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बिहार में सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना

प्रविष्टि तिथि: 25 MAR 2026 4:54PM by PIB Delhi

बिहार राज्य से प्राप्त सूचना के अनुसार, इस योजना के अधीन कुल 36 प्राथमिक कृषि क्रेडिट समितियों (पैक्‍स) की पहचान की गई है और संबंधित जिला सहकारी विकास समिति (डीसीडीसी) द्वारा अनुमोदित की गई है ।

बिहार राज्य ने सूचित किया है कि पटना जिले में विश्व की सबसे बड़ी अन्‍न भंडारण योजना के अधीन पैक्स की पहचान की जानी है । 

सहकारिता के क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अन्‍न भंडारण योजना को भारत सरकार की विभिन्न मौजूदा योजनाओं, जैसे कृषि अवसंरचना निधि (एआईएफ), कृषि विपणन अवसंरचना योजना (एएमआई), कृषि यांत्रिकीकरण पर उपमिशन (एसएमएएम), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्‍नयन योजना (पीएमएफएमई), आदि के अभिसरण के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही है । 36 अनुमोदित पैक्स की कुल अनुमानित परियोजना लागत 104.3 करोड़ रुपये है । कृषि विपणन अवसंरचना (एएमआई) योजना के अधीन खाद्यान्न भंडारण के निर्माण के लिए पैक्स को कुल परियोजना लागत पर 33% सब्सिडी दी जाती है । इसके अतिरिक्त, आंतरिक सड़कों, तौलपुलों, चाहरदीवारी, आदि जैसी सहायक अवसंरचना के लिए कुल स्वीकार्य सब्सिडी का 1/3 (एक तिहाई) अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान करने का भी प्रावधान किया गया है । इसके अलावा, एआईएफ योजना के अधीन गोदामों के निर्माण के लिए पैक्स को लिए गए ऋण पर ब्याज अनुदान का लाभ दिया जाता है ।

इस योजना में सहभागी सहकारी समितियों पर वित्तीय बोझ को कम करने के लिए नाबार्ड की विशेष पुनर्वित्त योजना का भी उपयोग किया जाता है। एआईएफ के अधीन उपलब्ध 3% ब्याज अनुदान के साथ मिलकर, विश्व की सबसे बड़ी अन्‍न भंडारण योजना के अधीन पैक्स के लिए प्रभावी ऋण ब्याज दर घटकर 1% हो जाती है ।

बिहार राज्य के अनुसार विश्व की सबसे बड़ी अन्‍न भंडारण योजना के अधीन संबंधित जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों और बिहार राज्य सहकारी बैंक द्वारा अब तक 71.63 करोड़ रुपये की ऋण राशि संस्वीकृत की गई है।

बिहार राज्य ने सूचित किया है कि उसने पहले ही पैक्‍स स्तर पर भंडारण क्षमता सृजित करने की आवश्यकता का आकलन कर लिया है और तदनुसार, राज्य सरकार की योजना के अधीन अब तक कुल 7,286 गोदामों का निर्माण किया गया है जिससे 17.47 लाख मीट्रिक टन की भंडारण क्षमता का सृजन हुआ है । राज्य सरकार की योजना के अधीन वर्ष 2025-26 के दौरान पैक्स और व्यापारी मंडलों के लिए 278 गोदाम स्वीकृत किए गए हैं और गोदामों के निर्माण के लिए 180.20 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं ।

ग्राम/पैक्स स्तर पर विकेंद्रीकृत भंडारण से खेतों के समीप वैज्ञानिक भंडारण की सुविधा मिलने और हैंडलिंग को न्यूनतम करने के परिणामस्वरूप, फसलोत्तर नुकसान में उल्‍लेखनीय कमी होने का अनुमान है I स्थानीयकृत भंडारण से दूरस्‍थ भांडागारों या मंडियों में बार-बार आवाजाही को कम करके परिवहन दूरी और संबंधित लागत को भी घटाता है I कुल मिलाकर  ये उपाय किसानों के लिए मूल्य प्राप्ति में सुधार करते हैं, आपूर्ति-श्रृंखला दक्षता बढ़ाते हैं और खाद्य सुरक्षा परिणामों को सशक्त करते हैं ।

यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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AK/AP


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