विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
संसद प्रश्न: इंस्पायर योजना
प्रविष्टि तिथि:
18 MAR 2026 3:51PM by PIB Delhi
भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) की ‘इंस्पायर योजना’—इनोवेशन इन साइंस पर्स्यूट फॉर इंस्पायर्ड रिसर्च— एक राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य प्रतिभाशाली युवाओं को बुनियादी एवं प्राकृतिक विज्ञानों के अध्ययन के लिए आकर्षित करना तथा उन्हें इंजीनियरिंग, चिकित्सा, कृषि और पशु चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान करियर अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिससे देश के अनुसंधान एवं विकास आधार को सुदृढ़ किया जा सके। यह योजना विभिन्न शैक्षिक चरणों में अनेक घटकों के माध्यम से संचालित होती है। इंस्पायर-मानक (मिलियन माइंड्स ऑगमेंटिंग नेशनल एस्पिरेशन एंड नॉलेज) योजना कक्षा VI-XII में पढ़ने वाले 10-17 वर्ष के छात्रों को लक्षित करती है, जिसमें नवीन विचारों और वैज्ञानिक जिज्ञासा को प्रोत्साहित किया जाता है; विद्यालय ई-एमआईएएस पोर्टल के माध्यम से प्रतिवर्ष अधिकतम पांच छात्रों को नामांकित कर सकते हैं, और चयनित छात्रों को जिला, राज्य और राष्ट्रीय प्रदर्शनियों में अपनी परियोजनाओं को विकसित करने और प्रस्तुत करने के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से ₹10,000 प्राप्त होते हैं। इंस्पायर इंटर्नशिप, कक्षा 10 के बोर्ड स्तर के शीर्ष 1% छात्रों में से लगभग 50,000 छात्रों के लिए पाँच-दिवसीय आवासीय विज्ञान शिविर आयोजित करती है, जिससे उन्हें अग्रणी वैज्ञानिकों और नोबेल पुरस्कार विजेताओं के साथ बातचीत करने का अवसर मिलता है और उन्हें विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिलता है। उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति (एसएचई) 17-22 वर्ष की आयु के प्रतिभाशाली छात्रों को हर साल 12,000 छात्रवृत्तियाँ प्रदान करती है। इन छात्रवृत्तियों के तहत छात्रों को प्रति वर्ष ₹80,000 की राशि दी जाती है, ताकि वे बुनियादी और प्राकृतिक विज्ञान के क्षेत्रों में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर सकें; इसके साथ ही उन्हें मार्गदर्शन के अवसर भी उपलब्ध कराए जाते हैं। अनुसंधान स्तर पर, इंस्पायर फेलोशिप उन मेधावी छात्रों को सहायता प्रदान करती है जो पीएचडी कार्यक्रम कर रहे हैं; यह सहायता पाँच वर्षों तक जारी रहती है और इसमें सीएसआईआर-यूजीसी नेट के समकक्ष फेलोशिप दी जाती है (जेआरएफ के रूप में ₹37,000 प्रति माह और एसआरएफ के रूप में ₹42,000, साथ ही एचआरए और ₹20,000 प्रति वर्ष का आकस्मिक अनुदान)। इसके अलावा, इंस्पायर फैकल्टी फेलोशिप 27 से 32 वर्ष की आयु के शुरुआती करियर वाले पोस्ट-डॉक्टोरल शोधकर्ताओं को पांच साल की फेलोशिप प्रदान करती है, जिसमें उन्हें प्रति माह ₹1,25,000, वार्षिक वेतन वृद्धि और बुनियादी तथा अनुप्रयुक्त विज्ञान के क्षेत्र में अपना स्वतंत्र शोध करियर स्थापित करने के लिए ₹35 लाख का शोध अनुदान मिलता है। ये सभी घटक मिलकर स्कूल स्तर से लेकर उन्नत अनुसंधान तक वैज्ञानिक प्रतिभाओं के पोषण के लिए एक निरंतर मार्ग प्रशस्त करते हैं।
पिछले पांच वर्षों के दौरान इनोवेशन इन साइंस पर्स्यूट फॉर इंस्पायर्ड रिसर्च (इंस्पायर) योजना के तहत आवंटित/जारी/उपयोग की गई धनराशि का विवरण नीचे दिया गया है:
(रुपये करोड़ में)
|
कार्यक्रम/वित्तीय वर्ष
|
2021-22
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2022-23
|
2023-24
|
2024-25
|
2025-26 (दिनांक 12.03.2026 तक)
|
|
इंस्पायर-मानक
|
56.10
|
51.50
|
53.72
|
58.29
|
64.65
|
|
इंस्पायर -इंटर्नशिप
|
-
|
-
|
0.34
|
1.75
|
0.78
|
|
इंस्पायर- (एसएचई)
|
196.63
|
245.44
|
216.12
|
218.67
|
227.48
|
|
इंस्पायर फेलोशिप
|
160.05
|
109.00
|
140.36
|
129.01
|
223.21
|
|
इंस्पायर फैकल्टी फेलोशिप
|
86.57
|
47.44
|
47.17
|
35.31
|
76.06
|
ई-एमआईएएस (इंस्पायर अवार्ड्स स्कीम का ई-मैनेजमेंट) पोर्टल पर पंजीकृत विद्यालयों की संख्या, राज्य/केंद्र शासित प्रदेशवार, नीचे दी गई है:
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क्र. सं.
|
राज्य/केंद्र शासित प्रदेश
|
ई-एमआईएएस पर पंजीकृत विद्यालयों की कुल संख्या
|
|
1
|
अंडमान और निकोबार
|
247
|
|
2
|
आंध्र प्रदेश
|
21343
|
|
3
|
अरुणाचल प्रदेश
|
251
|
|
4
|
असम
|
6067
|
|
5
|
बिहार
|
45479
|
|
6
|
चंडीगढ़
|
227
|
|
7
|
छत्तीसगढ
|
34692
|
|
8
|
दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव
|
367
|
|
9
|
दिल्ली
|
2914
|
|
10
|
गोवा
|
573
|
|
11
|
गुजरात
|
35843
|
|
12
|
हरियाणा
|
12842
|
|
13
|
हिमाचल प्रदेश
|
7436
|
|
14
|
जम्मू और कश्मीर
|
16797
|
|
15
|
झारखंड
|
32242
|
|
16
|
कर्नाटक
|
78072
|
|
17
|
केंद्रीय विद्यालय संगठन
|
1237
|
|
18
|
केरल
|
6712
|
|
19
|
लद्दाख
|
500
|
|
20
|
लक्षद्वीप
|
67
|
|
21
|
मध्य प्रदेश
|
71671
|
|
22
|
महाराष्ट्र
|
24682
|
|
23
|
मणिपुर
|
280
|
|
24
|
मेघालय
|
1641
|
|
25
|
मिजोरम
|
2738
|
|
26
|
नगालैंड
|
1372
|
|
27
|
नवोदय विद्यालय समिति
|
617
|
|
28
|
ओडिशा
|
43821
|
|
29
|
पुदुचेरी
|
3093
|
|
30
|
पंजाब
|
22663
|
|
31
|
राजस्थान
|
57418
|
|
32
|
सिक्किम
|
3025
|
|
33
|
तमिलनाडु
|
35801
|
|
क्र. सं.
|
राज्य/केंद्र शासित प्रदेश
|
ई-एमआईएएस पर पंजीकृत विद्यालयों की कुल संख्या
|
|
34
|
तेलंगाना
|
19720
|
|
35
|
त्रिपुरा
|
5993
|
|
36
|
उत्तर प्रदेश
|
88842
|
|
37
|
उत्तराखंड
|
7441
|
|
38
|
पश्चिम बंगाल
|
3659
|
|
|
कुल
|
698385
|
उत्तर प्रदेश में कुल पंजीकृत विद्यालयों में से 73,873 सरकारी विद्यालय हैं।
पिछले पांच वर्षों में, देश भर के सरकारी स्कूलों के कुल 1,82,430 छात्रों को इंस्पायर–मिलियन माइंड्स ऑगमेंटिंग नेशनल एस्पिरेशन एंड नॉलेज (मानक) योजना के तहत पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। इन लाभार्थियों में से 10,988 छात्र उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों से हैं, जिन्हें अपनी नवोन्मेषी अवधारणाओं और परियोजनाओं को विकसित करने और प्रदर्शित करने के लिए इस योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है।
इंस्पायर-मानक योजना के तहत, उत्तर प्रदेश के 93 छात्रों के विचारों/परियोजनाओं को प्रोटोटाइप विकास के लिए धनराशि प्रदान की गई है। इन नवाचारों में से 10 विचारों/परियोजनाओं को पेटेंट आवेदन के लिए अनुशंसित किया गया है और इनमें से 3 पेटेंट आवेदनों को सफलतापूर्वक पेटेंट प्रदान किया गया है।
विभाग ने इंस्पायर-मानक योजना के तहत सरकारी स्कूलों, विशेष रूप से ग्रामीण और शैक्षिक रूप से पिछड़े जिलों के स्कूलों की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई पहलें की हैं। इनमें शिक्षकों, जिला नोडल अधिकारियों और अन्य हितधारकों के लिए ऑनलाइन मार्गदर्शन बैठकें और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना शामिल है। जागरूकता और भागीदारी को और मजबूत करने के लिए, विभाग ने मार्गदर्शन कार्यशालाओं का आयोजन किया है, स्कूलों को ऑडियो-विजुअल प्रचार सामग्री और ब्रोशर वितरित किए हैं, और नामांकन और मूल्यांकन की सुगमता के लिए क्लाउड-आधारित वेब पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन को चालू किया है। इसके अतिरिक्त, एक संरचित मार्गदर्शन और क्षमता-विकास प्रणाली विकसित किया गया है, जिसमें राज्य-स्तरीय पुरस्कार विजेताओं को नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (एनआईएफ) के सहयोग से आईआईटी, एनआईटी, आईआईएसईआर और केंद्रीय विश्वविद्यालयों जैसे प्रमुख संस्थानों में मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।
यह जानकारी विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/जीके
(रिलीज़ आईडी: 2242179)
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