स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
सरकार ने दंत चिकित्सा शिक्षा में परिवर्तन लाने और स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने के लिए राष्ट्रीय दंत आयोग का गठन किया
प्रविष्टि तिथि:
20 MAR 2026 1:52PM by PIB Delhi
भारत सरकार ने दंत चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने और इसे वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से किए गए एक महत्वपूर्ण सुधार के तहत, डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (डीसीआई) के स्थान पर राष्ट्रीय दंत आयोग (एनडीसी) और तीन स्वायत्त बोर्डों का गठन किया है। इस संबंध में अधिसूचनाएं 19 मार्च 2026 को जारी की गईं और एनडीसी की संरचना उसी तिथि से प्रभावी हो गई।
यह ऐतिहासिक सुधार एक पारदर्शी, गुणवत्ता-केंद्रित और जवाबदेह नियामक ढांचे की ओर निर्णायक बदलाव का प्रतीक है, जो पूर्ववर्ती निर्वाचित संरचना का स्थान लेगा। आयोग दंत चिकित्सा शिक्षा में आवश्यक और लंबे समय से प्रतीक्षित नियामक सुधारों को लागू करेगा और पूरे देश में किफायती मुंह संबंधी स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच को बढ़ाएगा।
प्रतिष्ठित पेशेवरों को आयोग और उसके बोर्डों का नेतृत्व करने के लिए नियुक्त किया गया है। आयोग के कामकाज में सहयोग के लिए तीन स्वायत्त निकायों का गठन किया गया है:
- स्नातक एवं स्नातकोत्तर दंत चिकित्सा शिक्षा बोर्ड – दंत चिकित्सा शिक्षा की देखरेख करेगा
- दंत मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड – प्रत्यायन और संस्थागत मूल्यांकन को विनियमित करेगा
- दंत चिकित्सा नैतिकता एवं पंजीकरण बोर्ड – दंत चिकित्सकों के पेशेवर आचरण और पंजीकरण को नियंत्रित करेगा
नियुक्ति
राष्ट्रीय दंत आयोग और इसके स्वायत्त बोर्डों में निम्नलिखित नियुक्तियों को मंजूरी दे दी गई है:
राष्ट्रीय दंत आयोग
- डॉ. संजय तिवारी – अध्यक्ष
- डॉ. मौसुमी गोस्वामी – अंशकालिक सदस्य
पूर्वस्नातक एवं स्नातकोत्तर दंत चिकित्सा शिक्षा बोर्ड
- डॉ. चन्द्रशेखर जानकीराम-अध्यक्ष
- डॉ. शैलेश माधव लेले - पूर्णकालिक सदस्य
- डॉ. नागराज एम. - अंशकालिक सदस्य
दंत संबंधी आकलन और रेटिंग बोर्ड
- लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) नंदा किशोर साहू – अध्यक्ष
- डॉ. हिमांशु ऐरन - पूर्णकालिक सदस्य
- डॉ. परिमाला त्यागी - अंशकालिक सदस्य
आचार नीति एवं दंत पंजीकरण बोर्ड
- लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) तापस कुमार बंद्योपाध्याय – पूर्णकालिक सदस्य
- डॉ. उषा हेगड़े – पूर्णकालिक सदस्य
- डॉ. स्वर्ग ज्योति दास - अंशकालिक सदस्य
श्री अरिंदम मोदक एनडीसी के सचिव के रूप में सचिवालय का नेतृत्व करेंगे।
राष्ट्रीय दंत आयोग के प्रमुख कार्य-
राष्ट्रीय दंत आयोग निम्नलिखित कार्य करेगा:
- अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के लिए नियम बनाएगा
- दंत चिकित्सा संस्थानों का मूल्यांकन और रेटिंग करेगा
- मानव संसाधनों का मूल्यांकन और दंत चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा देगा
- निजी दंत चिकित्सा महाविद्यालयों में शुल्क विनियमन के लिए दिशा-निर्देश तैयार करेगा
- सामुदायिक दंत चिकित्सा देखभाल, शिक्षा, अनुसंधान और पेशेवर आचार नीति के लिए मानक स्थापित करेगा
19 मार्च, 2026 से एनडीसी अधिनियम के लागू होने के साथ ही, दंत चिकित्सक अधिनियम, 1948 निरस्त हो गया और उसी तिथि से भारतीय दंत परिषद भंग हो गई।
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पीके/केसी/एसकेजे/एनजे
(रिलीज़ आईडी: 2242899)
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