पंचायती राज मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

15वें वित्त आयोग की सिफारिशें

प्रविष्टि तिथि: 17 MAR 2026 3:05PM by PIB Delhi

पंद्रहवें वित्त आयोग ने ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए वर्ष 2020-21 [अंतरिम अवधि] के लिए 60,750 करोड़ रुपये एवं 2021-2026 की अवधि के लिए 2,36,805 करोड़ रुपये, आवंटन की सिफारिश की है।

 

पंद्रहवें वित्त आयोग द्वारा अपनाए गए निधियों के आवंटन के मानदंड में राज्यों के बीच पारस्परिक वितरण जनसंख्या पर 90 प्रतिशत के भारांक और राज्यों के क्षेत्रफल पर 10 प्रतिशत के भारांक पर होता है। सभी स्तरों के बीच पारस्परिक वितरण राज्य सरकारों द्वारा नवीनतम राज्य वित्त आयोग (एसएफसी) की स्वीकृत सिफारिशों के आधार पर और निम्नलिखित बैंडों के अनुरूप होता है;

 

वितरण की सीमा

ग्राम पंचायतें

ब्लॉक पंचायतें

जिला पंचायतें

न्यूनतम

70%

10%

5%

अधिकतम

85%

25%

15%

जिन राज्यों में केवल ग्राम और जिला पंचायतों वाली दो स्तरीय प्रणाली है, वहाँ आवंटन निम्नलिखित श्रेणी में होता है;

 

वितरण की सीमा

ग्राम पंचायतें

जिला पंचायतें

न्यूनतम

70%

15%

अधिकतम

85%

30%

 

राज्य वित्त आयोग (एसएफसी) की सिफारिश उपलब्‍ध नहीं होने की स्थिति में, विभिन्न-स्तरों के भीतर पारस्परिक वितरण को ऊपर बताए गए बैंड के अनुसार राज्य सरकार द्वारा तय किया जाना चाहिए। राज्य भर में संबंधित संस्थाओं के बीच अंतर-स्तरीय वितरण जनसंख्या और क्षेत्रफल के आधार पर 90:10 के अनुपात में या नवीनतम एसएफसी की स्वीकृत सिफारिश के अनुसार होना चाहिए।

 

15वें वित्त आयोग के अंतर्गत अनुदान जारी करने के लिए वित्त मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार अनिवार्य पात्रता शर्तें निम्नानुसार हैं:

 

  1. ग्रामीण स्थानीय निकायों को अनुदान के लिए पात्र माना जाएगा, यदि वे विधिवत रूप से गठित हैं, अर्थात यदि विधिवत निर्वाचित निकाय मौजूद हैं, सिवाय उन राज्यों/क्षेत्रों के जहां संविधान का भाग IX लागू नहीं होता है। यदि सभी निकाय विधिवत रूप से गठित नहीं हैं, तो अनुदान केवल विधिवत रूप से गठित निकायों के लिए वास्तविक आवंटन/अनुपात के आधार पर राज्य को जारी किया जाएगा।
  2. विचाराधीन वित्तीय वर्ष के लिए ग्रामीण स्थानीय निकायों द्वारा योजनाओं को ई-ग्रामस्वराज पर अपलोड करना, जैसा भी मामला हो, ऐसा न करने पर अनुदान केवल उन्हीं ग्रामीण स्थानीय निकायों को आनुपातिक आधार पर जारी किया जाएगा, जिन्होंने ई-ग्रामस्वराज एप्लीकेशन पर योजनाएं अपलोड की हैं।
  3. ग्रामीण स्थानीय निकायों को पंद्रहवें वित्त आयोग अनुदानों के लेन-देन के लिए अनिवार्य रूप से ई-ग्राम स्वराज – पीएफएमएस पर ऑनबोर्ड होना होगा।
  4. सभी आरएलबी को ऑडिटऑनलाइन पर पिछले वर्ष से पहले के वर्ष के वार्षिक खातों का ऑडिट पूरा करना होगा, ऐसा न करने पर अनुदान केवल उन्हीं आरएलबी को आनुपातिक आधार पर जारी किया जाएगा, जिन्होंने ऑडिटऑनलाइन एप्लीकेशन पर ऑडिट पूरा कर लिया है।
  5. इसी तरह, सभी आरएलबी को यह सुनिश्चित करना होगा कि पिछले वर्ष के अनंतिम खाते ई-ग्रामस्वराज पोर्टल पर उपलब्ध हों, ऐसा न करने पर अनुदान केवल उन्हीं आरएलबी को आनुपातिक आधार पर जारी किया जाएगा, जिनके वार्षिक खाते ई-ग्रामस्वराज एप्लीकेशन पर उपलब्ध हैं।
  6. जिन राज्यों ने ऐसा नहीं किया है, उन्हें राज्य वित्त आयोग का गठन करना होगा, उनकी सिफारिशों पर कार्य करना होगा और मार्च 2024 तक या उससे पहले राज्य विधानमंडल के समक्ष की गई कार्रवाई के संबंध में स्पष्टीकरण ज्ञापन प्रस्तुत करना होगा। मार्च 2024 के बाद, ऐसे राज्यों को कोई अनुदान जारी नहीं किया जाएगा, जिन्होंने राज्य वित्त आयोग और इन शर्तों के संबंध में संवैधानिक प्रावधानों का अनुपालन नहीं किया है।
  7. समय पर धन वितरण: केंद्र सरकार से 15वें वित्त आयोग द्वारा अनुशंसित अनुदान प्राप्त होने पर राज्य सरकारों को 10 कार्य दिवसों के भीतर संबंधित पंचायतों/पारंपरिक निकायों को हस्तांतरित करना आवश्यक है। 10 कार्य दिवसों से अधिक की देरी होने पर राज्य सरकार को पिछले वर्ष के लिए बाजार उधार/राज्य विकास ऋण पर ब्याज की औसत प्रभावी दर के अनुसार देरी की अवधि के लिए ब्याज सहित अनुदान जारी करना आवश्यक है।

 

15वें वित्त आयोग के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक की पुरस्कार अवधि के दौरान ग्रामीण स्थानीय निकायों को निर्धारित पात्रता शर्तों की पूर्ति पर अनुशंसित और जारी किए गए अनुदानों का राज्यवार विवरण अनुबंध में दिया गया है।

 

पंचायती राज मंत्रालय ने 15वें वित्त आयोग के अनुदानों के राज्यवार वितरण और उपयोग की निगरानी हेतु कई उपाय लागू किए हैं। मंत्रालय ने वर्ष अप्रैल, 2020 में ई-ग्रामस्वराज एप्लिकेशन लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य पंचायतों के कार्यकलापों जैसे योजना निर्माण, बजट, लेखांकन और लेखा परीक्षा की निगरानी करना है। इसके अतिरिक्त, अप्रैल 2020 में ही ऑडिट ऑनलाइन एप्लिकेशन लॉन्च किया गया, जो पंचायत खातों और उनके वित्तीय प्रबंधन का ऑनलाइन ऑडिट करने हेतु है।

 

वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान देशभर के कुल 2,64,211 ग्राम पंचायतों और समकक्ष निकायों में से 2,54,604 (96.36%) ने अपनी ग्राम पंचायत विकास योजनाएँ ई-ग्रामस्वराज पर अपलोड की हैं और 2,42,871 (91.92%) ने ई-ग्रामस्वराज–पीएफएमएस इंटरफ़ेस के माध्यम से विक्रेताओं को ₹38,491 करोड़ का भुगतान किया है।

 

वित्तीय वर्ष 2024–25 में 2.58 लाख से अधिक पंचायती राज संस्थाओं ने अपने अनंतिम खातों को बंद किया है और 1.63 लाख पंचायती राज संस्थाओं ने अपनी ऑडिट रिपोर्ट तैयार की है।

 

पंचायती राज मंत्रालय और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग क्रमशः पंद्रहवें वित्त आयोग के अंतर्गत ग्रामीण स्थानीय निकायों को गैर-निबद्ध (मूल) अनुदान तथा निबद्ध अनुदान की रिहाई की अनुशंसा करने हेतु नोडल मंत्रालय हैं।

 

पंद्रहवें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुसार, ग्रामीण स्थानीय निकायों को अनुदान प्रत्येक वर्ष राज्यों को दो किस्तों में जारी किए जाते हैं। किसी राज्य से अंतिम जारी किस्त के लिए अनुदान हस्तांतरण प्रमाणपत्र (जीटीसी) प्राप्त होने तथा दिशा-निर्देशों में निर्धारित पात्रता शर्तों की पूर्ति होने पर, पंचायती राज मंत्रालय वित्त मंत्रालय को अगली किस्त के गैर-निबद्ध अनुदान की जारी करने की अनुशंसा करता है। इसी प्रकार, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग निबद्ध अनुदान की संबंधित किस्त की जारी करने की अनुशंसा वित्त मंत्रालय को करता है।

 

तदनुसार, अनुदान जारी करने का समय अंतिम किस्त के लिए जीटीसी प्राप्त होने तथा संबंधित राज्य द्वारा निर्धारित पात्रता शर्तों की पूर्ति पर निर्भर कर सकता है। पंचायती राज मंत्रालय ने इन शर्तों की पूर्ति होने पर गैर-निबद्ध अनुदान समय पर जारी किए हैं

अनुबंध

 

वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक की अनुशंसा अवधि के दौरान ग्रामीण स्थानीय निकायों को 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत अनुशंसित और जारी किए गए अनुदानों का राज्यवार विवरण

(रु. करोड़ में)

क्र सं

राज्य

2020-21

2021-22

2022-23

2023-24

2024-25

2025-26

कुल

आवंटन

जारी

आवंटन

जारी

आवंटन

जारी

आवंटन

जारी

आवंटन

जारी

आवंटन

जारी

आवंटन

जारी

1

आंध्र प्रदेश

2625.00

2625.00

1939.00

1917.85

2010.00

1976.75

2031.00

1997.45

2152.00

2109.97

2099.00

2053.81

12856.00

12680.82

2

अरूणाचल प्रदेश

231.00

231.00

170.00

170.00

177.00

35.40

179.00

0.00

189.00

0.00

185.00

0.00

1131.00

436.40

3

असम

1604.00

1604.00

1186.00

1186.00

1228.00

1228.00

1241.00

1241.00

1315.00

1315.00

1283.00

1283.00

7857.00

7857.00

4

बिहार

5018.00

5018.00

3709.00

3709.00

3842.00

3842.00

3884.00

3855.33

4114.00

4109.01

4012.00

2806.31

24579.00

23339.65

5

छत्तीसगढ़

1454.00

1454.00

1075.00

1075.00

1114.00

1114.00

1125.00

1125.00

1192.00

1185.25

1163.00

802.06

7123.00

6755.32

6

गोवा

75.00

75.00

55.00

55.00

57.00

48.46

58.00

36.13

62.00

0.00

61.00

0.00

368.00

214.59

7

गुजरात

3195.00

3195.00

2362.00

2362.00

2446.00

2446.00

2473.00

2473.00

2619.00

2619.00

2555.00

1782.04

15650.00

14877.04

8

हरियाणा

1264.00

1264.00

935.00

935.00

968.00

967.30

979.00

953.59

1036.00

1012.51

1011.00

988.14

6193.00

6120.54

9

हिमाचल प्रदेश

429.00

429.00

317.00

317.00

329.00

329.00

332.00

318.04

352.00

352.00

343.00

341.50

2102.00

2086.54

10

झारखण्ड

1689.00

1689.00

1249.00

1249.00

1293.00

1293.00

1307.00

1307.00

1385.00

962.94

1351.00

0.00

8274.00

6500.94

11

कर्नाटक

3217.00

3217.00

2377.00

2375.50

2463.00

2093.55

2490.00

2086.59

2637.00

2133.25

2572.00

0.00

15756.00

11905.89

12

केरल

1628.00

1628.00

1203.00

1203.00

1246.00

1246.00

1260.00

1260.00

1334.00

1334.00

1301.00

650.50

7972.00

7321.50

13

मध्य प्रदेश

3984.00

3984.00

2944.00

2944.00

3050.00

3050.00

3083.00

2923.89

3265.00

3262.75

3185.00

630.65

19511.00

16795.29

14

महाराष्ट्र

5827.00

5827.00

4307.00

4267.16

4461.00

3696.71

4510.00

3629.21

4776.00

3169.72

4659.00

2507.25

28540.00

23097.05

15

मणिपुर

177.00

177.00

131.00

65.50

135.00

0.00

137.00

0.00

145.00

0.00

142.00

0.00

867.00

242.50

16

मेघालय

182.00

182.00

135.00

94.50

140.00

0.00

141.00

0.00

149.00

0.00

146.00

0.00

893.00

276.50

17

मिजोरम

93.00

93.00

69.00

69.00

71.00

71.00

72.00

72.00

76.00

76.00

74.00

37.00

455.00

418.00

18

नागालैंड

125.00

125.00

92.00

92.00

96.00

48.00

97.00

0.00

102.00

0.00

99.00

0.00

611.00

265.00

19

ओड़िशा

2258.00

2258.00

1669.00

1669.00

1728.00

1728.00

1747.00

1746.91

1851.00

1851.00

1805.00

1712.98

11058.00

10965.89

20

पंजाब

1388.00

1388.00

1026.00

1026.00

1062.00

1062.00

1074.00

1058.35

1138.00

1127.86

1110.00

555.00

6798.00

6217.22

21

राजस्थान

3862.00

3862.00

2854.00

2854.00

2957.00

2955.34

2989.00

2847.96

3166.00

3166.00

3087.00

757.60

18915.00

16442.90

22

सिक्किम

42.00

42.00

31.00

31.00

33.00

33.00

33.00

33.00

35.00

32.78

33.00

22.85

207.00

194.63

23

तमिलनाडु

3607.00

3607.00

2666.00

2666.00

2761.00

2761.00

2791.00

2791.00

2957.00

2957.00

2884.00

637.93

17666.00

15419.93

24

तेलंगाना

1847.00

1847.00

1365.00

1365.00

1415.00

1415.00

1430.00

1430.00

1514.00

640.07

1477.00

0.00

9048.00

6697.07

25

त्रिपुरा

191.00

191.00

141.00

141.00

147.00

147.00

148.00

148.00

157.00

156.31

153.00

153.00

937.00

936.31

26

उत्तर प्रदेश

9752.00

9752.00

7208.00

7208.00

7466.00

7466.00

7547.00

7547.00

7994.00

7994.00

7797.00

5441.38

47764.00

45408.38

27

उत्तराखण्ड

574.00

574.00

425.00

418.70

440.00

439.21

445.00

444.13

471.00

470.30

458.00

89.41

2813.00

2435.74

28

पश्चिम बंगाल

4412.00

4412.00

3261.00

3261.00

3378.00

3378.00

3415.00

3415.00

3617.00

3472.22

3528.00

3403.92

21611.00

21342.14

 

कुल

60750.00

60750.00

44901.00

44726.22

46513.00

44869.71

47018.00

44739.57

49800.00

45508.95

48573.00

26656.34

297555.00

267250.78

 

 

यह जानकारी केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन सिंह ने 17 मार्च 2026 को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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