल पहलों और नवोन्मेषी गतिविधियों का दस्तावेजीकरण किया जाता है और उन्हें साझा किया जाता है ताकि उनकी पुनरावृत्ति को प्रोत्साहित किया जा सके और कार्यक्रम के प्रभाव को बढ़ाया जा सके।
-
पुरस्कार एवं मान्यता: राष्ट्रीय, राज्य और विश्वविद्यालय स्तर पर राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार भी प्रभावशाली कार्यों को मान्यता देने और एनएसएस गतिविधियों के गुणवत्तापूर्ण कार्यान्वयन को बढ़ावा देने के लिए एक व्यवस्था के रूप में कार्य करते हैं ।
ये व्यवस्था सामुदायिक विकास और युवा सहभागिता में उनके योगदान का आकलन करते हुए एनएसएस कार्यक्रमों की जवाबदेही, प्रभावी कार्यान्वयन और निरंतर सुधार सुनिश्चित करने में सहायता करते हैं।
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने सोमवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
*****
पीके/केसी/एमकेएस/डीके
(रिलीज़ आईडी: 2240871)
आगंतुक पटल : 67