सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय
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केवीआईसी द्वारा मंडला में मशीनरी एवं टूलकिट वितरण कार्यक्रम आयोजित


340 लाभार्थियों को 740 मशीनें एवं टूलकिट वितरित

प्रविष्टि तिथि: 23 MAR 2026 2:49PM by PIB Bhopal

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत@2047’, ‘वोकल फॉर लोकल’ तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को साकार करने की दिशा में खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश के मंडला में ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत मशीनरी, टूलकिट एवं प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन रानी दुर्गावती शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में किया गया, जिसमें केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न ग्रामोद्योग गतिविधियों से जुड़े 340 कारीगरों को कुल 740 आधुनिक मशीनें एवं टूलकिट वितरित किए।

वितरित उपकरणों में कुम्हार सशक्तिकरण कार्यक्रम के अंतर्गत 140 विद्युत चालित चाक, हनी मिशन के अंतर्गत 500 मधुमक्खी बॉक्स (वर्चुअल माध्यम से), टर्नवुड क्राफ्ट हेतु 20 मशीनें, पेपर मेशी के लिए 2 सेट, पेपर प्लेट एवं दोना निर्माण हेतु 4 सेट मशीनें, 10 फुटवियर निर्माण मशीनें, 20 ऑटोमैटिक अगरबत्ती मशीनें, 4 सेट कच्ची घानी तेल मशीनें, 20 पॉपकॉर्न मशीनें तथा 20 प्लंबर टूलकिट शामिल हैं।

अपने संबोधन में केवीआईसी के अध्यक्ष  मनोज कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ‘विकसित भारत’ का विजन महात्मा गांधी के ‘स्वदेशी’ और ‘ग्राम स्वराज’ के विचारों का आधुनिक रूप है। उन्होंने कहा कि ‘हर घर स्वदेशी’ का भाव अब जन-आंदोलन बनता जा रहा है और खादी एवं ग्रामोद्योग इस परिवर्तन के प्रमुख वाहक हैं। उन्होंने बताया कि पिछले पाँच वर्षों में मध्यप्रदेश में ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत 3924 से अधिक मशीनें एवं टूलकिट वितरित किए गए हैं, जिससे लगभग 1294 कारीगरों को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ है।

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के अंतर्गत राज्य में पिछले पाँच वर्षों में 26,216 इकाइयों की स्थापना की गई है, जिनके लिए 778 करोड़ रुपये से अधिक की मार्जिन मनी सहायता प्रदान की गई तथा 2,09,992 से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं।

खादी क्षेत्र में भी राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। वर्तमान में राज्य कार्यालय भोपाल के अंतर्गत 21 खादी संस्थाओं के माध्यम से लगभग 3000 कारीगर कार्यरत हैं। पिछले पाँच वर्षों में 69.63 करोड़ रुपये का उत्पादन तथा 119.13 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री दर्ज की गई है। अध्यक्ष ने कहा कि खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र ने वैश्विक स्तर पर नई पहचान बनाई है और यह केवल आर्थिक विकास ही नहीं, बल्कि सामाजिक एवं सांस्कृतिक पुनर्जागरण का भी प्रतीक है। कार्यक्रम में खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि, कारीगर, प्रशिक्षार्थी, बैंक प्रतिनिधि तथा केवीआईसी एवं राज्य सरकार के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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(रिलीज़ आईडी: 2243872) आगंतुक पटल : 37