मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
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केरल में समुद्री मछली उत्पादन और जलीय कृषि उत्पादन में गिरावट

प्रविष्टि तिथि: 17 MAR 2026 3:18PM by PIB Delhi

केरल सरकार ने सूचित किया है कि राज्य में कुल समुद्री मछली उत्पादन में समय-समय पर उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, लेकिन आईसीएआर–केंद्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान (सीएमएफआरआई)की अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार समग्र उत्पादन में दीर्घकालिक रूप से कोई महत्वपूर्ण गिरावट दर्ज नहीं की गई है। यह भी बताया गया है कि समुद्री मछली उत्पादन वर्ष 2015 में 4.82 लाख टन से बढ़कर वर्ष 2018 में 6.09 लाख टन हो गया था और बीच के वर्षों में कुछ उतार-चढ़ाव के बाद वर्ष 2024-25 में यह उत्पादन 6.47 लाख टन तक पहुँच गया। पिछले पाँच वर्षों के दौरान केरल में मछली उत्पादन का विवरण संलग्न है।

(ग) एवं (घ): आईसीएआर - अनुसंधान संस्थान मत्स्य क्षेत्र पर जलवायु संबंधी प्रभावों का समय-समय पर आकलन करते रहे हैं। समुद्री मत्स्यिकी सहित मत्स्य पालन पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग ने प्रमुख योजना प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के अंतर्गत समुद्री मत्स्यिकी के संरक्षण, समुद्री मत्स्यिकी के विविधीकरण तथा मैरीकल्चर एवं समुद्री शैवाल की खेती सहित जलीय कृषि को प्रोत्साहित करने के लिए केरल सहित सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कई कदम उठाए हैं।

पिछले 5 वर्षों तथा चालू वर्ष के दौरान भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग ने पीएमएमएसवाई के अंतर्गत केरल सरकार के 1418.51 करोड़ रुपये के मत्स्य विकास प्रस्तावों को स्वीकृति दी है। स्वीकृत गतिविधियों में मछली भंडार के पुनर्जीवन हेतु केरल तट पर कृत्रिम रीफ इकाइयाँ (42 इकाइयाँ), समुद्री मत्स्यिकी को तटीय क्षेत्रों से बाहर गहरे समुद्र में विस्तारित करने के लिए गहरे समुद्र में मछली पकड़ने वाले पोतों (20) का अधिग्रहण, एकीकृत आधुनिक तटीय मत्स्य ग्राम (9 ), जलवायु अनुकूल ग्राम (6), अतिरिक्त आजीविका गतिविधियाँ जैसे बाइवॉल्व कल्‍टीवेशन (1140 इकाइयाँ), सजावटी मछली पालन एवं प्रजनन (822 इकाइयाँ), मीठे/खारे पानी की जलीय कृषि (283.50 हेक्टेयर), जलाशयों में पिंजरे (493), जलाशयों का समेकित विकास (7), तथा तकनीक आधारित गतिविधियाँ जैसे पुनर्चक्रणीय जलीय कृषि प्रणाली (आरएएस) (708 इकाइयाँ) और बायोफ्लॉक कल्चर (780 इकाइयाँ) शामिल हैं। ये सभी गतिविधियाँ मछली भंडार का पुनर्जीवन करने, तटीय मत्स्य पालन से गहरे समुद्र मत्स्यिकी की ओर विविधीकरण तथा तटीय एवं अंतर्देशीय जलीय कृषि में अतिरिक्त/वैकल्पिक आजीविका सृजन के उद्देश्य से स्वीकृत की गई हैं। केरल सरकार ने सूचित किया है कि राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी) के माध्यम से ‘सी रैंचिंग’ कार्यक्रम भी लागू किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत स्थापित कृत्रिम रीफ के पास कोबिया और पोम्पानो मछलियों के बीज छोड़े जा रहे हैं।

इसके अतिरिक्‍त पीएमएमएसवाई के अंतर्गत बीज आपूर्ति और शीत श्रृंखला अवसंरचना के संदर्भ में, केरल के लिए मत्स्य अंडा बैंक (1 इकाई), आइस प्लांट/कोल्ड स्टोरेज की स्थापना (16), हॉर्वेस्ट के बाद परिवहन इकाइयाँ (468), जीवित मछली बिक्री केंद्र (77 इकाइयाँ), मूल्य संवर्धित उद्यम (10 इकाइयाँ), रिटेल मार्केट (5 इकाइयाँ) और मछली कियोस्क (90 इकाइयाँ) स्वीकृत की गई हैं। इसके अतिरिक्त, मछली भंडार के पुनर्जीवन के लिए भारतीय विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) में मछली पकड़ने पर पूर्वी तट पर 15 अप्रैल से 14 जून तक और पश्चिमी तट पर 1 जून से 31 जुलाई तक 61 दिनों की अवधि का एकसमान प्रतिबंध लागू है। मछली पकड़ने पर प्रतिबंध की अवधि के दौरान, सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े सक्रिय पारंपरिक मछुआरों को आजीविका और पोषण सहायता प्रदान करने हेतु सरकार द्वारा वित्तीय सहायता दी जाती है, जिसमें केरल में प्रति वर्ष 1,71,033 मछुआरे लाभान्वित होते हैं।

(ई) बाज़ार संबंधों, सहकारी विपणन और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्मों को मजबूती प्रदान करने के लिए भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग (डीओएफ) ने मछली और मत्स्य उत्पादों की ई-ट्रेडिंग और ई-मार्केटिंग हेतु ई-प्लेटफ़ॉर्मों को सहायता प्रदान की है। इसके अतिरिक्त, मछुआरों, मत्स्य किसानों और अन्य हितधारकों को वास्तविक समय में मूल्य कीमतों की जानकारी उपलब्ध कराने तथा उन्हें बेहतर मूल्य और लाभप्रदता के लिए बातचीत में सक्षम बनाने के लिए, राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी)ने ‘फिश मार्केट प्राइस इंफॉर्मेशन सिस्टम’ (एफएमपीआईएस) लॉन्च किया है, जो वाणिज्यिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री और अंतर्देशीय मछली प्रजातियों के बाजार मूल्यों को संकलित और प्रसारित करता है। साथ ही, भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग ने डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म प्रदान करने और पारंपरिक मछुआरों, मत्स्य सहकारी समितियों, फिश फार्मर्स प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (एफएफपीओ) और मत्स्य क्षेत्र के उद्यमियों सहित सभी हितधारकों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी)के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके माध्यम से उन्‍हें अपने उत्पाद ई-मार्केटप्लेस के जरिए खरीदने और बेचने की सुविधा मिलेगी।

 

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अनुलग्‍नक

केरल में समुद्री मछली उत्पादन और जलीय कृषि उत्पादन में गिरावट के संबंध में विवरण निम्नलिखित है

 

क्र.सं.

वर्ष

अंतर्देशीय

समुद्री

कुल

  1.  

2019-20

2.05

4.75

6.80

  1.  

2020-21

2.24

3.92

6.16

  1.  

2021-22

2.25

6.01

8.26

  1.  

2022-23

2.30

6.91

9.21

  1.  

2023-24

2.51

5.81

8.32

  1.  

2024-25

2.80

6.47

9.27

यह जानकारी मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में दी।

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पीके/केसी/आरके


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