जनजातीय कार्य मंत्रालय
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत स्थापित प्रकोष्ठों का विस्तार
प्रविष्टि तिथि:
23 MAR 2026 2:15PM by PIB Delhi
केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने आज लोकसभा में बताया कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 2 अक्टूबर, 2024 को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का शुभारंभ किया था। इस अभियान में 17 संबंधित मंत्रालयों द्वारा कार्यान्वित 25 पहल शामिल हैं जिनका उद्देश्य 30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 549 जिलों और 2,911 प्रखंडों में बुनियादी अवसंरना की कमियां दूर करना है।
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 20 राज्य स्तरीय जनजातीय कल्याण प्रकोष्ठों के साथ ही 443 जिला स्तरीय जनजातीय कल्याण प्रकोष्ठों का प्रावधान किया गया है। ये प्रकोष्ठ एकीकृत परियोजना निगरानी इकाई के तौर पर कार्य करेंगे, जिनका उद्देश्य वन अधिकारों के दावों की प्रक्रिया तेज करना, रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण करना और जनजातीय नीतियों को सुव्यवस्थित करना है।
जनजातीय कार्य मंत्रालय ने इस अभियान से संबंधित सभी राज्यों और जिलों में वन अधिकार अधिनियम संबंधी गतिविधियों की निगरानी के लिए एकीकृत परियोजना निगरानी इकाई स्थापित करने का निर्णय लिया है, जिसमें वन अधिकार अधिनियम विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। प्रस्तावित संरचना के तहत, राज्य स्तर पर चार विशेषज्ञों की नियुक्ति का विचार है जिनमें आजीविका विशेषज्ञ, वन अधिकार अधिनियम विशेषज्ञ, आदिवासी समुदायों के लिए डिजिटल डेटा प्रबंधन, मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग के लिए जिम्मेदार मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम विशेषज्ञ और परियोजना सहयोगी शामिल हैं। जिला स्तर पर वन अधिकार अधिनियम विशेषज्ञ तथा मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम विशेषज्ञ का प्रावधान है। ये इकाईयां एकल स्थल परियोजना निगरानी इकाईयों के तौर पर कार्य करेंगी ताकि गतिविधियों की प्रभावी निगरानी और समन्वय सुगम बनाया जा सके और राज्यों और जिलों में जनजातीय कार्य मंत्रालय की नीति कार्यान्वयन में सहयोग मिल सके।
जनजातीय कार्य मंत्रालय अपनी समीक्षा बैठकों में एकीकृत परियोजना निगरानी इकाई के कार्यान्वयन पर राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करता रहा है। इन बैठकों में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के प्रश्नों के समाधान और जनजातीय संसाधन प्रकोष्ठों को प्रस्तावित एकीकृत परियोजना निगरानी इकाइयों के साथ संरेखित और एकीकृत करने पर भी एक सत्र संचालित किया गया।
***
पीके/केसी/एकेवी/पीके
(रिलीज़ आईडी: 2244179)
आगंतुक पटल : 82