वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
प्रधानमंत्री गतिशक्ति के तहत नेटवर्क योजना समूह की 110वीं बैठक में प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं का मूल्यांकन किया गया
एनपीजी ने रेल मंत्रालय, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय तथा सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की परियोजनाओं का मूल्यांकन किया
प्रविष्टि तिथि:
20 MAR 2026 7:44PM by PIB Delhi
अवसंरचना परियोजनाओं का मूल्यांकन करने के लिए नेटवर्क योजना समूह (एनपीजी) की 110वीं बैठक का आयोजन उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) में किया गया। बैठक का मुख्य ध्यान पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (पीएमजीएस एनएमपी) के अनुरूप मल्टीमॉडल परिवहन-संपर्क और लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने पर केंद्रित था। एनपीजी ने 02 रेल परियोजनाओं, 02 मेट्रो परियोजनाओं, 02 सड़क और राजमार्ग परियोजनाओं का मूल्यांकन किया, ताकि इन परियोजनाएँ को एकीकृत मल्टीमॉडल अवसंरचना, आर्थिक और सामाजिक के अंतिम मील तक पहुंच और 'संपूर्ण सरकार' दृष्टिकोण के पीएम गतिशक्ति सिद्धांतों के अनुरूप होना सुनिश्चित किया जा सके। इन पहलों से लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ने, यात्रा अवधि कम होने और परियोजना क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं के मूल्यांकन और संभावित प्रभाव का विवरण निम्नलिखित है:
अरक्कोणम से चेंगलपट्टू (तमिलनाडु) तक रेल लाइन का दोहरीकरण: रेल मंत्रालय ने तमिलनाडु में चेंगलपट्टू (सीजीएल) और अरक्कोणम (एजेजे) के बीच मौजूदा एकल ब्रॉड-गेज रेलवे लाइन के दोहरीकरण का प्रस्ताव रखा है। इस परियोजना के लिए रेल-लाइन लगभग 67.794 किलोमीटर लंबी है और चेंगलपट्टू, कांचीपुरम और रणिपेट जिलों से होकर गुजरती है, जो दक्षिण रेलवे के चेन्नई मंडल के प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र में आती हैं। यह मार्ग 12 स्टेशनों को कवर करता है, जिसमें चेंगलपट्टू और अरक्कोणम जंक्शन स्टेशन, पांच क्रॉसिंग स्टेशन और मार्ग में पांच हाल्ट स्टेशन शामिल हैं।
प्रस्तावित दोहरीकरण का उद्देश्य लाइन की क्षमता बढ़ाना, संचालन दक्षता में सुधार करना और इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर पर यात्री और माल यातायात की बेहतर आवाजाही सुनिश्चित करना है। इस परियोजना से भीड़ कम होने, विलंब घटने और क्षेत्रीय परिवहन संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र में आर्थिक वृद्धि और रेल सेवाओं में सुधार को समर्थन मिलेगा।
कर्नाटक के व्हाइटफ़ील्ड और बंगारपेट स्टेशनों के बीच प्रस्तावित चौगुनीकरण: रेल मंत्रालय ने कर्नाटक के व्हाइटफ़ील्ड और बंगारपेट स्टेशनों के बीच लगभग 47 किलोमीटर की दूरी पर डबल लाइन निर्माण का प्रस्ताव रखा है। व्हाइटफ़ील्ड–बंगारपेट खंड के प्रस्तावित चौगुनीकरण का उद्देश्य बेंगलुरु–चेन्नई गलियारे में लॉजिस्टिक्स दक्षता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाना है। इस योजना के तहत, मौजूदा डबल लाइन को यात्री सेवाओं के लिए प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि अतिरिक्त दो लाइनें मुख्य रूप से माल ढुलाई को संभालेंगी, देरी को कम करेंगी, समय की पाबंदी में सुधार करेंगी और कुल लाइन क्षमता को बढ़ाएंगी।
यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण गलियारा कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच महत्वपूर्ण अंतर-राज्य परिवहन संपर्क प्रदान करता है और माल ढुलाई के बड़े हिस्से का समर्थन करता है। इस परियोजना से परिवहन लागत कम होने की उम्मीद है और कंटेनर-युक्त एक्सिम कार्गो, इस्पात, सीमेंट, पेट्रोलियम उत्पाद, उर्वरक और कृषि उत्पादों के कुशल आवागमन को सुविधाजनक बनाने से भारतीय उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा मिलेगा। प्रमुख माल टर्मिनलों और साइडिंग के समर्थन से, यह पहल आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करेगी, लॉजिस्टिक संचालन को अनुकूलित करेगी और सतत औद्योगिक और क्षेत्रीय आर्थिक विकास में योगदान करेगी।
आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए)
मुंबई मेट्रो लाइन 11 (ऐनिक डिपो से गेटवे ऑफ इंडिया) (महाराष्ट्र): आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने महाराष्ट्र में ऐनिक डिपो से गेटवे ऑफ इंडिया तक मुंबई मेट्रो लाइन-11 के निर्माण का प्रस्ताव रखा है, जिसकी कुल लंबाई 17.41 किमी है। पूरी तरह से भूमिगत मेट्रो लाइन में कई इंटरचेंज स्टेशन होंगे जो चालू और आगामी मेट्रो लाइनों को जोड़ेंगे, और यह मुंबई महानगरीय क्षेत्र में लगभग 337 किमी के एकीकृत मेट्रो नेटवर्क को और मजबूत करेगा। इस नई लाइन से दक्षिण और मध्य मुंबई के प्रमुख आवासीय, वाणिज्यिक, संस्थागत और ऐतिहासिक क्षेत्रों जैसे वडाला, बायकुला, नागपाड़ा, क्रॉफर्ड मार्केट, सीएसएमटी, हॉर्निमन सर्कल और गेटवे ऑफ इंडिया को उच्च क्षमता वाली परिवहन सुविधा प्रदान करेगा।
इस परियोजना से सड़क पर भीड़ को कम करने और समग्र शहरी गतिशीलता को बढ़ाने के जरिये महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे यात्रा समय, वाहन संचालन लागत और ईंधन खपत में बचत होगी, साथ ही सड़क दुर्घटनाओं और वायु प्रदूषण स्तर में कमी लाने में भी योगदान मिलेगा। मेट्रो लाइन-11 के कार्यान्वयन से मुंबई के सार्वजनिक परिवहन अवसंरचना में पर्याप्त वृद्धि होगी और एक अधिक कुशल, टिकाऊ और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार शहरी परिवहन प्रणाली के विकास को समर्थन मिलेगा।
पुणे मेट्रो रेल परियोजना लाइन-4बी: हड़पसर-लोनी कालभोर और लाइन-4सी: हड़पसर बस डिपो से सासवड रोड (महाराष्ट्र): आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने महाराष्ट्र में पुणे मेट्रो लाइन–4 विस्तार (4बी और 4सी) के विकास का प्रस्ताव रखा है, जिसकी कुल लंबाई 16.67 किमी है। प्रस्तावित मेट्रो लाइनों का उद्देश्य पुणे–सोलापुर हाइवे और सासवाड रोड के मुख्य आवासीय, औद्योगिक और उभरते टाउनशिप क्षेत्रों, जिसमें हडपसर, मांजरी, लोणी कळभोर, फुर्सुंगी, भेकरी नगर और वडकी शामिल हैं, को जोड़ने के जरिये पुणे के पूर्व और दक्षिण-पूर्व क्षेत्रों में परिवहन-संपर्क को मजबूत करना है। लाइन–4बी (हड़पसर-लोनी कालभोर) पुणे–सोलापुर हाइवे के साथ चलेगी, जबकि लाइन–4सी (हड़पसर बस डिपो से सासवड रोड) सासवाड रोड के साथ चलेगी, जहाँ हड़पसर पर निर्बाध एकीकरण की सुविधा मिलेगी।
इस परियोजना से पुणे के सार्वजनिक परिवहन अंतःसंरचना में महत्वपूर्ण सुधार की अपेक्षा है, क्योंकि यह प्रमुख बस डिपो और पुणे–दौंड रेलवे लाइन के साथ परिवहन को बेहतर बनाएगी। इन विस्तारों से शहरी आवागमन में आसानी होगी, सड़क पर भीड़ कम होगी और यात्रा अवधि में कमी आयेगी, साथ ही वाहन उत्सर्जन कम करने में भी योगदान मिलेगा। यह पहल सतत शहरी विकास का समर्थन करेगी और विस्तृत होते महानगरीय क्षेत्र के लिए कुशल, विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन विकल्प प्रदान करेगी।
सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच)
बदनावर बाईपास से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (एनई-4) के तिमरवानी इंटरचेंज तक बदनावर-पेटलावद-थांदला-तिमरवानी मार्ग के 4-लेन निर्माण का कार्य (मध्य प्रदेश): सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मध्य प्रदेश में 80.450 किमी लंबे बदनावर–पेटलावद–थांदला–तिमरवानी कॉरिडोर की चार लेन का प्रस्ताव रखा है ताकि क्षेत्रीय संपर्क को बेहतर बनाया जा सके और आर्थिक एकीकरण को मजबूत किया जा सके। उन्नत राजमार्ग बदनावर, पेटलावद और थांदला को उज्जैन, देवास, भोपाल, इंदौर, रतलाम, दाहोद और गोधरा जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ने में सुधार करेगा, जिससे आवश्यक सेवाओं, बाजारों और रोजगार के अवसरों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी।
यह परियोजना धार जिले के डोट्रिया गांव के पास पीएम मित्र (प्रधानमंत्री मेगा एकीकृत वस्त्र क्षेत्र और परिधान) पार्क से निर्बाध परिवहन सुविधा प्रदान करेगी, साथ ही दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे और पिथमपुर लॉजिस्टिक्स हब तक बेहतर पहुंच भी प्रदान करेगी। उन्नत कॉरिडोर से औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलने, माल ढुलाई की दक्षता में सुधार होने और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद है।
एनएच-1 (लद्दाख) पर फोटू ला सुरंग और उसके आवागमन मार्ग का निर्माण: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश में 2.65 किलोमीटर लंबी फोटू ला सुरंग का निर्माण प्रस्तावित किया है, ताकि श्रीनगर-लेह कॉरिडोर (एनएच-01) पर विश्वसनीय, सभी मौसम में परिवहन संपर्क सुनिश्चित किया जा सके। यह सुरंग उच्च और सबसे मौसम-संवेदनशील मार्गों में से एक को बायपास करेगी, जिससे भारी बर्फबारी, हिमस्खलन और ब्लैक आइस के कारण सर्दियों में बार-बार होने वाले मार्ग बंद होने को रोका जा सके। इस परियोजना से यात्रा दूरी लगभग 8.5 किलोमीटर कम होने और यात्रा अवधि लगभग 23 मिनट घटने की उम्मीद है, जिससे सुरक्षा और संचालन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण, यह सुरंग रक्षा दल और आवश्यक आपूर्ति के निर्बाध परिवहन की सुविधा प्रदान करेगी, इस महत्वपूर्ण मार्ग पर लॉजिस्टिक्स को मजबूत करेगी। यह लेह, कारगिल और श्रीनगर के बीच स्थिर संपर्क सुनिश्चित करके सामाजिक-आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगी, जिससे कारगिल, खाल्तसी, बुधखरबू, लामायुरु और लेह जैसे प्रमुख स्थानों को लाभ होगा। साल भर पहुंच सुविधा से लेह एयरपोर्ट तक परिवहन-संपर्क में सुधार होगा, दूरदराज के निवासियों को समर्थन मिलेगा और देश के अन्य हिस्सों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखकर लद्दाख में सतत आर्थिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।
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पीके / केसी / जेके
(रिलीज़ आईडी: 2243222)
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