स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
टेली-मानस पर अपडेट
टेली-मानस का राष्ट्रव्यापी विस्तार: 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 53 प्रकोष्ठ कार्यरत, 20 भाषाओं में सहायता उपलब्ध
टेली-मानस हेल्पलाइन के माध्यम से 34.34 लाख से अधिक कॉल प्राप्त हुए और उनका समाधान किया गया
प्रविष्टि तिथि:
23 MAR 2026 12:44PM by PIB Delhi
देश में गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और देखभाल सेवाओं तक पहुंच को और बेहतर बनाने के लिए सरकार ने 10 अक्टूबर, 2022 को "राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम" शुरू किया। 3 मार्च, 2026 तक, 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने 53 टेली मानस प्रकोष्ठ स्थापित किए हैं। टेली मानस सेवाएं राज्यों द्वारा चुनी गई भाषा के आधार पर 20 भाषाओं में उपलब्ध हैं। स्थापना के बाद से हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से अब तक 34.34 लाख से अधिक कॉल का समाधान किया जा चुका है।
सरकार ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (10 अक्टूबर, 2024) के अवसर पर टेलीमानस मोबाइल एप्लिकेशन भी लॉन्च किया है। टेलीमानस मोबाइल एप्लिकेशन एक व्यापक मोबाइल प्लेटफॉर्म है जिसे मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए सहायता प्रदान करने हेतु विकसित किया गया है। गैर-आपातकालीन व्यक्तिगत सेवाओं के तहत 47,487 लोगों को रेफर किया गया, जबकि 9,590 व्यक्तियों को विस्तृत नैदानिक मूल्यांकन के लिए भेजा गया। साथ ही, विशेषज्ञ देखभाल प्रदान करने के उद्देश्य से मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों (एमएचपी) को 19,135 रेफरल किए गए। इसके अतिरिक्त, स्थानीय स्तर पर निरंतर सहायता के लिए 1,319 व्यक्तियों को जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (डीएमएचपी) में भेजा गया। बहु-विषयक ध्यान की आवश्यकता वाले मामलों के लिए 10,240 व्यक्तियों को चिकित्सा या शल्य चिकित्सा विशेषज्ञों के पास भेजा गया। गंभीर मानसिक स्वास्थ्य संकटों के मामले में, 5,083 तत्काल रेफरल मनोरोग अस्पतालों के आपातकालीन विभागों में किए गए जबकि 345 मरीजों को बेहतर नैदानिक प्रबंधन के लिए मेडिकल कॉलेजों और तृतीयक अस्पतालों में भेजा गया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरकेएसके) किशोर-हितैषी स्वास्थ्य क्लीनिक (एएफएचसी), सहकर्मी शिक्षा कार्यक्रम और किशोर स्वास्थ्य एवं कल्याण दिवस (एएच एंड डब्ल्यूडी) जैसी पहलों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर जागरूकता पैदा करता है तथा परामर्श सेवाएं प्रदान करता है। सहकर्मी प्रशिक्षक समुदाय में 15-20 लड़कों और लड़कियों के समूह बनाते हैं और मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण सहित किशोर स्वास्थ्य पर साप्ताहिक एक से दो घंटे के सहभागी सत्र आयोजित करते हैं। आरकेएसके के अंतर्गत, मानसिक स्वास्थ्य रणनीति का एक अभिन्न अंग है और इसमें किशोर मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सामान्य मुद्दों और उनके प्रबंधन पर चिकित्सा अधिकारियों, एएनएम और परामर्शदाताओं का प्रशिक्षण शामिल है।
शिक्षा मंत्रालय की पहल ‘मनोदर्पण’, छात्रों, शिक्षकों और परिवारों को ऑनलाइन मंच के माध्यम से मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करती है, जिसमें परामर्श, ऑडियो-विजुअल संसाधन और भावनात्मक कल्याण पर मार्गदर्शन शामिल है। सहयोग और परिचर्चा जैसे संवादात्मक सत्र छात्रों को शैक्षणिक तनाव और भावनात्मक चुनौतियों से निपटने में मदद करते हैं।
आयुष्मान भारत अंतर्गत स्कूल स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत "भावनात्मक कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य" को एक समर्पित मॉड्यूल के रूप में शामिल किया गया है। स्वास्थ्य एवं कल्याण राजदूतों (शिक्षकों) को कार्यक्रम के अन्य विषयगत क्षेत्रों के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी प्रशिक्षण दिया जाता है। वे छात्रों के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित करते हैं और साप्ताहिक सत्रों के माध्यम से आनंददायक वातावरण में शिक्षण को बढ़ावा देते हुए संदेशों का प्रसार करते हैं।
टेली मानस की टीमों ने स्कूलों, कॉलेजों, छात्रावासों, आईटीआई, विश्वविद्यालयों, गैर-सरकारी संगठनों, वृद्धाश्रमों, अनाथालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, कार्यस्थलों और पेशेवर सभाओं में अनेक जागरूकता सत्र और प्रचार गतिविधियां आयोजित की हैं। भारतीय रेलवे के लोको पायलटों और उनके परिवारों, आरक्षित पुलिस कर्मियों, आयकर अधिकारियों, नर्सिंग और समाज कार्य के छात्रों और परामर्शदाताओं के लिए विशेष पहल की गई हैं, जिनमें इस अवधि के दौरान कई हजार प्रतिभागियों को शामिल किया गया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने आज लोकसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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पीके/केसी/बीयू/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2243849)
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