सहकारिता मंत्रालय
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सहकारी समितियों के लिए रूपे किसान क्रेडिट कार्ड

प्रविष्टि तिथि: 18 MAR 2026 5:25PM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए “सहकार से समृद्धि” के मंत्र के माध्यम से देश में समृद्धि प्राप्त करने के लिए दिनांक 21 मई, 2023 को गुजरात के बनासकांठा और पंचमहल जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (डीसीसीबी) में ‘सहकारिता में सहकार’ को बढ़ावा देने के लिए एक पायलट परियोजना शुरू की गई थी । पायलट परियोजना की सफलता के बाद दिनांक15 जनवरी, 2024 को गुजरात के सभी जिलों में ‘सहकारिता में सहकार’ पर एक राज्यव्यापी अभियान शुरू किया गया था ।

अभियान के उद्देश्यों में अन्य बातों के साथ-साथ प्राथमिक डेयरी सहकारी समितियों (पीडीसीएस) और अन्य गैर-ऋण सहकारी समितियों को माइक्रो-एटीएम का वितरण शामिल है ताकि पैक्स, पीडीसीएस और अन्य सभी सहकारी समितियों के सभी सदस्यों को डोर स्टेप बैंकिंग सेवाएं प्रदान करके व्यवसाय करने में सुगमता, पारदर्शिता और वित्तीय समावेशन सुनिश्चित किया जा सके, जिससे सामाजिक-आर्थिक पिरामिड में सबसे निचले पायदान पर रहने वाले लोगों तक पहुंच बढ़ाई जा सके । अभियान के अंतर्गत, पैक्स, पीडीसीएस और अन्य सहकारी समितियों के सभी सदस्यों को रुपे किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) भी वितरित किए जा रहे हैं, ताकि उन्हें शून्य या कम ब्याज दर (ब्याज अनुदान) पर रियायती ऋण सुविधा प्रदान की जा सके ।

इसके अलावा, अभियान का एक उद्देश्य सभी पैक्स, पीडीसीएस और अन्य सहकारी समितियों को जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (डीसीसीबी)/राज्य स्तरीय सहकारी बैंक (एसटीसीबी) के साथ लिंक करना है ताकि वे विभिन्न बैंकिंग सेवाएं प्राप्त कर सकें ।

उपलब्ध सूचना के अनुसार दिनांक 28.02.2026 तक इस अभियान के अंतर्गत गुजरात में सहकारी समितियों के सदस्यों के 33 लाख से अधिक जमा खाते खोले गए हैं; 10,079 बैंक मित्र नियुक्त किए गए हैं; इन बैंक मित्रों को 10,265 माइक्रो-एटीएम वितरित किए गए हैं; और 6.5 लाख रुपे किसान क्रेडिट कार्ड तथा लगभग 9.5 लाख किसान क्रेडिट कार्ड (पशुपालन) वितरित किए गए हैं ।

ग्रामीणों जैसे कि किसान, दुग्ध उत्पादक, शिल्पकार, कृषि एवं गैर-कृषि श्रमिक और सूक्ष्म उद्यमी, सहकारी बैंकों और विभिन्न सहकारी समितियों के माध्यम से अपने ही गांवों में उपलब्ध कराई गई बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से लाभान्वित होते हैं । दुग्ध उत्पादक और किसान रुपे डेबिट कार्ड का उपयोग करके माइक्रो-एटीएम के माध्यम से दूध के भुगतान की राशि निकालकर डिजिटल भुगतान परितंत्र का अधिक से अधिक  से उपयोग कर रहे हैं । गाँवों में निधियों के बढ़ते प्रवाह ने आसान शर्तों पर ऋण की बेहतर उपलब्धता के माध्यम से स्थानीय उत्पादन कार्यकलापों को भी सहायता प्रदान की है ।

“सहकारिता में सहकार” अभियान ने सहकारी बैंकों की अपनी पहुंच और क्षमता का विस्तार करने की क्षमता को प्रदर्शित किया है, जिससे गुजरात के संपूर्ण सहकारी क्षेत्र को लाभ मिल रहा है । देश भर के सभी जिलों में इस अभियान की सफलता को दोहराने और ग्रामीण सहकारी बैंकों की पहुंच को और अधिक बढ़ाने के लिए “सहकारिता में सहकार” अभियान के राष्ट्रव्यापी कार्यान्वयन हेतु एक मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) का शुभारंभ दिनांक 19.09.2024 को किया गया है ।

यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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AK/AP


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