ग्रामीण विकास मंत्रालय
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एनएसएपी ने सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाया, रिकॉर्ड आवंटन से ग्रामीण रोजगार और कल्याण को बढ़ावा मिला


केंद्रीय सहायता, राज्य द्वारा अतिरिक्त अनुदान और बेहतर पेंशन वितरण प्रणालियों की मदद से 3.09 करोड़ लाभार्थियों को मिली मदद

रोजगार, आय वृद्धि और ग्रामीण परिवर्तन को रफ्तार देने के लिए वीबी-ग्राम 2026-27 के लिए 95,692 करोड़ रुपए का आवंटन

प्रविष्टि तिथि: 17 MAR 2026 5:33PM by PIB Delhi

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) के तहत 3.09 करोड़ बीपीएल लाभार्थियों को लाभ मिलता है, जिसमें प्रत्येक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के लिए लाभार्थियों की संख्या पर योजनावार सीमा निर्धारित है। पिछले तीन वर्षों के दौरान एनएसएपी योजनाओं के तहत जारी की गई धनराशि का विवरण नीचे दिया गया है:

वित्तीय वर्ष

2022-23

2023-24

2024-25

जारी की गई राशि (करोड़ रुपये में)

9652.00

9491.11

9652.00

 

एनएसएपी दिशानिर्देशों के अनुसार, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को केंद्रीय सहायता के अतिरिक्त टॉप-अप प्रदान करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है। राज्य/केंद्र शासित प्रदेश अपने संसाधनों से टॉप-अप प्रदान करते हैं।

एनएसएपी, सौ फीसदी केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसे नागरिकों के सबसे कमजोर वर्ग को बुनियादी स्तर की वित्तीय सहायता प्रदान करने के मकसद से शुरू किया गया था। एनएसएपी के तहत निधि राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को डिजिटल रूप से पंजीकृत लाभार्थियों की संख्या या राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार सीमा, जो भी कम हो, के आधार पर जारी की जाती है। इसके बाद, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश द्वारा जिला/पंचायत स्तर पर लाभार्थियों को पेंशन वितरित की जाती है। पिछले तीन वर्षों के लिए उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड राज्यों को एनएसएपी योजनाओं के तहत जारी की गई निधि अनुलग्नक में दी गई है। एनएसएपी दिशानिर्देशों के अनुसार, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को केंद्रीय सहायता के अतिरिक्त टॉप-अप प्रदान करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है। वर्तमान में, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश एनएसएपी पेंशन योजनाओं के तहत प्रति लाभार्थी प्रति माह 50 रुपये से लेकर 5700 रुपये तक का टॉप-अप दे रहे हैं। नतीजतन, कई राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में एनएसएपी पेंशनभोगियों को औसतन 1100 रुपये मासिक पेंशन मिल रही है।

विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 के तहत हर ग्रामीण परिवार को, जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं, एक वित्तीय वर्ष में एक सौ पच्चीस दिनों का गारंटीकृत मजदूरी रोजगार प्रदान किया जाता है।

अधिनियम की धारा 22 की उपधारा (4) के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों के आधार पर हर राज्य के लिए राज्यवार मानक आवंटन निर्धारित किया जाएगा।

अधिनियम की धारा 22 के अनुसार, अधिनियम के तहत कार्यान्वित योजना केंद्र प्रायोजित योजना होगी और केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच निधि बंटवारे का अनुपात पूर्वोत्तर राज्यों, हिमालयी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू एवं कश्मीर) के लिए 90:10 और विधानमंडल वाले अन्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 60:40 होगा।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए, विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए केंद्र सरकार द्वारा 95,692.31 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो बजट अनुमान स्तर पर ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम के लिए अब तक का सबसे बड़ा आवंटन है। संबंधित अनुमानित राज्य हिस्सेदारी को शामिल करने के बाद, कुल कार्यक्रम परिव्यय 1.51 लाख करोड़ रुपए से अधिक होने की संभावना है, जिससे ग्रामीण परिवर्तन, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और ग्रामीण क्षेत्रों में आय वृद्धि में खासी तेजी आने की उम्मीद है।

एनएसएपी के दिशानिर्देशों में कार्यान्वयन अधिकारियों को उन आवेदकों को प्राथमिकता देने की नीति का पालन करने का प्रावधान है, जिनकी सामाजिक-आर्थिक और स्वास्थ्य स्थिति कमजोर है।

समय-समय पर, मंत्रालय और नीति आयोग द्वारा एनएसएपी योजनाओं के प्रभाव का आकलन करने के लिए विभिन्न प्रभाव आकलन और मूल्यांकन अध्ययन किए गए हैं। इन आकलनों से जमीनी स्तर पर संतोषजनक कार्यान्वयन के संकेत मिलते हैं, जिसमें अधिकांश लाभार्थी पेंशन के चयन, स्वीकृति और वितरण की प्रक्रियाओं से पूरी तरह से संतुष्ट हैं। अध्ययनों से यह भी पता चलता है कि पेंशन का उपयोग खास तौर पर भोजन और स्वास्थ्य देखभाल जैसी आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाता है। साथ ही, उन्होंने सहायता की पर्याप्तता में सुधार, समय पर और नियमित भुगतान सुनिश्चित करने, लाभार्थी सत्यापन और निगरानी प्रणालियों को मजबूत करने आदि जैसे उपायों के ज़रिए कार्यक्रम को और मजबूत करने की सिफारिश की है।

अनुलग्नक

अनुलग्नक, लोकसभा के अतारांकित प्रश्न संख्या 4003 के भाग (ख) के उत्तर में संदर्भित है, जिसका उत्तर 17.03.2026 को एनएसएपी निधि के संबंध में दिया जाना है।

उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड राज्यों को पिछले तीन वर्षों में एनएसएपी योजनाओं के तहत जारी की गई निधि

(लाख रुपये में)

 

राज्य

वित्त वर्ष  2022-23

वित्त वर्ष  2023-24

वित्त वर्ष  2024-25

बिहार

134126.33

147310.6

139068.46

झारखंड

40920.91

27658.89

32478.8

मध्य प्रदेश

101039.78

82790.75

88977.39

उत्तर प्रदेश

183517.67

139301.47

194738.35

 

ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने आज लोकसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/एनएस/डीए

 


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