सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत@2047’ एवं ‘वोकल फॉर लोकल’ विजन के अंतर्गत टोंक में मशीन एवं टूलकिट वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया
अध्यक्ष, केवीआईसी श्री मनोज कुमार ने ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत राजस्थान के 830 लाभार्थियों को 1248 मशीनें एवं टूलकिट वितरित किए
पिछले पाँच वर्षों में ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत राजस्थान में 6355 कारीगरों को 10291 मशीनें एवं टूलकिट प्रदान किए गए
राजस्थान में खादी विकास योजना के तहत 184 खादी संस्थाओं के माध्यम से 25014 कत्तिनों, बुनकरों और खादी कार्यकर्ताओं को रोजगार मिल रहा है
पिछले पाँच वर्षों में राजस्थान में पीएमईजीपी के तहत 9910 इकाइयों की स्थापना, 481 करोड़ रुपये से अधिक की मार्जिन मनी सहायता तथा 79,280 रोजगार सृजित किए गए
अध्यक्ष, केवीआईसी ने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान ने ग्रामीण क्षेत्र में ‘कारीगर क्रांति’ का सूत्रपात किया है, जिसके माध्यम से ‘मेक इन इंडिया’ के अंतर्गत स्थानीय खादी उत्पादों के निर्माण और बिक्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त किया है”
प्रविष्टि तिथि:
18 MAR 2026 8:49PM by PIB Jaipur
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विज़न के अनुसार ग्रामीण कौशल को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई), भारत सरकार ने बुधवार को राजस्थान के टोंक जिले के राजकीय विद्यालय प्रांगण, उनियारा में एक भव्य वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया। ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने 830 कारीगरों को 1248 मशीनें और टूलकिट प्रदान किए, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में राजस्थान के देवली-उनियारा विधानसभा सीट से विधायक श्री राजेंद्र गुर्जर उपस्थित रहे।
वितरित उपकरणों में 500 बी-बॉक्स, 400 विद्युत चालित चाक, 40 टर्नवुड मशीन, 20 इलेक्ट्रिशियन टूलकिट, 20 ए.सी रिपेयरिंग टूलकिट, 10 अगरबत्ती मशीन, 10 लेदर फुटवियर निर्माण मशीन, 100 फुटवियर रिपेयरिंग टूलकिट, 08 दोना पत्तल मेकिंग मशीन तथा 140 सिलाई मशीन शामिल हैं। ये उपकरण स्थानीय कौशल को उत्पादक उद्यम में रूपांतरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान ने ग्रामीण क्षेत्र में ‘कारीगर क्रांति’ का सूत्रपात किया है, जिसके माध्यम से ‘मेक इन इंडिया’ के अंतर्गत स्थानीय खादी उत्पादों की बिक्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त किया है। उन्होंने आगे कहा कि आज ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प के साथ खादी और ग्रामोद्योग भी उसी स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की भावना को आगे बढ़ा रहा है, जिसका स्वप्न पूज्य बापू ने ‘हिन्द स्वराज’ के रूप में देखा था।
अध्यक्ष ने बताया कि ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत राजस्थान में पिछले पाँच वर्षों के दौरान हनी मिशन, पॉटरी, फुटवियर, अगरबत्ती, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबिंग तथा अन्य गतिविधियों के माध्यम से निरंतर उपकरण वितरण किया गया है। इस अवधि में 6355 कारीगरों को लाभान्वित करते हुए 10291 मशीनें एवं टूलकिट प्रदान किए गए, जिससे उत्पादन क्षमता में वृद्धि और आय सृजन के अवसरों का विस्तार हुआ है। यह निरंतरता दर्शाती है कि योजना का उद्देश्य केवल वितरण नहीं, बल्कि दीर्घकालिक आर्थिक सशक्तिकरण है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राजस्थान में वर्तमान में जयपुर और बीकानेर कार्यालय की परिधि में 184 खादी संस्थाओं के माध्यम से 25,014 कत्तिनों, बुनकरों एवं खादी कार्यकर्ताओं को रोजगार प्राप्त हो रहा है, जो राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थिर आधार प्रदान कर रहा है। इसके अतिरिक्त, पिछले पाँच वर्षों के दौरान राजस्थान में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के अंतर्गत 9910 परियोजनाएँ स्थापित की गईं। इन इकाइयों को 481 करोड़ रुपये से अधिक की मार्जिन मनी सहायता प्रदान की गई, जिसके परिणामस्वरूप 79,280 लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए।
अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट मानना है कि भारत की वास्तविक शक्ति उसके गाँवों में निहित है और जब ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी तभी देश समग्र रूप से मजबूत बनेगा। इसी दृष्टि के अनुरूप खादी और ग्रामोद्योग आयोग ग्रामीण कारीगरों की पारंपरिक दक्षता को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, विपणन और बाजार से जोड़ने का कार्य कर रहा है, ताकि स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक पहचान मिल सके। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र ने अभूतपूर्व प्रगति करते हुए 1.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार दर्ज किया है और इस अवधि में 2 करोड़ से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था की बढ़ती ताकत का प्रमाण है।
कार्यक्रम में खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि, ग्रामोद्योग विकास योजना के लाभार्थी, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा केवीआईसी एवं राज्य कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


(रिलीज़ आईडी: 2242165)
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