इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय
सरकार संप्रभु आधारभूत मॉडल विकसित करने के लिए संगठनों एवं संघों को सहायता प्रदान करती है
कम्प्यूट उपयोग लागत को कवर करने के लिए संतुलित तरीके से वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
इंडियाएआई स्टार्टअप्स ग्लोबल कार्यक्रम के अंतर्गत 10 भारतीय एआई स्टार्टअप का चयन किया गया है; यह कार्यक्रम वैश्विक नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र तक पहुंच बनाने एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार करने में सहायता प्रदान करता है
प्रविष्टि तिथि:
25 MAR 2026 3:59PM by PIB Delhi
भारत की एआई रणनीति माननीय प्रधानमंत्री के प्रौद्योगिकी के उपयोग को लोकतांत्रिक बनाने के दृष्टिकोण पर आधारित है। इसका उद्देश्य भारत-केंद्रित चुनौतियों का समाधान करना और सभी भारतीयों के लिए आर्थिक एवं रोजगार के अवसर उत्पन्न करना है।
इंडियाएआई मिशन:
2024 में, सरकार ने देश के विकास लक्ष्यों के अनुरूप एक मजबूत एवं समावेशी एआई पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने के लिए इंडियाएआई मिशन की शुरुआत की।
इंडियाएआई मिशन का उद्देश्य सात मौलिक स्तंभों पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता में वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करना है।
भारत के मूलभूत मॉडल का विकास
सरकार संप्रभु आधारभूत मॉडल विकसित करने के लिए बारह संगठनों एवं संघों को सहायता प्रदान कर रही है।
इनमें सर्वम एआई, सोकेट एआई, ज्ञानी एआई, गन एआई, अवतार एआई, आईआईटी बॉम्बे कंसोर्टियम (भारतजेन), जेनलूप, ज़ेनटीक, इंटेलीहेल्थ, शोध एआई, फ्रैक्टल एनालिटिक्स लिमिटेड और टेक महिंद्रा मेकर लैब शामिल हैं।
कंप्यूटर उपयोग की लागत को कवर करने के लिए संतुलित तरीके से वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
सर्वम एआई, भारतजेन और ज्ञानी के संप्रभु मॉडल इंडियाएआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान लॉन्च किए गए। इन मॉडलों ने इंडिक भाषा बेंचमार्क पर मजबूत प्रदर्शन किया है और कुछ मामलों में विशिष्ट कार्यों पर अग्रणी मॉडलों से भी बेहतर प्रदर्शन किया है।
इन मॉडलों के विकसित होने से उम्मीद है कि एआईकोश प्लेटफॉर्म के माध्यम से अन्य स्टार्टअप और शोधकर्ताओं को उपलब्ध कराकर ओपन-सोर्स पारिस्थितिकी तंत्र में योगदान देंगे। इससे भारत के स्टार्टअप और शोध समुदाय में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
इसी तहत, सर्वम और भारतजेन मॉडल अब एआईकोश प्लेटफॉर्म पर डेवलपर समुदाय के लिए एआई आधारित एप्लिकेशन विकसित करने के लिए उपलब्ध हैं।
एआई विकास के लिए किफायती कंप्यूट क्षमता:
सरकार भारतीय स्टार्टअप और अकादमिक संस्थानों को रियायती दरों पर जीपीयू उपलब्ध करा रही है। आज तक, इंडियाएआई कंप्यूट कैपेसिटी फ्रेमवर्क के अंतर्गत सूचीबद्ध 14 सेवा प्रदाताओं के 38,231 जीपीयू को शामिल किया जा चुका है।
भारत सरकार इन जीपीयू तक रियायती दरों पर पहुंच उपलब्ध कराती है। चुनिंदा उच्च-स्तरीय जीपीयू को छोड़कर, औसत दर लगभग 65 रुपये प्रति जीपीयू प्रति घंटा है।
कंप्यूटिंग के अलावा, सूचीबद्ध प्रदाता स्टोरेज, नेटवर्किंग, एआई प्लेटफॉर्म और एआई मॉडल के विकास एवं तैनाती के लिए आवश्यक अन्य सहायक सेवाएं भी प्रदान कर रहे हैं।
भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक अवसर प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना:
इंडियाएआई स्टार्टअप्स ग्लोबल कार्यक्रम की शुरुआत स्टेशन एफ (पेरिस) और एचईसी पेरिस के सहयोग से की गई। इस कार्यक्रम के अंतर्गत, 10 भारतीय एआई स्टार्टअप्स का चयन किया गया है और उन्हें यूरोपीय बाजार में विस्तार करने के लिए सहायता प्रदान की गई है। विवरण अनुलग्नक-I में उपलब्ध हैं।
यह भारतीय एआई स्टार्टअप्स को वैश्विक नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र तक पहुंचने एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में विस्तार करने में सहायता प्रदान करता है। ये स्टार्टअप्स पहले से ही शासन, स्मार्ट शहर, दस्तावेज़ बुद्धिमत्ता और उद्यम स्वचालन जैसे क्षेत्रों में अभिनव समाधान विकसित कर रहे हैं।
उनका काम भारतीय एआई स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र की बढ़ती परिपक्वता एवं व्यावहारिक, तैनाती के लिए तैयार समाधान बनाने की उसकी क्षमता को उजागर करता है।
एआई अनुप्रयोगों का विकास:
इसके अलावा, इंडियाएआई मिशन के अंतर्गत, भारत-विशिष्ट समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए 30 आवेदनों का चयन किया गया है। ये आवेदन कृषि, स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन एवं प्राकृतिक आपदा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित हैं।
अन्य विभागों/मंत्रालयों के साथ सहयोग:
विशिष्ट क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए एआई समाधानों के विकास को ज्यादा प्रोत्साहित करने के लिए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी), भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, आयुष मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, एनएफआरए और राष्ट्रीय कैंसर ग्रिड (एनसीजी) के साथ मिलकर क्षेत्र-विशिष्ट हैकथॉन एवं नवाचार चैलेंज का आयोजन भी किया गया है।
इन हैकथॉन और नवाचार चैलेंज से 10 स्टार्टअप की पहचान की गई है ताकि समाधानों को बड़े पैमाने पर लागू किया जा सके।
एआई उत्कृष्टता केंद्र:
सरकार राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों और उद्योग भागीदारों के सहयोगात्मक मॉडल के अंतर्गत कृत्रिम बुद्धिमत्ता उत्कृष्टता केंद्र (एआई-सीओई) स्थापित कर रही है। इन केंद्रों का उद्देश्य उभरते तकनीकी क्षेत्रों में लक्षित प्रतिभा विकास कार्यक्रमों के माध्यम से कुशल पेशेवरों को तैयार करना है।
इसके अलावा, गेमिंग/वीएफएक्स, एआर/वीआर, ब्लॉकचेन, आईओटी सहित उभरती प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर 7 उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए गए हैं।
जिम्मेदार एवं सुरक्षित एआई:
शासन एवं शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में जिम्मेदार और नैतिक एआई को बढ़ावा देने के लिए कई पहलें की गई हैं। जिनके विवरण निम्न प्रकार हैं:
- एआई की सुरक्षा, संरक्षा एवं विभिन्न हितधारकों के साथ विश्वास विकसित करने के लिए इंडियाएआई सेफ्टी इंस्टीट्यूट की स्थापना।
- शिक्षा जगत, स्टार्टअप, उद्योग एवं सरकारी निकायों सहित विभिन्न हितधारक हब-एंड-स्पोक मॉडल के माध्यम से जुड़ते हैं।
- मशीन लर्निंग, एआई बायस मिटिगेशन, प्राइवेसी-एन्हांसिंग टूल्स, एआई गवर्नेंस टेस्टिंग आदि को कवर करने वाली 13 जिम्मेदार एआई परियोजनाएं चल रही हैं।
भारत में एआई अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाना:
सरकार 500 पीएचडी फेलो, 5,000 स्नातकोत्तर और 8,000 स्नातक छात्रों को सहायता प्रदान करके एआई प्रतिभा एवं अनुसंधान का एक व्यापक आधार विकसित कर रही है।
एनआईईएलआईटी के माध्यम से टियर-2 और टियर-3 शहरों में 27 इंडियाएआई डेटा और एआई लैब स्थापित किए गए हैं, जहां एआई, डेटा क्यूरेशन, एनोटेशन, क्लीनिंग एवं एप्लाइड डेटा साइंस में पाठ्यक्रम चलाए जाते हैं।
सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित 543 आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों को अतिरिक्त इंडियाएआई डेटा और एआई लैब स्थापित करने की मंजूरी प्रदान की गई है।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए 250 से अधिक फैलोशिप प्रदान की जा चुकी हैं।
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Annexure-I
The final list of 10 Startups for the IndiaAI Startups Global Program - Paris:
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Sr. No.
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Startup Name
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Area of Work
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1
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PrivaSapien Technologies
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Responsible AI with privacy engineering and privacy-enhancing technologies
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2
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CoRover.ai
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Conversational Gen AI platform for contextual, domain-specific human-like responses
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3
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Staqu Technologies (Jarvis)
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AI-powered audio-video analytics for surveillance, security, and governance
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4
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SatSure Analytics
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Earth Observation using satellite imagery and AI for decision intelligence
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5
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Storyvord
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AI-based video content generation from product URLs and brand context
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6
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VolarAlta
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Drone-based AI solutions for industrial inspections
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7
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Smartail
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AI-powered edtech platform for immersive learning and real-time assessment
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8
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Secure Blink
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AI-driven cybersecurity with proactive DevSecOps posture management
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9
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NeuroPixel.AI
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AI-enabled ultra-fast image editing for fashion and e-commerce
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10
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Voicing AI
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Agentic AI platform for enterprise-grade intelligent voice agents
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यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने आज लोकसभा में दी।
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पीके/केसी/एके
(रिलीज़ आईडी: 2245239)
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