खान मंत्रालय
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केंद्रीय मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने राष्ट्रीय जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) शिखर सम्मेलन की शुरुआत की; दो दिवसीय राष्ट्रीय डीएमएफ शिखर सम्मेलन का शुभारंभ किया गया

प्रविष्टि तिथि: 23 MAR 2026 9:15PM by PIB Delhi

आज नई दिल्ली के स्कोप कन्वेंशन सेंटर में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने दो दिवसीय राष्ट्रीय जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) शिखर सम्मेलन 2026 का उद्घाटन किया। शिखर सम्मेलन के दौरान श्री रेड्डी ने एक प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया, जिसमें विभिन्न राज्यों के प्रभावशाली उपक्रमों और सफलता की कहानियों को प्रदर्शित किया गया। इसमें खनन प्रभावित क्षेत्रों में डीएमएफ की परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डाला गया।

खान मंत्रालय के सचिव श्री पीयूष गोयल की उपस्थिति में आज दो दिवसीय राष्ट्रीय डीएमएफ शिखर सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। इसमें स्थायी और समावेशी विकास के लिए डीएमएफ निधि के प्रभावी उपयोग पर विचार-विमर्श करने के लिए प्रमुख हितधारक एक साथ आए।

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अपने संबोधन में श्री जी. किशन रेड्डी ने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय समाज का देश के प्राकृतिक संसाधनों में महत्वपूर्ण योगदान है और उन्हें उचित लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने खनन प्रभावित क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण, आजीविका की बहाली और समग्र विकास को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया।

खान मंत्रालय के सचिव श्री पीयूष गोयल ने इस बात पर प्रकाश डाला कि चालू वित्त वर्ष में लगभग 200 खनन ब्लॉकों की नीलामी की गई है, जो इस क्षेत्र में चल रहे सुधारों को दर्शाता है। इनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज के अंतिम लाभार्थी तक योजना का लाभ पहुंचे।

'आकांक्षी जिला कार्यक्रम (एडीपी) और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (एबीपी) क्षेत्रों के लिए जिला खनिज आधार निधि का प्रभावी उपयोग' विषय पर आधारित यह शिखर सम्मेलन तालमेल, पारदर्शिता और निगरानी के माध्यम से परिणामोन्मुखी उपयोग को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।

पंचायती राज मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री सुशील कुमार लोहानी ने पंचायत उन्नति सूचकांक पोर्टल पर प्रकाश डाला, जो सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप नौ विषयों में 435 संकेतकों के माध्यम से डेटा-संचालित शासन को सक्षम बनाता है।

नीति आयोग के अतिरिक्त सचिव श्री रोहित कुमार ने आकांक्षी क्षेत्रों को प्रेरणादायक क्षेत्रों में बदलने के लिए '3सी' - तालमेल(अभिसरण), सहयोग, प्रतिस्पर्धा और '3एफ' - फंड(निधि), फंक्शन (कार्य), फंक्शनरीज (पदाधिकारी) को प्रमुख चालक के रूप में रेखांकित किया।

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पहले दिन के दौरान महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और झारखंड राज्यों ने सर्वोत्तम कार्यप्रणाली को साझा किया, जिसमें अभिसरण, संतृप्ति-आधारित कार्यान्वयन और विकासात्मक प्रभाव को अधिकतम करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

इस शिखर सम्मेलन से भागीदारों के बीच समन्वय मजबूत होने और समावेशी एवं स्थायी विकास के लिए डीएमएफ निधि के प्रभावी उपयोग को बढ़ाने की उम्मीद है।

इस कार्यक्रम के साथ आयोजित प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मेघालय, राजस्थान, कर्नाटक और तमिलनाडु राज्यों के डीएमएफ लाभार्थियों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री ने उनसे संवाद भी किया।

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पीके/केसी/आरकेजे


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