सहकारिता मंत्रालय
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ओडिशा में सहकारी संस्थाओं का अभिशासन

प्रविष्टि तिथि: 18 MAR 2026 5:37PM by PIB Delhi

भारतीय रिजर्व बैंक और नाबार्ड से प्राप्त सूचना के अनुसार, ओडिशा में सहकारी संस्थाओं की वर्तमान स्थिति 9 शहरी सहकारी बैंक (यूसीबी), 18 ग्रामीण सहकारी बैंक (1 राज्य सहकारी बैंक और 17 जिला केंद्रीय सहकारी बैंक) और 4,287 प्राथमिक कृषि क्रेडिट समितियां (पैक्स) हैं।

सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति की राज्य सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक और नाबार्ड द्वारा नियमित रूप से समीक्षा की जाती है। नाबार्ड ओडिशा राज्य सहकारी बैंक (ओएससीबी) और डीसीसीबी का सांविधिक निरीक्षण करता है ।

राज्य में कोई भी सहकारी बैंक परिसमापन के अधीन नहीं है । लगभग 725 सहकारी समितियां बैंकों के 11.08 करोड़ रुपये के बकाया के साथ परिसमापन के अधीन हैं, और जिनकी वार्षिक  संपरीक्षा सहकारी संपरीक्षा निदेशालय, ओडिशा द्वारा की जाती  है ।

ओडिशा राज्य सहकारी बैंक (ओएससीबी) और सभी जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी) के सांविधिक निरीक्षणों के दौरान एनपीए स्तरों और वित्तीय अनियमितताओं का आकलन किया जाता है और उच्च स्तरीय समिति की बैठकों में उनके निष्पादन की आवधिक समीक्षा भी की जाती है । ओएससीबी का सकल एनपीए अनुपात दिनांक 31.03.2024 को 1.08 प्रतिशत से घटकर दिनांक 31.03.2025 को 0.87 प्रतिशत हो गया, जबकि इसी अवधि के दौरान सभी 17 डीसीसीबी का संचयी सकल एनपीए 7.33 प्रतिशत से घटकर 7.18 प्रतिशत हो गया है ।

दिनांक 31.03.2025 तक की स्थिति के अनुसार, 7 डीसीसीबी का सकल एनपीए 5% तक, 8 डीसीसीबी का सकल एनपीए 5% से 10% के बीच है, और 2 डीसीसीबी का सकल एनपीए 10% से 15% के बीच है ।

भारत सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक ने ओडिशा राज्य सहित देश भर में सहकारी बैंकों को सशक्त बनाने और उनके शासन तथा वित्तीय स्थिरता में सुधार लाने के लिए कई उपाय किए हैं । इनमें सहकारी बैंकों को नई शाखाएं खोलने, डोरस्टेप बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने और ऋण संचालन के विस्तार के लिए विनियामक मानदंडों को आसान बनाने की अनुमति शामिल है । ऋण सीमाओं में वृद्धि, ऋणों का एक बार में  निपटान, एकीकृत लोकपाल योजना के अंतर्गत समावेशन, एईपीएस पर ऑनबोर्डिंग और सीजीटीएमएसई के अंतर्गत सदस्य ऋण संस्थानों के रूप में मान्यता जैसे उपाय भी शुरू किए गए हैं । इसके अलावा, एक अम्ब्रेला संगठन के रूप में एनयूसीएफडीसी, प्रौद्योगिकीय सहायता के लिए सहकार सारथी और आई4सी और एनसीआरपी पोर्टलों पर सहकारी बैंकों की ऑनबोर्डिंग जैसी पहलों का उद्देश्य शासन में सुधार करना, धोखाधड़ी को रोकना और सहकारी बैंकिंग प्रणाली को सशक्त करना है ।

इसके अलावा, ओडिशा सरकार राज्य में सभी जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी) की शेयर पूंजी में योगदान करके सहकारी बैंकों के पुनर्पूंजीकरण के लिए सहायता प्रदान कर रही है । विगत तीन वर्षों के दौरान डीसीसीबी को जारी की गई शेयर पूंजी सहायता निम्नानुसार है:

वर्ष

सहायता

2022-23

102.00 करोड़ रुपये

2023-24

73.00 करोड़ रुपये

2024-25

28.02 करोड़ रुपये

 

यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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AK/AP


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