जनजातीय कार्य मंत्रालय
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जनजातीय समुदाय के लिए कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व के अंतर्गत कल्याणकारी योजनाएं

प्रविष्टि तिथि: 25 MAR 2026 2:22PM by PIB Delhi

केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने आज राज्यसभा को  बताया कि कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व-सीएसआर के लिए वैधानिक ढांचा कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 135, अधिनियम की अनुसूची VII और कंपनी सीएसआर नीति नियम, 2014 द्वारा प्रदान किया गया है। प्रत्येक सीएसआर 500 ​​करोड़ रुपये या उससे अधिक की शुद्ध संपत्ति वाली कंपनी  या 1000 करोड़ रुपये या उससे अधिक या पिछले वित्तीय वर्ष शुद्ध लाभ 5 करोड़ रुपये या उससे अधिक कारोबार की कंपनी सुनिश्चित करती है कि वह प्रत्येक वित्तीय वर्ष में, पिछले तीन वित्तीय वर्षों के औसत शुद्ध लाभ का कम से कम 2 प्रतिशत अधिनियम की अनुसूची VII में निर्दिष्ट क्षेत्रों या विषयों पर व्‍यय करे। अधिनियम की अनुसूची VII में उन गतिविधियों की सूची दी गई है जिन्हें कंपनियां कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व के रूप में कर सकती हैं।

अधिनियम की धारा 135 (5) के पहले प्रावधान के अनुसार कंपनी को अपने परिचालन क्षेत्र और उसके आसपास के क्षेत्रों को प्राथमिकता देनी होगी। हालांकि, स्थानीय क्षेत्र पर जोर निर्देशात्मक है, अनिवार्य नहीं। कंपनियों को स्थानीय क्षेत्र की प्राथमिकता और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के बीच संतुलन रखना चाहिए।

कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व के अंतर्गत कंपनियों द्वारा एमसीए21 रजिस्ट्री में दर्ज राज्यवार, जिलावार, वर्षवार और कंपनीवार आंकड़े सहित सीएसआर के सभी आंकड़े सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध हैं और इन्हें www.csr.gov.in पर देखा जा सकता है। एमसीए21 रजिस्ट्री में कंपनियों द्वारा दर्ज वार्षिक रिपोर्ट के आधार पर, वित्त वर्ष 2021-22 से वित्त वर्ष 2023-24 तक भारत में क्षेत्रवार विकास में सीएसआर व्यय का विवरण अनुलग्नक में प्रस्‍तुत है।

सीएसआर बोर्ड-संचालित प्रक्रिया है और कंपनी के निदेशक मंडल को अधिनियम की अनुसूची VII में निर्दिष्ट क्षेत्रों या विषयों में सीएसआर गतिविधियों की योजना बनाने, निर्णय लेने, निष्पादित करने और निगरानी का अधिकार है, जो उसकी सीएसआर समिति की सिफारिश पर आधारित है।

अनुलग्नक

अनुलग्नक (कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार) विकास क्षेत्रवार सीएसआर व्यय वित्तीय वर्ष 2021-22 से वित्तीय वर्ष 2023-24

(राशि रुपये करोड़ में)

क्र.सं.

विकास क्षेत्र

वित्तीय वर्ष 2021-22

वित्तीय वर्ष 2022-23

वित्तीय वर्ष 2023-24

1.

कृषि वानिकी

35.52

67.28

74.47

2.

पशु कल्याण

174.35

325.44

531.14

3.

सशस्त्र बल, पूर्व सैनिक, युद्ध विधवाएं/आश्रित

47.65

63.63

68.04

4.

कला और संस्कृति

260.39

449.21

704.04

5.

स्वच्छ गंगा कोष

55.46

46.15

62.96

6.

प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण

274.90

584.65

423.47

7.

शिक्षा

6,719.89

10,414.93

12,134.57

8.

पर्यावरणीय स्थिरता

2,441.82

2,008.04

2,429.97

9.

लैंगिक समानता

104.97

121.15

204.17

10.

स्वास्थ्य देखभाल

8,049.49

7,023.60

7,150.87

11

आजीविका संवर्धन परियोजनाएं

880.50

1,703.64

2,360.09

12.

अन्य केंद्रीय सरकारी कोष

313.14

187.70

208.14

13.

गरीबी, भूख उन्मूलन, कुपोषण

1,903.78

1,282.73

1,233.93

14.

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष

1,229.35

855.23

589.61

15.

ग्रामीण विकास परियोजनाएं

1,847.07

2,059.41

2,408.09

16.

सुरक्षित पेयजल

192.34

252.78

327.45

17.

स्वच्छता

314.53

438.81

375.23

18.

वरिष्ठ नागरिकों का कल्याण

80.34

153.91

159.82

19.

महिलाओं के लिए आवास और छात्रावास स्थापित करना

101.00

49.50

41.30

20.

अनाथालय की स्थापना

27.54

44.99

31.57

21.

झुग्गी क्षेत्र विकास

58.38

94.22

38.82

22.

सामाजिक-आर्थिक समानताएं

165.30

159.19

200.81

23.

विशेष शिक्षा

191.08

319.50

396.57

24.

स्वच्छ भारत कोष

35.05

56.69

140.12

 

25.

प्रौद्योगिकी इनक्यूबेटर

8.57

1.48

1.91

26.

खेलों को बढ़ावा देने के प्रशिक्षण

311.71

542.53

692.09

27.

व्यावसायिक कौशल

1,053.80

1,206.75

1,396.55

28.

महिला सशक्तिकरण

264.94

417.26

454.23

29.

*एनईसी/उल्लेख नहीं किया गया

16.59

6.65

68.32

 

कुल

27,141.45

30,932.08

34,908.75

 

(31.03.2025 तक का डेटा) (स्रोत: कॉर्पोरेट डेटा प्रबंधन प्रकोष्‍ठ)

*कंपनियों ने या तो क्षेत्रों के नाम निर्दिष्ट नहीं किए या आरंभ की गई एक से अधिक क्षेत्रों  की परियोजनाओं का उल्‍लेख किया।

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पीके/केसी/एकेवी/जीआरएस


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