विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
“टीडीबी-डीएसटी ने उन्नत आईवीडी डायग्नोस्टिक किटों के स्वदेशी निर्माण के लिए चेन्नई स्थित एक्रानोलाइफ जीनोमिक्स प्राइवेट लिमिटेड को वित्तीय सहायता प्रदान की”
प्रविष्टि तिथि:
17 MAR 2026 4:45PM by PIB Delhi
भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) ने चेन्नई स्थित एक्रानोलाइफ जीनोमिक्स प्राइवेट लिमिटेड को "इन-विट्रो डायग्नोस्टिक (आईवीडी) नवाचार का स्वदेशीकरण: ट्रूनोम ग्राफएश्योर आईवीडी किट और टीबीएफवाईएनडी आईवीडी किट के व्यापक और सतत विकास को गति देने के लिए अत्याधुनिक विनिर्माण सुविधा केंद्र की स्थापना" नामक परियोजना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है। इस परियोजना का उद्देश्य कंपनी के विकसित स्वदेशी इन-विट्रो डायग्नोस्टिक (आईवीडी) समाधानों के बड़े पैमाने पर उत्पादन और तैनाती में मदद करने के लिए एक उन्नत विनिर्माण सुविधा केंद्र स्थापित करना है।
एक्रानोलाइफ़ जीनोमिक्स प्राइवेट लिमिटेड सेल-फ्री डीएनए और एलएएमपी प्रौद्योगिकी मंचों पर आधारित नवोन्मेषी गैर-आक्रामक निदान प्रौद्योगिकियों के विकास में लगी हुई है, जो संक्रामक रोगों और प्रत्यारोपण निदान जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य देखभाल जरूरतों को पूरा करती है। इस परियोजना के माध्यम से, कंपनी टान्सिडको औद्योगिक एस्टेट में एक अत्याधुनिक विनिर्माण सुविधा केंद्र स्थापित करेगी ताकि दो प्रमुख निदान उत्पादों - ट्रूनोम ग्राफएश्योर और टीबीएफवाईएनडी - के उत्पादन को बढ़ाया जा सके।
कंपनी का प्रमुख उत्पाद - ट्रूनोम ग्राफएश्योर प्रयोगशाला में विकसित रक्त परीक्षण है जिसे ठोस अंग प्रत्यारोपण करा चुके रोगियों में अंग प्रत्यारोपण के बाद होने वाली खामी और संक्रमण का शीघ्र पता लगाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह परीक्षण उन्नत सेल-फ्री डीएनए विश्लेषण का उपयोग करके उच्च नैदानिक संवेदनशीलता और विशिष्टता प्रदान करता है, जिससे चिकित्सक नैदानिक लक्षणों के प्रकट होने से हफ़्तों पहले ही किसी खामी या संक्रमण के संकेतों का पता लगा सकते हैं, जिससे समय पर चिकित्सा और रोगी के बेहतर परिणामों में सहायता मिलती है।
दूसरा उत्पाद – टीबीएफवाईएनडी देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य की सबसे महत्वपूर्ण चुनौतियों में से एक तपेदिक का तेजी से और सटीक पता लगाने की तत्काल जरूरत को पूरा करने के लिए बनाया गया है। ये दोनों नैदानिक किट पूरी तरह से कंपनी के भीतर ही विकसित किए गए हैं और इनकी बौद्धिक संपदा सुरक्षित है। इन्हें कंपनी के स्वामित्व वाले सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म के माध्यम से संसाधित किया जाएगा, जिससे विश्वसनीय और सतत नैदानिक कार्य प्रगति सुनिश्चित होगी।
टीडीबी के सहयोग से, यह परियोजना इन आईवीडी किटों के बड़े पैमाने पर निर्माण के लिए एक समर्पित प्लेटफॉर्म सुविधा स्थापित करने में सक्षम बनाएगी, जिससे आण्विक निदान में भारत की घरेलू क्षमताओं को मजबूती मिलेगी और आयातित निदान प्रौद्योगिकियों पर निर्भरता कम होगी।
इस अवसर पर टीडीबी के सचिव श्री राजेश कुमार पाठक ने कहा कि बोर्ड स्वदेशी जैव प्रौद्योगिकी नवाचारों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो अत्याधुनिक अनुसंधान को किफायती और सुलभ स्वास्थ्य समाधानों में बदल देते हैं। उन्होंने कहा कि निदान प्रौद्योगिकियों के लिए उन्नत विनिर्माण क्षमताओं की स्थापना भारत के स्वास्थ्य सेवा तंत्र को मजबूत करने और महत्वपूर्ण चिकित्सा प्रौद्योगिकियों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
एक्रानोलाइफ जीनोमिक्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटरों ने टीडीबी की ओर से मिली वित्तीय सहायता के लिए आभार व्यक्त किया और बताया कि इस सहायता से कंपनी को उत्पादन बढ़ाने, अपने डायग्नोस्टिक किटों की तैनाती में तेजी लाने और रोगियों तथा स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए नवीन जीनोमिक डायग्नोस्टिक्स तक पहुंच का विस्तार करने में मदद मिलेगी।

****
पीके/केसी/एके/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2241400)
आगंतुक पटल : 53