औषधि विभाग
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सवाई माधोपुर में जन औषधि केंद्र

प्रविष्टि तिथि: 20 MAR 2026 2:59PM by PIB Delhi

रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज लोकसभा में लिखित उत्‍तर में बताया कि राजस्थान के सवाई माधोपुर संसदीय क्षेत्र के टोंक जिले में कुल 11 जन औषधि केंद्र और सवाई माधोपुर जिले में 13 जन औषधि केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों की स्थापना और संचालन भारतीय औषधि एवं चिकित्सा उपकरण ब्यूरो - पीएमबीआई से प्रारंभिक अनुमोदन और राज्य औषधि लाइसेंसिंग प्राधिकरणों से लाइसेंस प्राप्त करने के बाद किया जा रहा है।

पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान टोंक और सवाई माधोपुर जिलों में संचालित जन औषधि केंद्रों पर अधिकतम खुदरा मूल्य पर वार्षिक बिक्री (करोड़ रुपये में) निम्नानुसार है: (करोड़ रुपये में)

क्रम संख्या

वित्तीय वर्ष

टोंक

सवाई माधोपुर

1.

2023-24

0.07

0.47

2.

2024-25

0.20

0.66

3.

2025-26

(28.02.2026 तक)

0.18

0.62

 

आपूर्ति में किसी भी कमी दूर करने और जन औषधि केंद्र में सुचारू आपूर्ति और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निम्नलिखित उपाय किए गए हैं:

  1. सितंबर 2024 से, योजना के उत्पाद बास्केट में सबसे अधिक बिक्री वाली 100 दवाओं और बाजार में सबसे तेजी से बिकने वाली 100 दवाओं सहित  आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली 200 दवाओं का भंडार जन औषधि केंद्र में रखने को कहा गया है। जन औषधि केंद्र के मालिकों को दवाओं के स्टॉक के आधार पर मासिक प्रोत्साहन दिया जाता है।
  2. औषधि उपलब्‍धता और वितरण के लिए सूचना प्रौद्योगिकी-सक्षम आपूर्ति श्रृंखला प्रणाली स्थापित की गई है, जिसमें एक केंद्रीय भंडारण, चार क्षेत्रीय भंडार केंद्र और देश भर में वितरकों का व्‍यापक नेटवर्क शामिल है, जिनकी संख्या अभी 41 है।
  3. इसके अतिरिक्त, आम इस्तेमाल होने वाले दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने वाली संस्था फार्मास्युटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो ऑफ इंडिया है जो प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना लागू करने से संबंधित कार्यान्वयन एजेंसी है। इसका मुख्य कार्य देश भर में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराना है। वह तेजी से बिकने वाले 400 दवाओं की नियमित निगरानी और इनकी मांग का निरंतर पूर्वानुमान रखती है। इसके साथ ही, स्वचालित खरीद प्रक्रिया के लिए पूर्वानुमान पद्धति को डिजिटाइज़ करने के कदम उठाए गए हैं।

इसके अलावा, पिछड़े और दूरदराज के क्षेत्रों सहित देश भर में सस्ती दवाओं की व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए, सरकार ने मार्च 2027 के अंत तक देश में जन औषधि केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 25 हजार करने का लक्ष्य रखा है।

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पीके/केसी/एकेवी/एसके

 


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