कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
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पीएमकेवीवाई के परिणाम

प्रविष्टि तिथि: 18 MAR 2026 3:31PM by PIB Delhi

पिछले पाँच वर्षों (2020-21 से 2024-25) के दौरान प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के तहत प्रशिक्षित उम्मीदवारों की संख्या का वर्षवार और क्षेत्रवार ब्यौरा अनुबंध में दिया गया है।

पीएमकेवीवाई के तहत, वित्त वर्ष 2015-16 से वित्त वर्ष 2021-22 तक लागू की गई योजना के पहले तीन चरणों - पीएमकेवीवाई 1.0, पीएमकेवीवाई 2.0 और पीएमकेवीवाई 3.0 में अल्पकालिक प्रशिक्षण (एसटीटी) घटक में नियुक्तियों पर नज़र रखी गई थी। पीएमकेवीवाई 4.0, जो 2022 से लागू किया जा रहा है, जिसका उद्देश्‍य प्रशिक्षित उम्मीदवारों को ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (ओजेटी) के जरिए उनके विविध कैरियर अवसर चुनने के लिए सशक्त बनाना और उद्योग-संबंधित कौशल पाठ्यक्रमों के माध्यम से उन्हें उपयुक्त रूप से प्रशिक्षित करना है।

पीएमकेवीवाई के तहत, वित्त वर्ष 2020-21 से 2021-22 के लिए 7,42,022 उम्मीदवारों को अल्पकालिक प्रशिक्षण (एसटीटी) के अंतर्गत प्रमाणित किया गया, जिनमें से 3,80,264 उम्मीदवारों को रोजगार मिला, जो लगभग 51% है। रोजगार प्राप्त उम्मीदवारों में से 3,54,182 को वेतनभोगी कर्मचारी, 24,701 को स्वरोजगार और 1,381 को शिक्षुता प्राप्त हुई।

पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत, अशिक्षित उम्मीदवारों, स्कूल/कॉलेज छोड़ने वाले या बेरोजगार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान (एजेएनआईएफएम) द्वारा किए गए पीएमकेवीवाई 4.0 के एक स्वतंत्र तृतीय-पक्ष प्रभाव मूल्यांकन ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि पीएमकेवीवाई प्रशिक्षण ने एसटीटी उम्मीदवारों के रोजगार परिणामों में उल्लेखनीय सुधार लाने में योगदान दिया है। रोजगार प्राप्त और स्व-रोजगार प्राप्त एसटीटी उत्तरदाताओं का संयुक्त हिस्सा प्रशिक्षण से पहले 26.6% से बढ़कर पीएमकेवीवाई प्रशिक्षण के बाद 45.4% हो गया, जो 18.8 प्रतिशत अंकों की वृद्धि दर्शाता है। आय संबंधी परिणाम भी सकारात्मक बदलाव दिखाते हैं, जिसमें 41.4% एसटीटी उम्मीदवारों और 48.9% आरपीएल उम्मीदवारों ने प्रशिक्षण और प्रमाणन के बाद आय में वृद्धि की सूचना दी है।

सरकार ने पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत उद्योग संबंधों और रोजगार परिणामों को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। पीएमकेवीवाई के अंतर्गत पाठ्यक्रम उभरते क्षेत्रों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उद्योग-नेतृत्व वाली संस्थाओं द्वारा तैयार किए गए हैं। ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स, मेकाट्रॉनिक्स आदि जैसे उभरते क्षेत्रों और उद्योग 4.0 की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भविष्य के लिए तैयार जॉब रोल्स में प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। जिला कौशल समितियों (डीएससी) द्वारा जिला कौशल विकास योजनाएं (डीएसडीपी) तैयार की जाती हैं ताकि कौशल अंतराल का विश्लेषण किया जा सके और जिला स्तर पर उद्योग की मांग का आकलन किया जा सके, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि पीएमकेवीवाई प्रशिक्षण पाठ्यक्रम स्थानीय रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप हों।

इसके अलावा, रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए, स्किल इंडिया डिजिटल हब (सिद्ध) प्लेटफॉर्म को एक ऐसे प्लेटफॉर्म के रूप में लॉन्च किया गया है जो कौशल विकास, शिक्षा, रोजगार और उद्यमशीलता इको-सिस्टम को एकीकृत करता है और हितधारकों की एक विस्तृत श्रृंखला को लक्षित करते हुए आजीवन सेवाएं प्रदान करता है। प्रशिक्षित उम्मीदवारों का ब्यौरा सिद्ध पोर्टल पर उपलब्ध है ताकि वे संभावित नियोक्ताओं से जुड़ सकें। इसके अलावा, उम्मीदवार इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से नौकरियों और शिक्षुता के अवसरों तक पहुंच प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (ओजेटी) को पीएमकेवीवाई का एक अभिन्न घटक बनाया गया है। नियोक्ताओं और उम्मीदवारों के बीच सक्रिय संवाद सुनिश्चित करने के लिए, देश भर में कौशल महोत्सव आयोजित किए जाते हैं।

अनुबंध

18.03.2026 को पूछे जाने वाले राज्य सभा के अतारांकित प्रश्न संख्या 3008 के भाग (क) के उत्तर में उल्लिखित अनुबंध 

पिछले पांच वर्षों (2020-21 से 2024-25) के दौरान प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के तहत प्रशिक्षित उम्मीदवारों की संख्या का वर्षवार और क्षेत्रवार ब्यौरा।

क्र.सं.

क्षेत्र का नाम

वित्त वर्ष 2021

वित्त वर्ष 2122

वित्त वर्ष 2223

वित्त वर्ष 23-24

वित्त वर्ष 24-25

  1.  

एयरोस्पेस और विमानन

3,337

3,248

90

135

3,912

  1.  

कृषि

81,304

13,759

3,689

13,111

1,05,448

  1.  

परिधान

1,47,841

82,305

26,204

57,368

1,36,734

  1.  

ऑटोमोटिव

70,749

10,870

4,050

12,458

70,838

  1.  

सौंदर्य और स्वास्थ्य

36,886

19,425

11,597

33,319

1,23,042

  1.  

बीएफएसआई

3,815

521

-

1,882

3,743

  1.  

पूंजीगत वस्तुएँ

12,864

10,908

3,413

7,193

20,327

  1.  

निर्माण

1,20,687

31,803

7,477

13,276

52,475

  1.  

घरेलू कामगार

49,430

2,173

49

-

-

  1.  

इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर

1,63,743

70,159

31,806

58,193

4,83,115

  1.  

खाद्य प्रसंस्करण

65,621

7,022

727

11,072

44,538

  1.  

फर्नीचर और फिटिंग्स

17,982

5,941

20

5,307

3,805

  1.  

रत्न और आभूषण

9,774

5,971

21

4,237

5,886

  1.  

हरित नौकरियां

52,318

1,989

76

9,356

40,220

  1.  

हस्तशिल्प और कालीन

50,284

16,603

3,690

12,964

2,22,614

  1.  

स्वास्थ्य सेवाएँ

19,855

1,32,409

1,057

17,232

91,323

  1.  

हाइड्रोकार्बन

78,748

491

-

10,557

7,062

  1.  

इंस्ट्रूमेंटेशन ऑटोमेशन सर्विलांस और कम्युनिकेशन (आईएएससी)

4,264

-

-

4,126

11,459

  1.  

अवसंरचना उपकरण

4,519

4,608

-

1,462

2,569

  1.  

लोहा और इस्पात

5,382

6,057

1,140

5,911

16,454

  1.  

आईटी-आईटीईएस

60,717

33,491

37,514

75,270

178,345

  1.  

चमड़ा

43,545

5,769

614

7,368

13,069

  1.  

जीवन विज्ञान

6,761

5,126

3,234

4,903

19,788

  1.  

लॉजिस्टिक्स

1,97,975

23,489

11,067

18,604

28,323

  1.  

प्रबंधन

1,64,167

8,674

4,689

27,545

41,448

  1.  

मीडिया और मनोरंजन

57,345

11,805

4,548

22,755

93,295

  1.  

खनन

17,908

1,359

80

467

2,756

  1.  

पेंट और कोटिंग्स

14,365

4,103

35

-

-

  1.  

दिव्यांग जन*

8,276

138

-

-

1,216

  1.  

प्लंबिंग

25,032

6,115

1,122

4,913

6,361

  1.  

पावर

18,845

5,961

735

3,078

25,145

  1.  

खुदरा

85,285

23,091

140

743

9,609

  1.  

रबर

78,548

6,251

956

5,532

7,713

  1.  

खेल

19,791

14

206

2,298

3,591

  1.  

दूरसंचार

35,263

20,859

16,676

27,043

90,144

  1.  

वस्त्र और हथकरघा

73,500

8,243

85

5,628

16,557

  1.  

पर्यटन एवं आतिथ्य सत्कार

54,050

18,732

14,958

23,516

45,712

 

कुल

19,60,776

6,09,482

1,91,765

5,18,822

20,28,636

*विभिन्न क्षेत्रों के अंतर्गत प्रशिक्षित दिव्यांग जन

कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री जयन्‍त चौधरी ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी प्रदान की।

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पीके/केसी/डीवी

 


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