औषधि विभाग
उत्तर दिनाजपुर में जन औषधि केंद्र
प्रविष्टि तिथि:
20 MAR 2026 2:57PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के अंतर्गत, पश्चिम बंगाल राज्य में 28.02.2026 तक कुल 894 जन औषधि केंद्र खोले गए हैं, जिनमें से 7 उत्तर दिनाजपुर जिले में हैं। हेमताबाद ब्लॉक में एक जन औषधि केंद्र कार्यरत है। वर्तमान में, पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के चोपड़ा ब्लॉक में कोई जन औषधि केंद्र कार्यरत नहीं है और वहां जन औषधि केंद्र खोलने के लिए कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।
सरकार ने जन औषधि केंद्र खोलने के लिए फ्रेंचाइजी मॉडल अपनाया है। इसके तहत व्यक्तिगत उद्यमियों, गैर-सरकारी संगठनों, समितियों, ट्रस्टों, फर्मों, निजी कंपनियों आदि से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। कोई भी व्यक्ति जिसके पास डी. फार्मा या बी. फार्मा की योग्यता है, चाहे वह स्वयं हो या कोई भी व्यक्ति या संगठन जिसने संबंधित राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण से दवा लाइसेंस प्राप्त करने के लिए फार्मासिस्ट के रूप में ऐसी योग्यता वाले व्यक्ति को नियुक्त किया हो, जन औषधि केंद्र खोलने के लिए पात्र है। पश्चिम बंगाल के दिनाजपुर जिले सहित देश के सभी जिलों से वेबसाइट www.janaushadhi.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं ।
पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले में पिछले तीन वर्षों के दौरान खोले गए जन औषधि केंद्रों द्वारा की गई बिक्री का वर्षवार विवरण निम्नलिखित है:
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क्र. सं.
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वित्तीय वर्ष
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कार्यरत जन औषधि केंद्र की सं.
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एमआरपी पर कुल बिक्री (लाख रुपये में)
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1
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2022-23
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3
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21
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2
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2023-24
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4
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25
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3
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2024-25
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4
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30
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जनऔषधि केंद्रों के माध्यम से आपूर्ति की जाने वाली सस्ती दवाओं के बारे में जागरूकता और उनकी उपलब्धता बढ़ाने के लिए, जनऔषधि दवाओं के लाभों के बारे में लक्षित जागरूकता अभियान नियमित रूप से चलाए जाते हैं।
- जागरूकता अभियान : पीएमबीजेपी की कार्यान्वयन एजेंसी - फार्मास्युटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो ऑफ इंडिया (पीएमबीआई) केंद्रीय संचार ब्यूरो, पीआईबी, मायगॉव और माय भारत जैसे मंचों के समन्वय से प्रिंट, टेलीविजन, रेडियो, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, आउटडोर होर्डिंग, सामुदायिक सहभागिता आदि जैसे विभिन्न माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाता है।
- इंटरैक्टिव संदेश/कॉल : जनऔषधि उत्पादों की गुणवत्ता और निकटतम जनऔषधि केंद्र से इन्हें खरीदने पर होने वाली भारी बचत के बारे में नागरिकों को सूचित करने के लिए व्हाट्सएप चैटबॉट और आउटबाउंड कॉल के माध्यम से भी जागरूकता अभियान चलाया जाता है और नागरिकों को उनसे जोड़ा जाता है।
- जन औषधि सप्ताह : जन औषधि सप्ताह प्रत्येक वर्ष मार्च के पहले सप्ताह में मनाया जाता है, जिसके दौरान जन औषधि जेनेरिक दवाओं के लाभों के बारे में नागरिकों, स्वास्थ्य पेशेवरों और अन्य हितधारकों को शिक्षित करने के लिए राष्ट्रव्यापी स्तर पर सार्वजनिक रैलियां, स्वास्थ्य शिविर, फार्मेसी कॉलेजों में सेमिनार, बच्चों की भागीदारी के कार्यक्रम आदि जैसे विशेष अभियान आयोजित किए जाते हैं।
- प्रख्यात व्यक्तियों के संदेश : जनऔषधि औषधियों के लाभों को उजागर करने और उनकी गुणवत्ता से संबंधित भ्रांतियों को दूर करने के लिए जन प्रतिनिधियों और प्रख्यात चिकित्सकों जैसे सुप्रसिद्ध व्यक्तियों के ऑडियो/वीडियो संदेश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किए जाते हैं।
- ग्रामीण क्षेत्रों में जन सहभागिता कार्यक्रम : नागरिकों को स्थानीय भाषाओं/बोलियों में शिक्षित करने के लिए, स्वास्थ्य शिविरों, नुक्कड़ नाटकों , सामान्य सेवा केंद्रों पर ऑडियोविजुअल प्रदर्शन और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय सार्वजनिक स्वास्थ्य संगठनों (जन औषधि केंद्र) के सहयोग से जन सहभागिता कार्यशालाओं के माध्यम से भी प्रचार किया जाता है।
रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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पीके/केसी/एसकेएस/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2242946)
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