सहकारिता मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

बिहार में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) का सुदृढ़ीकरण और कम्प्यूटरीकरण

प्रविष्टि तिथि: 18 MAR 2026 5:41PM by PIB Delhi

बिहार राज्य से प्राप्त सूचना के अनुसार, बिहार में कुल 8,463 प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (पैक्स) हैं। सरकार ने किसानों को प्रचालन दक्षता, पारदर्शिता और सेवा प्रदाय में सुधार के लक्ष्य के साथ इन पैक्स के कम्प्यूटरीकरण की शुरुआत की है। अब तक बिहार में 4477 पैक्स का कम्प्यूटरीकरण किया जा चुका है।

बहुद्देशीय समितियों में रूपांतरित पैक्स का विवरण इस प्रकार है:-

क्रम संख्या

विवरण

स्थिति

i

पैक्स की संख्या

8463

ii.

2 या अधिक सेवाओं में शामिल

7617

iii.

3 या अधिक सेवाओं में शामिल

6234

 

इन पैक्स की प्रमुख कार्यकलापों में प्रापण, कस्टम हाइरिंग सेंटर, ड्राई स्टोरेज सुविधाएं, कॉमन सेवा केंद्र, उचित मूल्य की दुकानें, उर्वरक वितरण आदि शामिल हैं। इसके अलावा, बिहार में 5375 पैक्स कॉमन सेवा केंद्रों के रूप में कार्य कर रहे हैं, 2304 उर्वरक वितरण कर रहे हैं, 1696 को पीएम किसान समृद्धि केंद्र के रूप में अपग्रेड किया जा रहा है, 27 पैक्स पीएम जन औषधि केंद्र के रूप में काम कर रहे हैं और 450 पैक्स “सहकारिता में सहकार” अभियान के तहत राज्य सहकारी बैंकों (एसटीसीबी)/जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी) के बैंक मित्र के रूप में कार्यरत हैं।

 

देश में खाद्यान्न के लिए भंडारण क्षमता की कमी को दूर करने और विकेन्द्रीकृत वैज्ञानिक अन्न भंडारण अवसंरचना के निर्माण के लिए, सरकार ने 31 मई, 2023 को "सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना" की योजना को मंजूरी दी है, जिसे एक पायलट परियोजना के रूप में शुरू किया गया है। इस योजना में भारत सरकार की विभिन्न मौजूदा योजनाओं, जैसे कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ), कृषि विपणन अवसंरचना योजना (एएमआई), कृषि यांत्रिकीकरण पर उप मिशन (एसएमएएम), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के अभिसरण के माध्यम से पैक्स/अन्य सहकारी समितियों के स्तर पर गोदामों, कस्टम हाइरिंग सेंटरों, प्रसंस्करण इकाइयों, उचित मूल्य की दुकानों आदि सहित विभिन्न कृषि अवसंरचना का निर्माण इत्यादि शामिल है। इस योजना को इन स्कीमों के मौजूदा परिव्यय के माध्यम से कार्यान्वित किया जा रहा है और इसके लिए अलग से कोई बजट आबंटित नहीं किया गया है।

 

बिहार में, 1.045 एलएमटी की कुल भंडारण क्षमता वाले 9 जिलों में 36 पैक्स की पहचान की गई है। सभी पैक्स को डीसीडीसी में मंजूरी दे दी गई है और 27 पैक्स के लिए ऋण स्वीकृत किए गए हैं। बिहार राज्य भांडागारण निगम (बीएसडब्ल्यूसी) द्वारा सभी 36 पैक्स को हाइरिंग एश्योरेंस जारी किए गए हैं, जो परियोजना के लिए निर्माण एजेंसी के रूप में भी कार्य करेगा। राज्य से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 2024-2026 में गोदामों एवं राशि उपयोग का डाटा नीचे सारणी में दिया गया है।

वर्ष

स्वीकृत गोदामों की संख्या

भंडारण क्षमता (लाख मेट्रिक टन )

स्वीकृत राशि (करोड़ में )

उपलब्ध कराई गई राशि (करोड़ में )

निर्मित गोदामों की संख्या

निर्माणाधीन गोदामों की संख्या

2024-25

305

2.43

175.30

175.30

77

228

2025-26

278

2.49

180.19

180.19

6

272

 

बिहार सरकार ने पैक्स के माध्यम से धान की खरीद, पैक्स में भंडारण सुविधाओं का विकास, पैक्स की व्यवहार्यता में सुधार के लिए कस्टम हाइरिंग सेंटर, कॉमन सर्विस सेंटर, पीएम किसान समृद्धि केंद्र के रूप में पैक्स का संचालन, पैक्स कम्प्यूटरीकरण को लागू करने के लिए एक कॉमन ईआरपी सॉफ्टवेयर के माध्यम से पैक्स और सदस्यता अभियान के माध्यम से किसानों की पहुंच बढ़ाने जैसी पहल की है।

बिहार राज्य के लिए प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के कम्प्यूटरीकरण के लिए केन्द्रीय प्रायोजित परियोजना के अंतर्गत कुल स्वीकृत पैक्स 4477 हैं। इन स्वीकृत पैक्स में से 4474 पैक्स को ईआरपी सॉफ्टवेयर से जोड़ा गया है और जिनमें से 4465 पैक्स को ईपैक्स के रूप में घोषित किया गया है।

 

परियोजनाओं के तहत प्रदान किए गए ई-पैक्स (ईआरपी) सॉफ्टवेयर के संचालन के लिए पैक्स और केन्द्रीय जिला सहकारी बैंक के अधिकारियों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है, जिसका विवरण नीचे दिया गया है:

 

प्रशिक्षण का प्रकार

प्रतिभागियों को कवर किया गया

पैक्स अधिकारियों का 2 दिवसीय ईआरपी प्रशिक्षण

4421

02 सप्ताह एसआई हैंडहोल्डिंग समर्थन

4477

पैक्स लेखा परीक्षकों का पुनश्चर्या प्रशिक्षण

390

पुनश्चर्या प्रशिक्षण-2 दिवसीय ईआरपी-पैक्स अधिकारी

969

कुल

10257

 

सहकारिता मंत्रालय, नाबार्ड और सहकारी समितियों के पंजीयक (आरसीएस), बिहार राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय समितियों के अधीन नियमित निगरानी के माध्यम से बिहार में पैक्स डिजिटलीकरण की प्रगति की नियमित रूप से समीक्षा कर रहे हैं। राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में इस परियोजना की प्रगति की प्रभावी समीक्षा के लिए एक संरचित निगरानी ढांचा स्थापित किया गया है, जिसमें राष्ट्रीय स्तर की निगरानी और कार्यान्वयन समिति (एनएलएमआईसी), राज्य और जिला स्तरीय कार्यान्वयन और निगरानी समितियां (एसएलआईएमसी और डीएलआईएमसी), राज्य सहकारी विकास समिति (एससीडीसी) (मुख्य सचिव के अधीन) और जिला सहकारी विकास समिति (डीसीडीसी) (जिला कलेक्टर के अधीन) शामिल हैं। ये निकाय पैक्स कम्प्यूटरीकरण सहित सहकारी क्षेत्र की सभी पहलों का प्रभावी कार्यान्वयन, निरीक्षण और समन्वय सुनिश्चित करते हैं। राज्य में सहकारी क्षेत्र के कार्य-निष्पादन की समीक्षा करने के लिए राज्य में मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में राज्य सहकारी विकास समिति की बैठकें समय-समय पर आयोजित की जा रही हैं। एससीडीसी की पिछली बैठक 22 जनवरी 2026 को हुई थी।

 

आरसीएस अधिकारियों, बिहार राज्य सहकारी बैंक (एसटीसीबी) के अधिकारियों और पैक्स कम्प्यूटरीकरण परियोजना में शामिल अन्य प्रमुख हितधारकों की भागीदारी के साथ सभी जिलों सहित पूरे बिहार में साप्ताहिक समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं।

 

समीक्षा बैठकों के दौरान, डे-एंड की गतिविधियों को समय पर पूरा करने के लिए पैक्स के दैनिक डे-एंड के प्रदर्शन की बारीकी से निगरानी की जा रही है, जो पैक्स स्तर पर वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करता है।

 

यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

 

*******

AK/AP


(रिलीज़ आईडी: 2241951) आगंतुक पटल : 107
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu