पंचायती राज मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों का क्षमता निर्माण

प्रविष्टि तिथि: 18 MAR 2026 2:54PM by PIB Delhi

पंचायती राज मंत्रालय, अपनीक्षमता निर्माण पहलों के अंतर्गत, संशोधित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) के तहत, पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) के निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सुविधा प्रदान करता है। पिछले तीन वर्षों के दौरान क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के तहत प्रशिक्षित पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों की वर्ष-वार और राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार संख्या अनुलग्नक-1में दी गई है।

 

पंचायतें, "स्थानीय सरकार" होने के कारण, राज्य का विषय हैं और भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत राज्य सूची का हिस्सा हैं। पंचायती राज मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) की केन्द्रीय प्रायोजित योजना को लागू किया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) को सशक्त बनाने के लिए निर्वाचित प्रतिनिधियों (ईआर) और पीआरआई पदाधिकारियों को ग्राम पंचायत भवनों और कंप्यूटरों, सहायक उपकरणों और बाह्य उपकरणों जैसी अवसंरचनात्मक सहायता प्रदान करके उन्हे क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण प्रदान करना है।

संशोधित आरजीएसए योजना मांग आधारित प्रकृति की है। केन्द्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) द्वारा स्वीकृत वार्षिक कार्य योजनाओं और व्यय की गति के आधार पर राज्यों / संघ राज्य क्षेत्रों को निधि जारी की जाती है। निधियों का जारी होना भी आवश्यक दस्तावेजों जैसे उपयोगिता प्रमाण पत्र और लेखा परीक्षक की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के अधीन है। निधियों का उपयोग केवल उन्हीं अनुमोदित घटकों पर किया जाना है जिन्हें राज्यों / संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा प्राथमिकता दी गई हो। आरजीएसए के तहत आवंटित, जारी और उपयोग की गई निधि का राज्य / संघ राज्य क्षेत्र-वार एवं वर्ष-वार विवरण अनुलग्नक-II में दिया गया है।

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाने के उपायों की प्रभावशीलता का आकलन करने और उनकी पहचान करने के लिए, ग्रामीण प्रबंधन संस्थान, आनंद (आईआरएमए) द्वारा संशोधित आरजीएसए का एक बाहरी मूल्यांकन किया गया था। मूल्यांकन से यह स्पष्ट होता है कि योजना के संरचित, बहु-स्तरीय क्षमता-निर्माण दृष्टिकोण, कक्षा / विषयगत मॉड्यूल, एक्सपोजर दौरा और डिजिटल शिक्षण का संयोजन- पंचायत संचालन, योजना और कार्यान्वयन (जीपीडीपी सहित), डिजिटल शासन,नागरिक सहभागिता और वित्तीय प्रबंधन में पीआरआई की क्षमताओं को सुदृढ़ किया गया  है। प्रशिक्षण के बाद आकलन से जानकारी और पद्धतिमें मापन योग्य सुधार दर्ज किया गया, जिससे प्रभावी स्थानीय शासन और एसडीजी के स्थानीयकरण में सहायता मिली है।

इसके अलावा, नीति आयोग द्वारा परिणामों के संबंध में पूरक साक्ष्य प्रदान करने के लिए आरजीएसए का एक स्वतंत्र मूल्यांकन अध्ययन कराया गया है। अध्ययन में पाया गया है कि आरजीएसए ने जमीनी स्तर पर शासन क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस योजना ने जवाबदेही, पारदर्शिता, लैंगिक व्यवस्था, डिजिटल अवसंरचना का प्रभावी उपयोग और समन्वय सहित कई बहुआयामी विषयों को भी पर्याप्त रूप से आगे बढ़ाया है।

पंचायती राज मंत्रालय पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) और उनके निर्वाचित प्रतिनिधियों की क्षमता को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) की केन्द्रीय प्रायोजित योजना का कार्यान्वयन करता है। आरजीएसए के तहत, नव–निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को उनके शामिल होने के छह महीने के भीतर अभिमुखीकरण प्रशिक्षण और उसके बाद दो वर्षों में पुनश्चर्या प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

इस योजना से दूरदराज के क्षेत्रों में साक्षरता संबंधी बाधाओं और सीमित पहुंच जैसी चुनौतियों का पता चलता है। इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए, प्रशिक्षण मॉड्यूल को विभिन्न  साक्षरता स्तरों और स्थानीय संदर्भों को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया गया है, और प्रशिक्षुओं की क्षमता के आधार पर प्रशिक्षण देने के लिए मास्टर प्रशिक्षकों को तदनुसार प्रशिक्षित किया जाता है। इसके अलावा,विशेष रूप से महिला निर्वाचित प्रतिनिधियों (डब्ल्यूईआर) पर ध्यान देते हुए  एक संरचित और सतत प्रशिक्षण ढांचे को संस्थागत बनाने के उपायों के एक हिस्से के रूप में, स्थानीय भाषाओं में सरलीकृत और गेमिफाइड प्रशिक्षण मॉड्यूल विकसित किए गए हैं, जिसमें डब्ल्यूईआर के लिए विशेष मॉड्यूल भी शामिल हैं। विशेष डब्ल्यूईआर मॉड्यूल के तहत, दिनांक 28.02.2026 की स्थिति के अनुसार 1,05,966महिला निर्वाचित प्रतिनिधियों (डब्ल्यूईआर) को प्रशिक्षित किया गया है और वित्त वर्ष 2025-26के दौरान संशोधित आरजीएसए योजना के तहत लगभग 7लाख डब्ल्यूईआर को प्रशिक्षित किया गया है।

इसके अलावा, व्यापक स्तर पर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए राज्य, जिला और ब्लॉक स्तरों पर एक व्यापक (कैस्केडिंग) मॉडल के माध्यम से आरजीएसए के तहत प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें दूर-दराज के और भौगोलिक रूप से विस्तृत क्षेत्र भी शामिल हैं।

 

अनुलग्नक-I

 

पिछले तीन वर्षों और वर्तमान वर्ष के प्रशिक्षित निर्वाचित पंचायती राज संस्था के प्रतिनिधियों का राज्य-वार और वर्ष-वार विवरण

क्र सं .

 

राज्य

2022-23

2023-24

2024-25

2025-26 (28 फरवरी,2026तक)

प्रशिक्षित ईआर

प्रशिक्षित ईआर

प्रशिक्षित ईआर

प्रशिक्षित ईआर

1

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

692

21

723

619

2

आंध्र प्रदेश

2,201

30,195

65,299

30,342

3

अरुणाचल प्रदेश

2,184

1,198

2,054

3,173

4

असम

51,893

14,499

3,699

63,198

5

बिहार

3,65,222

73,877

2,62,466

57,120

6

केंद्र

1,912

177

329

729

7

छत्तीसगढ़

1,12,193

83,641

26,851

1,29,676

8

गोवा

1,293

2,078

2,645

529

9

गुजरात

175

7

16,343

4,796

10

हरियाणा

4,027

7,493

206

77,973

11

हिमाचल प्रदेश

1,440

30,624

34,283

2,287

12

जम्मू और कश्मीर

2,78,764

1,77,182

23

-

13

झारखंड

3,050

39,503

34,763

48,716

14

कर्नाटक

1,08,496

63,918

54,610

36,234

15

केरल

54,372

20,968

17,684

18,768

16

लद्दाख

-

-

-

72

17

मध्य प्रदेश

56,010

26,763

69,565

1,22,670

18

महाराष्ट्र

3,51,495

3,24,812

1,20,278

54,773

19

मणिपुर

27

884

42

715

20

मेघालय

7,032

47,526

42,077

33,470

21

मिजोरम

1,956

8,712

8,673

11,717

22

नागालैंड

646

2,508

3,920

2

23

ओडिशा

75,270

51,386

96,445

23,629

24

पंजाब

24,596

6,785

42,981

61,018

25

राजस्थान

373

54,574

11,604

10,941

26

सिक्किम

2,529

2,758

2,690

1,188

27

तमिलनाडु

74,179

95,898

48,058

14,931

28

तेलंगाना

1,246

41

30

34,716

29

दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं  दीव

374

608

419

2,228

30

त्रिपुरा

3,794

47,405

36,404

35,016

31

उत्तर प्रदेश

40,264

62,561

36,922

1,26,222

32

उत्तराखंड

2,34,294

68,133

13,157

57,712

33

पश्चिम बंगाल

86,353

1,86,680

1,29,043

1,15,026

 

कुल

19,48,352

15,33,415

11,84,286

11,80,206

 

 

 

अनुलग्नकII

 

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान संशोधित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के तहत आवंटित, जारी और उपयोग की गई निधियों का राज्य/संघ राज्यक्षेत्र-वार विवरण

(राशि करोड़ रुपये में)

क्र.सं.

राज्य/ संघ राज्य क्षेत्र

वर्ष 2025-26 (28.02.2026तक)

आवंटित की गई धनराशि

जारी की गई धनराशि

उपयोग की गई धनराशि

1

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

1

1

1.81

2

आंध्र प्रदेश

30

30

35.02

3

अरुणाचल प्रदेश

52

52

54.04

4

असम

55.71

55.71

57.22

5

बिहार

35

35

35.69

6

छत्तीसगढ़

30

30

29.7

7

दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव

1.25

1.25

1.71

8

गोवा

1

1

1.29

9

गुजरात

7.5

7.5

10.62

10

हरियाणा

17.5

17.5

29.17

11

हिमाचल प्रदेश

14

14

18.77

12

जम्मू एवं कश्मीर

50

50

64.34

13

झारखंड

15

15

21.62

14

कर्नाटक

20

20

22.81

15

केरल

18

18

20.63

16

लद्दाख

0.5

0.5

0.21

17

लक्षद्वीप

0

0

0

18

मध्य प्रदेश

42

42

64.09

19

महाराष्ट्र

53

53

80.52

20

मणिपुर

3.55

3.55

8.95

21

मेघालय

7.5

7.5

4.64

22

मिजोरम

15

15

17.68

23

नागालैंड

10

10

11.21

24

ओडिशा

55

55

80.26

25

पुदुच्चेरी

0

0

0

26

पंजाब

30

30

34.02

27

राजस्थान

10

10

22.96

28

सिक्किम

3

3

4.28

29

तमिलनाडु

20

20

51.67

30

तेलंगाना

3

3

24.83

31

त्रिपुरा

30

30

27.16

32

उत्तर प्रदेश

20.24

20.24

53.35

33

उत्तराखंड

40

40

26.77

34

पश्चिम बंगाल

40

40

71.09

 

उप कुल

730.75

730.75

 

 

अन्य कार्यान्वयन एजेंसी

20.78

20.78

20.58

 

कुल

751.53

751.53

1008.71

 

जारी की गई धनराशि केवल केंद्र सरकार के हिस्से को दर्शाती है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए, जारी की गई धनराशि में 30 जून 2025 तक एसएनए के माध्यम से और 1 जुलाई 2025 से एसएनए-स्पर्श के माध्यम से निर्गत धनराशि शामिल है।

 

यह जानकारी केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन सिंह ने 18 मार्च 2026 को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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