पंचायती राज मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

पंचायती राज विकेंद्रीकरण सूचकांक

प्रविष्टि तिथि: 18 MAR 2026 3:02PM by PIB Delhi

भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची की राज्य सूची के संदर्भ में ‘पंचायत’, 'स्थानीय सरकार" होने के कारण राज्य का विषय है। पंचायतों को राज्यों के पंचायती राज अधिनियमों के अंतर्गत स्थापित और संचालित किया जाता है। संविधान के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, राज्यों ने अपने अलग-अलग पंचायती राज अधिनियम बनाए हैं। भारत के संविधान का अनुच्छेद243छ, आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएं तैयार करने के लिए तथा आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय की ऐसी स्कीमों को, जो पंचायतों को सौंपी जा सके, जिनमें संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध विषय भी शामिल है, के क्रियान्वयन के लिए, किसी भी राज्य के विधान मंडल को, निर्दिष्ट शर्तों के अधीन, उचित स्तर पर पंचायतों को शक्तियों और उत्तरदायित्वों के हस्तांतरण के लिए, कानून द्वारा, प्रावधानों को बनाने का अधिकार देता है। राज्य के विधानमंडल को, पंचायतों को शक्तियों और उत्तरदायित्वों के हस्तांतरण के लिए, ग्यारहवी अनुसूची में वर्णित 29 विषयों पर विचार करना होता है। तदनुसार, पंचायतों का प्रदर्शन संबंधित राज्यों द्वारा उन्हें सौंपी गई शक्तियों और संसाधनों, जो विभिन्न राज्यों में भिन्न-भिन्न होते है, की सीमा पर निर्भर करता है।

 

हालाँकि, पंचायती राज मंत्रालय समय-समय पर अध्ययनों, समीक्षा बैठकों, क्षेत्रों के दौरे, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, सूचना प्रौद्योगिकी अनुप्रयोगों, आदि के माध्यम से, पंचायतों के कार्य-निष्पादन की समीक्षा करता रहता है।

 

जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाने में स्थानीय सरकारों की भूमिका और अंतरण की प्रभावकारिता का आकलन करने के लिए, मंत्रालय ने फरवरी, 2025 में "राज्यों में पंचायतों को अंतरण की स्थिति-एक सांकेतिक साक्ष्य आधारित रैंकिंग, 2024" नामक शीर्षक से रिपोर्ट जारी की है। यह रिपोर्ट अंतरण सूचकांक को प्रस्तुत करती है, जोकि संविधान के भाग-9 के अंतर्गत आने वाले सभी राज्यों/ संघ राज्यों क्षेत्रों को चिन्हित किए गए छः आयामों, अर्थात् रूपरेखा, कार्य, वित्त, पदाधिकारी, क्षमता में वृद्धि और जवाबदेही के आधार पर उनको समग्र स्कोर और रैंक प्रदान करती है। इस रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश राज्य 18 सामान्य श्रेणी के राज्यों में 12वें स्थान पर है।

 

मंत्रालय ग्राम/ग्राम पंचायत, ब्लॉक/मध्यवर्ती पंचायत और जिला पंचायत सहित पंचायती राज संस्थानों के विभिन्न स्तरों पर लोगों की भागीदारी के माध्यम से अगले वित्तीय वर्ष के लिए जमीनी स्तर पर साक्ष्य आधारित, समग्र और समावेशी विकास योजनाओं को संरचित तरीके से तैयार करने के लिए वर्ष 2018 से 'सबकी योजना सबका विकास' के रूप में लोक योजना अभियान शुरू कर रहा है। अभियान का उद्देश्य जमीनी स्तर पर स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों (एलएसडीजी) की प्राप्ति की प्रक्रिया को गति देना है, जो बदले में ग्रामीण क्षेत्रों में सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति की ओर ले जाता है।

 

संशोधित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान की स्थापना के बाद से, ब्लॉक पंचायत विकास योजना (बीपीडीपी) की संख्या इस प्रकार है (13 मार्च 2026 तक):

 

वित्तीयवर्ष 

ब्लॉकपंचायत/समकक्ष की कुल संख्या

अपलोडकी गई कुल योजनाओं की संख्या

2022-23

6752

6332

2023-24

6759

6144

2024-25

6808

6141

2025-26

6792

5638

डेटा स्रोत: https://egramswaraj.gov.in/approveActionPlanData.do

 

आज तक, पंचायत विकास योजनाओं की तैयारी के दौरान ब्लॉक स्तर पर आने वाली बाधाओं के संबंध में राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों से कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

 

मंत्रालय ,आरजीएसए के तहत ई-पंचायत मिशन मोड प्रोजेक्ट (एमएमपी) लागू कर रहा है, जिसने जमीनी स्तर पर पारदर्शिता, दक्षता और शासन में उल्लेखनीय वृद्धि की है। ई-पंचायत एमएमपी के हिस्से के रूप में विकसित, ई-ग्रामस्वराज एप्लिकेशन ने पंचायत स्तर पर डिजिटल योजना, लेखांकन, निगरानी और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा प्रदान की है। सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के साथ ई-ग्रामस्वराज का एकीकरण विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं को वास्तविक समय पर भुगतान करने में सक्षम बनाता है, जिससे निर्बाध धन प्रवाह सुनिश्चित होता है और देरी कम होती है। दिनांक 11.03.2026 तक, वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, देश भर में कुल 2,64,211 ग्राम पंचायतों और समकक्षों में से 2,54,604 ग्राम पंचायतों और समकक्ष (96.36%) ने अपनी ग्राम पंचायत विकास योजनाएं (जीपीडीपी) ई-ग्रामस्वराज पर अपलोड की हैं। साथ ही, 2,42,871 ग्राम पंचायतों और समकक्ष (91.92%) ने ई-ग्रामस्वराज- पीएफएमएस इंटरफ़ेस के माध्यम से ₹38,491 करोड़ का भुगतान हस्तांतरित किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए XV वित्त आयोग के लिए ई-ग्रामस्वराज को अपनाने की राज्य-वार स्थिति अनुबंध-I में प्रदान की गई है।

 

इसके अलावा, मंत्रालय ने अन्य राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफार्मों के साथ एकीकरण के माध्यम से ई-ग्रामस्वराज प्लेटफॉर्म को मजबूत किया है। सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) के साथ एकीकरण ग्राम पंचायतों द्वारा पारदर्शी, कुशल और नियम-आधारित खरीद की सुविधा प्रदान करता है। भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के साथ एकीकरण ग्राम पंचायतों को पंचायत स्तर पर इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए आवेदन करने में सक्षम बनाता है। भाषिनी (BHASHINI) के साथ एकीकरण ई-ग्रामस्वराज की बहुभाषी पहुंच को सक्षम बनाता है। इसके अलावा, मौसम पूर्वानुमान जानकारी का एकीकरण, विशेष रूप से कृषि और आपदा तैयारियों के क्षेत्रों में, समय पर निर्णय लेने में सहायता करता है।

अनुबंध-I 

 

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए XV वित्त आयोग के लिए ई-ग्रामस्वराज को ग्रहण करने की राज्य-वार स्थिति

क्र. संख्या

राज्य का नाम

ग्राम पंचायतों और समकक्ष ग्राम पंचायत की कुल संख्या

ऑनबोर्ड ग्राम पंचायतें

ग्राम पंचायतें और समकक्ष ऑनलाइन भुगतान के साथ

ब्लॉक पंचायत और समकक्ष ब्लॉक पंचायत की कुल संख्या

 ऑनबोर्ड ब्लॉक पंचायत

ऑनलाइन भुगतान के साथ जिला पंचायत और समकक्ष

जिला पंचायत और समकक्ष की कुल संख्या

ऑनबोर्ड जिला पंचायत

 ऑनलाइन भुगतान के साथ जिला पंचायतें

1

आंन्ध्र प्रदेश

13327

13320

13025

660

660

649

13

13

13

2

अरूणाचल प्रदेश

2108

2108

1486

0

0

0

27

26

22

3

असम

2663

2186

2075

182

182

179

30

29

27

4

बिहार

8054

8054

8047

534

534

529

38

38

38

5

छत्तीसगढ़

11692

11687

11313

146

146

146

33

33

27

6

गोवा

191

191

116

0

0

0

2

2

2

7

गुजरात

14619

14596

13800

248

248

248

33

33

33

8

हरियाणा

6227

6227

6010

143

143

141

22

22

22

9

हिमाचल प्रदेश

3615

3615

3562

92

81

81

12

12

12

10

झारखण्ड

4345

4345

4252

264

264

262

24

24

24

11

कर्नाटक

5949

5949

5938

238

232

93

31

31

23

12

केरल

941

941

937

152

152

152

14

14

14

13

मध्य प्रदेश

23011

23011

22194

313

313

309

52

52

52

14

महाराष्ट्र

28002

27934

26438

351

351

265

34

34

33

15

मणिपुर

3175

161

113

0

0

0

12

6

4

16

मेघालय

6884

0

0

0

0

0

3

3

3

17

मिजोरम

855

841

817

0

0

0

0

0

0

18

नागालैंण्ड

1312

984

0

0

0

0

0

0

0

19

उड़ीसा

6794

6794

6785

314

314

313

30

30

30

20

पंजाब

13236

13233

12341

155

152

150

23

23

22

21

राजस्थान

13128

11184

10774

361

353

351

37

33

33

22

सिक्किम

199

199

196

0

0

0

6

6

6

23

तमिलनाडू

12482

12482

12437

388

388

388

36

36

36

24

तेलंगाना

12760

12674

9570

565

547

400

32

32

27

25

त्रिपुरा

1194

1194

1192

75

75

75

9

9

9

26

उत्तराखण्ड

7817

7790

6926

95

95

94

13

13

13

27

उत्तर प्रदेश

57695

57693

57579

826

826

820

75

75

74

28

पश्चिम बंगाल

3339

3339

3337

345

345

345

22

21

21

कुल

265614

252732

241260

6447

6401

5990

663

650

620

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

स्रोत: ई-ग्रामस्वराज पोर्टल

यह जानकारी केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन सिंह ने 18 मार्च 2026 को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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