भारी उद्योग मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

भारी उद्योग क्षेत्र की योजनाएं

प्रविष्टि तिथि: 17 MAR 2026 4:47PM by PIB Delhi

भारी उद्योग मंत्रालय भारतीय पूंजीगत वस्तु क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मकता संवर्धन - चरण II” योजना लागू कर रहा है। इस योजना का उद्देश्य निम्नलिखित है:

(i) एक मजबूत और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी पूंजीगत वस्तु क्षेत्र का निर्माण करना;

(ii) प्रौद्योगिकी नवाचार पोर्टलों के उपयोग के माध्यम से विनिर्माण प्रौद्योगिकियों के लिए अनुसंधान और नवाचार हेतु एक आत्मनिर्भर परितंत्र का निर्माण करना;

(iii) मौजूदा मानव संसाधन के कौशल को बढ़ाना और इस क्षेत्र के लिए उच्च कौशल से युक्त मानव संसाधन की उपलब्धता का विस्तार करना;

(iv) दक्षता और उत्पादकता में सुधार के लिए पूंजीगत वस्तु क्षेत्र में उद्योग 4.0 के लिए प्रासंगिक, मजबूत और किफायती प्रौद्योगिकियों को अपनाने में सुगमता बढ़ाने और स्मार्ट विनिर्माण को बढ़ावा देना; और

(v) पूंजीगत वस्तुओं के लिए प्रौद्योगिकियों के प्रगतिशील स्वदेशीकरण को प्रोत्साहन। इस योजना का वित्तीय परिव्यय 1207 करोड़ रुपये है, जिसमें 975 करोड़ रुपये का बजटीय समर्थन और 232 करोड़ रुपये का उद्योग योगदान शामिल है।

इस योजना के तहत अब तक 29 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें 7 उत्कृष्टता केंद्र (सीओई), 4 सामान्य इंजीनियरिंग सुविधा केंद्र (सीईएफसी), 6 परीक्षण एवं प्रमाणन केंद्र, प्रौद्योगिकी विकास के लिए 9 उद्योग त्वरक और कौशल स्तर 6 और उससे ऊपर के लिए योग्यता पैक तैयार करने की 3 परियोजनाएं शामिल हैं।

योजना के प्रथम चरण का तृतीय-पक्ष मूल्यांकन आईआईटी-जोधपुर के निदेशक श्री एस. चौधरी की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति ने किया था। समिति ने अन्य बातों के साथ-साथ यह अनुशंसा की कि वर्तमान योजना ने पूंजीगत वस्तु क्षेत्र की तकनीकी और अवसंरचनात्मक आवश्यकताओं को सीमित रूप से पूरा करने का मार्ग प्रशस्त किया है। हालांकि, देश भर में संपूर्ण पूंजीगत वस्तु उद्योग की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वर्तमान योजना का विस्तार करने से भारत सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल पर वांछित प्रभाव पड़ेगा। तदनुसार, भारी उद्योग मंत्रालय ने 25 जनवरी, 2022 को "भारतीय पूंजीगत वस्तु क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मकता संवर्धन - चरण-II" योजना को अधिसूचित किया।

इस योजना के तहत, प्रत्येक परियोजना की प्रगति की समीक्षा करने के लिए परियोजना समीक्षा एवं निगरानी समिति (पीआरएमसी) का गठन किया गया है।

यह जानकारी भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने आज लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।

****

पीके/केसी/एके/एसके

 


(रिलीज़ आईडी: 2241436) आगंतुक पटल : 50
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu