औषधि विभाग
आवश्यक चिकित्सीय उपकरणों में उच्च व्यापार मार्जिन का मुद्दा
प्रविष्टि तिथि:
17 MAR 2026 3:27PM by PIB Delhi
औषधि विभाग के अधीन राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रकाशित और औषधि विभाग द्वारा औषधि (मूल्य नियंत्रण) आदेश, 2013 (डीपीसीओ, 2013) के शेड्यूल-I में शामिल आवश्यक औषधियों की राष्ट्रीय सूची (एनएलईएम) में शामिल दवाओं और चिकित्सीय उपकरणों के लिए अधिकतम मूल्य निर्धारित करता है। कोरोनरी स्टेंट [बेयर मेटल स्टेंट (बीएमएस) और ड्रग एल्यूटिंग स्टेंट (डीईएस)] डीपीसीओ, 2013 की शेड्यूल-I में शामिल हैं और तदनुसार एनपीपीए डीपीसीओ, 2013 के प्रावधानों के अनुसार उनके अधिकतम मूल्य निर्धारित करता है। वर्तमान में बीएमएस के लिए लागू अधिकतम मूल्य 10,692.69 रुपये और डीएसई के लिए 38,933.14 रुपये है। डीपीसीओ, 2013 के तहत निर्धारित मूल्य पूरे देश में लागू हैं। स्टेंट के सभी निर्माताओं, विपणनकर्ताओं और आयातकों को अपने उत्पादों को इस अधिकतम मूल्य (लागू वस्तु एवं सेवा कर सहित) के भीतर बेचना अनिवार्य है। इसके अलावा, एनपीपीए ने 12.02.2018 को एक अधिसूचना जारी की थी, जिसमें अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों जैसे संस्थानों को, जो कोरोनरी स्टेंट का उपयोग करके एंजियोप्लास्टी प्रक्रियाएं करते हैं और मरीजों से सीधे बिल लेते हैं, उक्त अधिसूचना में निर्धारित अधिकतम मूल्य का पालन करना होगा। साथ ही, उक्त अधिसूचना में इन संस्थानों को अपने अनुमान/प्रोफोर्मा इनवॉइस/अंतिम बिल आदि में कोरोनरी स्टेंट की लागत, उसकी श्रेणी जैसे बेयर-मेटल स्टेंट (बीएमएस) या ड्रग-एल्यूटिंग स्टेंट (डीईएस), ब्रांड नाम, निर्माता/आयातकर्ता का नाम/बैच संख्या/विनिर्देश और अन्य विवरणों का स्पष्ट रूप से उल्लेख करने का भी निर्देश दिया गया है।
इसके अतिरिक्त, एनपीपीए ने जनहित में अगस्त 2017 में नी रिप्लेसमेंट सिस्टम के लिए ऑर्थोपेडिक नी प्रत्यारोपण हेतु अधिकतम मूल्य निर्धारित और अधिसूचित किए थे, जिसे 15 नवंबर, 2026 तक या अगले आदेश तक बढ़ाया गया है।
इसके अलावा, कोविड-19 महामारी के दौरान एनपीपीए ने जनहित में औषधि (मूल्य नियंत्रण) आदेश (डीपीसीओ), 2013 के प्रासंगिक प्रावधान के अनुसार "व्यापार मार्जिन युक्तिकरण" के तहत कुछ आवश्यक चिकित्सकीय उपकरणों जैसे पल्स ऑक्सीमीटर, रक्तचाप मापक यंत्र, नेबुलाइजर, डिजिटल थर्मामीटर और ग्लूकोमीटर पर व्यापार मार्जिन की अधिकतम सीमा निर्धारित की थी।
गैर-अनुसूचित दवाओं/चिकित्सा उपकरणों के मामले में निर्माताओं को यह सुनिश्चित करना होता है कि वे पिछले 12 महीनों की अवधि में अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि न करें। एनपीपीए अनुसूचित और गैर-अनुसूचित दवाओं/चिकित्सा उपकरणों दोनों के मूल्यों की निगरानी करता है और डीपीसीओ, 2013 के प्रावधानों के अनुसार उन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करता है, जो उपभोक्ताओं से अधिक कीमत वसूल रही हैं। यह कार्रवाई अधिक कीमत वसूलने के संबंध में प्राप्त संदर्भों के आधार पर की जाती है, जिसमें राज्यों (महाराष्ट्र सहित) में स्थापित मूल्य निगरानी और संसाधन इकाइयां, राज्य औषधि नियंत्रक, खुले बाजार से खरीदे गए नमूने, बाजार डेटाबेस की रिपोर्ट और शिकायत निवारण माध्यमों के जरिए दर्ज की गई शिकायतें शामिल हैं।
वर्तमान में "एक राष्ट्र, एक मूल्य" ढांचे या आवश्यक चिकित्सीय उपकरणों के लिए राष्ट्रव्यापी मूल्य सीमा निर्धारण का कोई प्रस्ताव विभाग के विचाराधीन नहीं है।
केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने यह जानकारी आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/आईएम/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2241331)
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