कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब की उन्नति, गांव की प्रगति और “लखपति दीदी” का हमने बनाया नया मॉडल- श्री शिवराज सिंह चौहान
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक वैभवशाली, आत्मनिर्भर, शक्तिशाली और विकसित भारत का निर्माण कोई नहीं रोक सकता- श्री चौहान
प्रविष्टि तिथि:
17 MAR 2026 7:39PM by PIB Delhi
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यसभा में आज चर्चा के दौरान महात्मा गांधी जी की विरासत, मनरेगा, विकसित भारत–जी राम जी कानून, पीएम आवास, आयुष्मान, मुफ्त राशन, लखपति दीदी और ग्रामीण रोजगार योजनाओं ने देश की प्रगति में किस तरह योगदान दिया है इसके बारे में बताया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बापू हमारे विचारों, भावनाओं और अंतरात्मा में हैं। केंद्रीय मंत्री ने डेढ़ घंटे से ज्यादा के अपने भाषण में कहा कि महात्मा गांधी हमारे विचारों में हैं, हमारी भावनाओं में हैं, हमारी अंतरात्मा में हैं।
श्री चौहान ने विकसित भारत–जी राम जी को “मनरेगा का अपग्रेड” बताते हुए कहा कि यह योजना 100 दिन की जगह 125 दिन के वैधानिक रोजगार की गारंटी, बेहतर मेहनताना, बेरोजगारी भत्ता और देरी पर ब्याज जैसी कानूनी सुरक्षा के साथ किसान और मजदूर दोनों के हित को संतुलित करती है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने विकसित भारत- जी राम जी योजना के लिए केंद्रीय बजट में अब तक का सबसे बड़ा प्रावधान 95,692 करोड़ रुपये किया है जो सिर्फ केंद्र का हिस्सा है। विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा था कि राज्यों के पास पैसा कहां से आएगा, लेकिन श्री चौहान ने राज्यवार प्रावधान गिनाते हुए कहा कि झारखंड, केरल, पंजाब, जम्मू–कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, मिजोरम, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, असम, मेघालय, गुजरात, त्रिपुरा, हरियाणा, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, गोवा और महाराष्ट्र – लगभग हर राज्य ने अपने बजट में जी राम जी के लिए राशि रख दी है, कई जगह कांग्रेस या अन्य दलों की सरकारें होने के बावजूद। उन्होंने कहा, “आप दिल्ली में विरोध का नाटक करते रहिए, राज्यों में आपकी ही सरकारें इस योजना पर मुहर लगा चुकी हैं। इससे साफ है कि योजना को पूरे देश ने स्वीकार कर लिया है।”
गरीब, गांव और “लखपति दीदी” वाला नया मॉडल
अपने जवाब में श्री शिवराज ने गरीब–केंद्रित योजनाओं की लंबी श्रृंखला का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करोड़ों पक्के घर, 11 करोड़ से अधिक शौचालय, उज्ज्वला के करोड़ों गैस कनेक्शन, हर घर नल जल, आयुष्मान भारत के तहत 5 लाख रुपये तक का इलाज, जन औषधि केंद्रों से सस्ती दवाइयां, मुफ्त राशन से 80 करोड़ से अधिक लोगों को राहत, 52 करोड़ से अधिक मुद्रा लोन, स्किल इंडिया, अटल पेंशन, पीएम गरीब कल्याण, किसान सम्मान निधि – यह सब गांधी जी के “अंतिम पंक्ति के व्यक्ति” को ध्यान में रखकर चल रही नीतियों के प्रमाण हैं। महिला सशक्तिकरण पर उन्होंने कहा कि आज करोड़ों “लखपति दीदी” स्वयं–सहायता समूहों के जरिए बैंक लिंकेज, उद्यमिता, “ड्रोन दीदी”, “कृषि सखी”, “बैंक सखी”, “पशु सखी” जैसे मॉडल से आगे बढ़ रही हैं और लक्ष्य अब 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का है। श्री शिवराज सिंह ने कहा कि हमारा संकल्प है कि कोई बहन गरीब न रहे; कल तक जो दीदियां पापड़–अचार तक सीमित थीं, वे आज पंचायतों से लेकर संसद तक की शोभा बढ़ाने की राह पर हैं।
पश्चिम बंगाल के सवालों पर दिया ठोस जवाब
पश्चिम बंगाल में मनरेगा फंड रोकने पर “भेदभाव” के आरोपों को खारिज करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह राजनीतिक नहीं, वैधानिक कार्रवाई थी। उन्होंने बताया कि विभिन्न टीमों और सोशल ऑडिट की रिपोर्ट में मजदूरों की जगह मशीनों से काम, ठेकेदार–केन्द्रित काम, एक काम के कई टुकड़े कर ठेके बाँटना, फर्जी जॉब कार्ड, फर्जी मास्टररोल और 80–20 की बंदरबांट, 80 साल की ‘मज़दूर’ दादियां, तीन–तीन महीने बाद गांव जाकर मनरेगा के पैसे निकालने वाली “कामवाली बाई जैसे गंभीर आरोप सामने आए। वहां सोशल ऑडिट और शिकायतों के जरिए लगभग 11 लाख गड़बड़ियों की रिपोर्ट आई। केंद्र की टीमों ने राज्य सरकार से गड़बड़ियां रोकने को कहा, लेकिन जब सुधार नहीं हुआ और हाईकोर्ट की शर्तों को भी “फाड़कर फेंक दिया गया”, तब मनरेगा फंड पर रोक लगानी पड़ी। श्री चौहान ने साफ किया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क, पीएम आवास और कृषि योजनाओं के पैसे बंगाल को मिलते रहे, क्योंकि हमारा मकसद जनता को सज़ा देना नहीं, व्यवस्था की गड़बड़ियों को ठीक करना है; केवल खाने के लिए पैसा नहीं दिया गया, जवाबदेही भी ज़रूरी है।
पंजाब का जिक्र कर श्री शिवराज सिंह ने कहा- मनरेगा के दौर में यूपीए सरकार ने पंजाब को सिर्फ 858 करोड़ रु. दिए थे, जबकि मोदी जी की सरकार ने उसी पंजाब को 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि मनरेगा के लिए दी, फिर भी आज वही लोग केंद्र पर भेदभाव का आरोप लगाते हैं।
श्री शिवराज सिंह चौहान ने न्यू इंडिया की वैश्विक साख के उदाहरण देते हुए कहा कि गैस–तेल संकट हो या रूस–यूक्रेन युद्ध, भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज दुनिया की बड़ी–बड़ी शक्तियां भारत के हितों पर विचार करती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि एक वैभवशाली, आत्मनिर्भर, शक्तिशाली और विकसित भारत का निर्माण अब कोई नहीं रोक सकता।
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आरसी/एमएस/ डीके
(रिलीज़ आईडी: 2241432)
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