कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
पीएम सेतु के अंतर्गत आईटीआई का उन्नयन
प्रविष्टि तिथि:
23 MAR 2026 4:46PM by PIB Delhi
उन्नत आईटीआई के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल विकास और रोजगार योग्यता परिवर्तन (पीएम-सेतु) योजना के तहत देश में उन्नत प्रयोगशालाओं, मशीनों तथा उद्योग-अनुरूप पाठ्यक्रमों के माध्यम से व्यावसायिक प्रशिक्षण की समग्र गुणवत्ता और प्रासंगिकता को सुदृढ़ करने की परिकल्पना की गई है।
इस योजना के मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं:
- औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) तथा राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) में प्रशिक्षण प्रदान करने की गुणवत्ता में सुधार करना।
- उद्योग मानकों के अनुरूप अवसंरचना तथा उपकरणों का आधुनिकीकरण करना।
- विशेष रूप से नए एवं उभरते क्षेत्रों में उद्योग-अनुरूप दीर्घकालिक एवं अल्पकालिक पाठ्यक्रमों की शुरुआत करना।
- मांग-आधारित कौशल विकास तथा बेहतर रोजगार परिणामों के लिए उद्योग के साथ संपर्क को सुदृढ़ करना।
- प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण हेतु राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) की क्षमता में वृद्धि करना।
यह योजना निम्नलिखित दो घटकों से मिलकर बनी है:
- घटक–I – हब एवं स्पोक मॉडल के अंतर्गत 1,000 राजकीय आईटीआई (200 हब आईटीआई एवं 800 स्पोक आईटीआई) का उन्नयन। इस उन्नयन में स्मार्ट कक्षाओं की स्थापना, आधुनिक प्रयोगशालाओं का विकास, डिजिटल शिक्षण सामग्री तथा उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप नए पाठ्यक्रम का प्रारम्भ शामिल हैं।
- घटक–II – भुवनेश्वर, चेन्नई, हैदराबाद, कानपुर तथा लुधियाना स्थित पाँच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) की क्षमता वृद्धि करना, जिसके अंतर्गत कौशल विकास के लिए क्षेत्र-विशिष्ट राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रोंकी स्थापना करते हुए तथा वैश्विक साझेदारी के साथ प्रशिक्षकों के उन्नत प्रशिक्षण पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा।
उन्नत आईटीआई के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल विकास और रोजगार योग्यता परिवर्तन योजना (पीएम-सेतु) एक केंद्र प्रायोजित योजना है,जिसकी कुल परिव्यय ₹60,000 करोड़ (केंद्रीय हिस्सेदारी ₹30,000 करोड़, राज्य हिस्सेदारी: ₹20,000 करोड़ तथा उद्योग हिस्सेदारी: ₹10,000 करोड़) है। इसमें केंद्रीय हिस्सेदारी का 50% तक सह-वित्तपोषण एशियाई विकास बैंक और विश्व बैंक द्वारा समान रूप से किया जाएगा।
पीएम-सेतु योजना के अंतर्गत आईटीआई का चयन संबंधित राज्य/संघ राज्य क्षेत्र सरकारों द्वारा उद्योग के साथ परामर्श करके किया जाता है, ताकि उभरती कौशल आवश्यकताओं तथा स्थानीय औद्योगिक संभावनाओं के साथ समुचित सामंजस्य सुनिश्चित किया जा सके। तदनुसार, राज्य/संघ राज्य क्षेत्रों को उद्योग साझेदारों के सहयोग से उन्नयन हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने होते हैं।कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) ने योजना के लिए समग्र दृष्टिकोण प्रदान करने, व्यापक नीतिगत दिशा निर्धारित करने, प्रचालन दिशा-निर्देशों को अंतिम रूप देने, निगरानी करने तथा आवश्यकतानुसार सुधारात्मक उपाय करने के उद्देश्य से सचिव, एमएसडीई की अध्यक्षता में राष्ट्रीय संचालन समिति (एनएससी) का गठन किया है, जो इस योजना की शीर्ष स्तर की निकाय है। इसी प्रकार, 32 राज्य/संघ राज्य क्षेत्रों ने अपने-अपने स्तर पर राज्य संचालन समिति (एसएससी) का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता संबंधित राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के मुख्य सचिव द्वारा की जाती जो समिति राज्य/संघ राज्य क्षेत्र स्तर पर योजना के कार्यान्वयन का मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण करने वाली शीर्ष निकाय है। 19 राज्य/संघ राज्य क्षेत्रों ने उद्योगों की अभिरुचि आमंत्रित करने के लिए अपने प्रस्ताव जारी किए हैं। उद्योग साझेदार के चयन तथा विशेष प्रयोजन साधन (एसपीवी) के गठन के प्रयोजनार्थ उद्योग द्वारा प्रस्ताव अनुरोध (आरएफ़पी) के प्रत्युत्तर में एक कार्यनीतिक निवेश योजना (एसआईपी) प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है।
इस योजना के अंतर्गत प्रगति काअनुवीक्षण छह (06) वितरण-संबद्ध संकेतक (डीएलआई) के माध्यम से की जाती है, जिनका समय-समय पर स्वतंत्र तृतीय पक्ष द्वारा सत्यापन किया जाता है। इस सत्यापन कार्य हेतु भारतीय प्रबंधन संस्थान, इंदौर को नियुक्त किया गया है।
डीएलआई निम्नलिखित हैं:
- डीएलआई #1: समर्थित आईटीआई के उत्तीर्ण प्रशिक्षुओं के रोजगार परिणामों में सुधार हुआ।
- II. डीएलआई #2: समर्थित आईटीआई में बेहतर गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों तक की सुलभता में वृद्धि हुई।
- डीएलआई #3: समर्थित आईटीआई के शासन तथा प्रबंधन को सुदृढ़ करना।
- IV. डीएलआई #4: आईटीआई इकोसिस्टम हेतु अनुकूल वातावरण के लिए राज्य स्तरीय शासन एवं नेतृत्व को सुदृढ़ करना किया गया।
- डीएलआई #5: एनएसटीआई में प्रशिक्षण की गुणवत्ता में वृद्धि हुई।
- VI. डीएलआई #6: राष्ट्रीय स्तर पर शासन एवं नेतृत्व सुदृढ़ हुआ।
(ङ) कर्नाटक राज्य सरकार ने पीएम-सेतु योजना के अंतर्गत दो क्लस्टर अभिचिन्हित किए हैंजिनमें हब आईटीआई बेंगलुरु एवं कलबुर्गी जिलों में स्थित हैं। कर्नाटक राज्य द्वारा उद्योग प्रस्ताव आमंत्रित करने हेतु अभिरुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) जारी की गई है। वर्तमान में, राज्य से प्राप्त कोई भी प्रस्ताव अथवा कार्यनीतिक निवेश योजना (एसआईपी) एनएससी के समक्ष विचारार्थ या अनुमोदनार्थ लंबित नहीं है।बेंगलुरु शहरी और बेंगलुरु ग्रामीण क्षेत्रों में चयनित आईटीआई का विवरण नीचे दिया गया है:
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राज्य
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जिला
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हब/स्पोक
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आईटीआई का नाम
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कर्नाटक
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बेंगलुरु
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हब
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राजकीय आईटीआई पीन्या, तुमकुर रोड
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कर्नाटक
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बेंगलुरु
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स्पोक
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राजकीय आईटीआई, बी.टी. केंद्र, तुमकुर रोड, बेंगलुरु
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कर्नाटक
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बेंगलुरु
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स्पोक
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राजकीय आईटीआई, डोम्लुर, बेंगलुरु
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कर्नाटक
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बेंगलुरु
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स्पोक
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राजकीय आईटीआई, होसुर रोड, बेंगलुरु
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कर्नाटक
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बेंगलुरु ग्रामीण जिला
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स्पोक
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राजकीय आईटीआई, देवनहल्ली
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यह जानकारी कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयंत चौधरी ने आज लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।
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पीके/ केसी/ केजे
(रिलीज़ आईडी: 2244133)
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