स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय
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अनुसंधान के लिए जारी बजट पर अद्यतन स्थिति


चिकित्सा अनुसंधान और अवसंरचना विकास को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2025-26 में 144.07 करोड़ रुपये वितरित किए गए

अनुसंधान अवसंरचना और निदान को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग द्वारा प्रमुख योजनाओं के अंतर्गत रणनीतिक आवंटन किया गया

प्रविष्टि तिथि: 23 MAR 2026 12:45PM by PIB Delhi

भारत में स्वास्थ्य अनुसंधान, स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (डीएचआर) के साथ-साथ अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईएमएस) जैसे संस्थान इसमें योगदान देते हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार के अन्य विभागों जैसे जैव प्रौद्योगिकी विभाग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन सहित), वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग, औषधि विभाग और परमाणु ऊर्जा विभाग द्वारा अनुसंधान किया जाता है। देश में स्वास्थ्य अनुसंधान पर होने वाले व्यय को पूरा करने के लिए सार्वजनिक निधि ही प्रमुख स्रोत बनी हुई है।

 

स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग ने वर्ष 2025-26 के दौरान विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और सरकारी अस्पतालों को अनुसंधान अवसंरचना के विकास और अनुसंधान कार्यों के लिए 144.07 करोड़ रुपये जारी किए हैं। विभिन्न योजनाओं के तहत वर्ष के दौरान जारी की गई धनराशि इस प्रकार है:

योजना का नाम

राशि (करोड़ में)

वायरल अनुसंधान और निदान प्रयोगशालाएं (वीआरडीएल)

52.81

बहु-विषयक अनुसंधान इकाई (एमआरयू)

61.99

भारत में स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी मूल्यांकन (एचटीएइन)

6.89

डीएचआर-आईसीएमआर एडवांस्ड मॉलिक्यूलर ऑन्कोलॉजी डायग्नोस्टिक सर्विसेज (डीआईएएमऑनडीएस)

17.15

दिशा-निर्देश केंद्र

5.23

 

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज लोकसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/एचएन/एचबी


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