कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
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कौशल भारत कार्यक्रम के अंतर्गत जन शिक्षण संस्थान योजना

प्रविष्टि तिथि: 18 MAR 2026 3:33PM by PIB Delhi

स्किल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) योजना का उद्देश्य भारत सरकार के 100% अनुदान के साथ लाभार्थी के घर पर ही अनौपचारिक तरीके से कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना है। इस योजना का उद्देश्य कौशल विकास प्रशिक्षण के माध्यम से स्वरोजगार/मजदूरी रोजगार को बढ़ावा देकर घरेलू आय में वृद्धि करना है। इस योजना के लक्षित लाभार्थी 15-45 वर्ष आयु वर्ग के निरक्षर, बुनियादी स्तर की शिक्षा प्राप्त व्यक्ति और कक्षा 12वीं तक स्कूल छोड़ने वाले छात्र हैं। प्राथमिकता वाले समूह ग्रामीण क्षेत्रों और निम्न-आय वाले शहरी क्षेत्रों में महिलाएं (83%), अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक हैं।

वर्तमान में, 294 जेएसएस कार्यरत हैं और वित्त वर्ष 2022-23 से दिनांक 31 दिसंबर 2025 तक जेएसएस योजना के तहत कुल मिलाकर 20,09,774 लाभार्थियों को प्रशिक्षित किया गया है। पिछले तीन वर्षों के दौरान प्रशिक्षित लाभार्थियों का राज्यवार ब्‍यौरा अनुबंध-I में दिया गया है। चूंकि उपर्युक्त अनुबंध-I में ब्यौरा विस्तृत है, इसलिए इसे मंत्रालय की वेबसाइट https://www.msde.gov.in/documents?page=1 पर अपलोड किया गया है

प्रत्येक जेएसएस में एक आजीविका प्रकोष्ठ बनाया गया है, जिसका अध्यक्षता जेएसएस के कार्यक्रम अधिकारी द्वारा की जाती है और अन्य स्टाफ सदस्य उनका सहयोग करते हैं। यह प्रकोष्ठ प्रशिक्षित जेएसएस लाभार्थियों, विशेष रूप से महिला लाभार्थियों को स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी)/संयुक्त देयता समूहों (जेएलजी) से जोड़ता है ताकि उनके उद्यमशीलता और आजीविका को बढ़ावा दिया जा सके। आजीविका प्रकोष्ठ उन्हें आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए उपयुक्त राष्ट्रीय/राज्य पोर्टल से भी जोड़ता है, लाभार्थियों को बाजार की आवश्यकता के अनुसार संबंधित ट्रेड में स्वरोजगार/वेतन रोजगार शुरू करने में सक्षम बनाने के लिए परामर्श सहायता प्रदान करता है और जेएसएस लाभार्थियों, विशेष रूप से महिलाओं को वित्तीय सहायता/ऋण योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए नियोक्ताओं, बैंकों/सूक्ष्म वित्त संस्थानों/राज्य सरकारों के बीच एक सेतु का काम करता है।

इसके अलावा, क्षेत्रीय रूप से प्रासंगिक प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसरों को सुनिश्चित करने के लिए, स्थानीय मांग के आधार पर योजना के तहत  एनएसक्यूएफ-अनुरूप 51 जॉब रोल्स जिनमें नए युग की 28 जॉब रोल्स शामिल हैं, को अपनाया गया है। जेएसएस लाभार्थियों को जारी किए गए प्रमाण पत्र राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) के अनुरूप हैं, जिन पर स्किल इंडिया, जेएसएस और एनसीवीईटी के लोगो के साथ-साथ क्रेडिट जानकारी भी अंकित है, जिससे प्रमाणन की विश्वसनीयता और सुवाह्यता बढ़ती है। इससे लाभार्थियों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। जन शिक्षण संस्थान योजना के तहत राज्यवार वित्तीय आवंटन का ब्यौरा अनुबंध-II में दिया गया है। चूंकि उपर्युक्त अनुबंध-II में ब्यौरा बहुत विस्तृत है, इसलिए इसे मंत्रालय की वेबसाइट https://www.msde.gov.in/documents?page=1 पर अपलोड किया गया है।

अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान (एजेएनआईएफ़एम) द्वारा वर्ष 2025 में जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) योजना का  वर्ष 2021-2026 की अवधि के लिए तृतीय-पक्ष मूल्यांकन किया गया, जो लाभार्थियों के रोजगार और आय स्तर पर सकारात्मक प्रभाव दर्शाता है। मूल्यांकन में पाया गया कि प्रशिक्षित लाभार्थियों में से लगभग 82% प्रशिक्षण पूरा करने के छह महीने के भीतर लाभकारी रोजगार प्राप्त कर चुके थे, जबकि लगभग 90% ने अर्जित कौशलों का उपयोग आय सृजन गतिविधियों के लिए किया।

इसके अलावा, अध्ययन में लाभार्थियों की औसत मासिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई और साथ ही आत्मविश्वास, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता और आजीविका के अवसरों के लिए तत्परता में भी वृद्धि देखी गई। ये निष्कर्ष दर्शाते हैं कि योजना ने विशेष रूप से महिलाओं और सामाजिक-आर्थिक रूप से लाभवंचित/हाशिए पर रहने वाले  समूहों के बीच नियोजनीयता बढ़ाने, स्वरोजगार को बढ़ावा देने और परिवारों की आय में सुधार लाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयन्‍त चौधरी ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी प्रदान की।

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