संचार मंत्रालय
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दूरसंचार विभाग की तकनीकी शाखा, दूरसंचार इंजीनियरिंग केंद्र, 6जी मानकीकरण पर अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन करेगा


इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य घरेलू नवाचार को मजबूत करना और वैश्विक दूरसंचार मानकों में भारत की भूमिका को बढ़ाना है

भारत के 6जी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने एवं वैश्विक दूरसंचार मानकों में भारत की भूमिका को मजबूत करने के लिए 6जी मानकीकरण पर कार्यशाला का आयोजन

आत्मनिर्भर भारत के अनुरूप इस पहल का लक्ष्य भारत को वैश्विक 6जी विकास में अग्रणी योगदानकर्ता के रूप में स्थापित करना है

सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत के वैश्विक विशेषज्ञ 6जी प्रौद्योगिकियों के लिए विकसित हो रहे रोडमैप पर विचार-विमर्श करेंगे

प्रविष्टि तिथि: 16 MAR 2026 6:19PM by PIB Delhi

दूरसंचार इंजीनियरिंग केंद्र (टीईसी) भारत सरकार के संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (डीओटी) की तकनीकी शाखा है और यह 18 मार्च 2026 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में 6जी मानकीकरण पर एक अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन करेगा।

भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण और भारत 6जी दृष्टिकोण के अनुरूप, इस पहल का उद्देश्य 2030 तक भारत को 6जी प्रौद्योगिकियों के डिजाइन, विकास एवं तैनाती में अग्रणी योगदानकर्ता और वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करना है।

इस कार्यशाला में सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत एवं अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण निकायों के प्रमुख विशेषज्ञ एक मंच पर आएंगे और छठी पीढ़ी (6जी) की दूरसंचार प्रौद्योगिकियों के लिए विकसित हो रहे वैश्विक रोडमैप पर विचार-विमर्श करेंगे तथा वैश्विक मानक विकास प्रक्रिया में भारत की भागीदारी को मजबूत करेंगे।

केंद्रीय संचार एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कार्यशाला में उद्घाटन भाषण देंगे।

केंद्रीय संचार और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर विशेष संबोधन देंगे।

इस कार्यशाला में दूरसंचार विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संगठनों के प्रतिनिधियों, उद्योग जगत के नेताओं, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों एवं अनुसंधान समुदाय के सदस्यों के भाग लेने की उम्मीद है।

इस कार्यक्रम में उभरते 6जी पारिस्थितिकी तंत्र के प्रमुख तत्वों पर केंद्रित कई तकनीकी सत्र और विशेषज्ञ चर्चाएं होंगी, जिनमें शामिल हैं:

6जी मानकीकरण के लिए वैश्विक रोडमैप

अगले पीढ़ी की संचार प्रणाली के लिए नेटवर्क संरचना का विकास

• भविष्य के मोबाइल नेटवर्क के लिए स्पेक्ट्रम योजना

• दूरसंचार नेटवर्क में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग का एकीकरण

• भविष्य की संचार प्रणालियों के लिए सुरक्षा एवं विश्वास तंत्र

रेडियो एक्सेस नेटवर्क (आरएएन) प्रौद्योगिकियों में विकास

उभरती हुई 6जी अनुप्रयोग एवं उपयोग के मामले

• अगली पीढ़ी के संचार के लिए 2030 तक भारत का रोडमैप

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य घरेलू नवाचार को मजबूत करना एवं वैश्विक दूरसंचार मानकीकरण में भारत की भूमिका को बढ़ाना होगा।

आईएमटी-2030 और भविष्य की मोबाइल प्रणालियों पर अंतरराष्ट्रीय चर्चाओं में तेजी आने के साथ, यह कार्यशाला वैश्विक घटनाक्रमों की समीक्षा करने एवं वैश्विक दूरसंचार के भविष्य की संरचना को आकार देने में भारत की भूमिका को मजबूत करने के अवसरों का पता लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगी।

टीईसी के संदर्भ में

दूरसंचार इंजीनियरिंग केंद्र (टीईसी) भारत सरकार के संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (डीओटी) की तकनीकी शाखा है। टीईसी भारत में दूरसंचार उपकरणों एवं नेटवर्कों के लिए तकनीकी मानक, विनिर्देश और अनुरूपता मूल्यांकन आवश्यकताओं को तैयार करता है, जिससे इंटरऑपरेबिलिटी, गुणवत्ता एवं वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के साथ सामंजस्य सुनिश्चित होता है। टीईसी आईटीयू-टी, आईटीयू-आर जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों में भारत का प्रतिनिधित्व करता है और वैश्विक मानकीकरण गतिविधियों के लिए राष्ट्रीय कार्य समूहों का समन्वय करता है।

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